UP Teacher Recruitment: उत्तर प्रदेश में सरकारी शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खबर है। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) जनवरी से फरवरी 2027 तक करीब 25 से 30 हजार शिक्षकों और शैक्षणिक पदों पर भर्ती प्रक्रिया पूरी करने की तैयारी में है। आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार ने इसकी जानकारी दी है। भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने के साथ फर्जी शैक्षणिक प्रमाणपत्रों की पहचान के लिए डिजिलॉकर की मदद से डिग्रियों का सत्यापन भी किया जाएगा।
नवंबर-दिसंबर में होंगी कई भर्ती परीक्षाएं
आयोग की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती की लिखित परीक्षा 19 और 20 नवंबर को प्रस्तावित है। नगरीय क्षेत्र के प्राथमिक शिक्षकों और माध्यमिक विद्यालयों से जुड़े प्राथमिक शिक्षक पदों की परीक्षा 3 और 4 दिसंबर को होगी। पीजीटी भर्ती परीक्षा 15 और 16 दिसंबर को संभावित है। इन तारीखों में बदलाव की स्थिति में अभ्यर्थियों को आधिकारिक सूचना देखनी चाहिए।
किन पदों पर कितनी भर्ती?
आयोग के मुताबिक, प्रस्तावित भर्ती में अलग-अलग शैक्षणिक पद शामिल हैं। इनमें डायट प्राचार्य के 111 पद, असिस्टेंट प्रोफेसर के करीब 2,000 पद और प्राथमिक शिक्षकों के लगभग 12,000 पद शामिल हैं। इसके अलावा पीजीटी (प्रवक्ता) के करीब 2,500 तथा प्रधानाचार्य और प्रधानाध्यापकों के लगभग 2,500 पदों पर भर्ती की योजना है। वहीं, प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक यानी टीजीटी के करीब 14,000 से 15,000 पदों का अधियाचन भी आने की उम्मीद है। हालांकि, इन पदों की भर्ती का कार्यक्रम संबंधित विभागों से रिक्तियों का अधियाचन मिलने और आधिकारिक प्रक्रिया पूरी होने पर निर्भर करेगा।
फर्जी डिग्रियों की जांच के लिए डिजिलॉकर का इस्तेमाल
भर्ती प्रक्रिया को अधिक विश्वसनीय बनाने के लिए आयोग शैक्षणिक प्रमाणपत्रों के सत्यापन में तकनीक का इस्तेमाल करेगा। डिजिलॉकर के माध्यम से डिग्रियों की जांच करने से फर्जी प्रमाणपत्रों की पहचान करने में मदद मिलेगी। आयोग अध्यक्ष ने स्पष्ट किया है कि चयन प्रक्रिया में मेरिट को प्राथमिकता दी जाएगी और किसी तरह का बाहरी दबाव स्वीकार नहीं किया जाएगा।
