उत्तर प्रदेश में शिक्षक भर्ती की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण अपडेट है। प्रदेश के अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) माध्यमिक विद्यालयों से संबद्ध प्राइमरी अनुभागों में कक्षा 1 से 5 तक के शिक्षकों की भर्ती के लिए अब अध्यापक पात्रता परीक्षा (TET) पास करना अनिवार्य कर दिया गया है। इससे पहले इन पदों पर भर्ती के लिए TET की अनिवार्यता नहीं थी। नए नियमों के तहत होने वाली आगामी भर्तियों में अभ्यर्थियों को पात्रता की इन शर्तों को पूरा करना होगा।
नियमों में बदलाव का सबसे बड़ा असर उन अभ्यर्थियों पर होगा, जो एडेड स्कूलों के संबद्ध प्राइमरी सेक्शन में शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे हैं। अब उन्हें शिक्षक भर्ती की प्रक्रिया में शामिल होने से पहले TET उत्तीर्ण करना होगा। इससे TET की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए इन पदों पर भर्ती का रास्ता स्पष्ट हुआ है, लेकिन बिना TET वाले उम्मीदवारों के लिए पात्रता की बाधा बढ़ गई है।
क्या हैं नए नियम
नए नियम के अनुसार, प्राइमरी शिक्षक पद के लिए अभ्यर्थी के पास मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या संस्था से स्नातक की डिग्री होनी चाहिए। इसके साथ ही राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) से मान्यता प्राप्त BTC या D.El.Ed की योग्यता भी जरूरी होगी। इसके अलावा संबंधित अभ्यर्थी का TET उत्तीर्ण होना अनिवार्य होगा। यानी केवल स्नातक और D.El.Ed/BTC की डिग्री होने से ही शिक्षक भर्ती के लिए आवेदन करने की पात्रता नहीं मिलेगी।
प्रवक्ता भर्ती में भी बदलाव
PGT यानी प्रवक्ता भर्ती के लिए भी परास्नातक में न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक की शर्त लागू करने की दिशा में नियमावली में संशोधन का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। प्रदेश में TGT के 17,740 और PGT के 2,615 पदों का अधियाचन चयन आयोग को भेजा जा चुका है।
प्रधानाचार्य भर्ती में भी बदलाव
इंटरमीडिएट स्तर के प्रधानाचार्य पद के लिए परास्नातक में कम से कम 50 प्रतिशत अंक और B.Ed जरूरी होंगे। हाईस्कूल स्तर के प्रधानाध्यापक पद के लिए भी PG में 50 प्रतिशत अंक की शर्त रखी गई है। B.Ed के साथ B.P.Ed अभ्यर्थियों को भी पात्र माना जाएगा।
