UP Police Constable Recruitment 2018: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने साल 2018 में हुई यूपी पुलिस भर्ती के संबंध में अहम आदेश जारी किया है। हाईकोट ने यूपी पुलिस भर्ती बोर्ड को 2018 की कांस्टेबल भर्ती परीक्षा का पुनरीक्षित परिणाम घोषित करने का निर्देश दिया है। यह आदेश एक प्रश्न का गलत विकल्प देने के कारण दिया है। बता दें कि प्रश्न पत्र में प्रश्न संख्या 68 का सही विकल्प सी था जबकि उत्तर विकल्प डी दिया गया था। विशेषज्ञ रिपोर्ट में याचियों की आपत्ति सही पाई गई और इस संबंध में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने रिवाइज्ड रिजल्ट जारी करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा कि पब्लिक नोटिस जारी कर सफल अभ्यर्थियों का मेडिकल कराकर चयनित होने पर उन्हें रिक्त रह गए 603 पदों पर नियुक्ति दी जाए। यह कार्यवाही छह सप्ताह में पूरी की जाए।
कोर्ट ने पुलिस भर्ती बोर्ड से पूछा कितने पद रिक्त रह गए हैं तो बताया गया कि 603 पद रिक्त हैं। यह पद अब तक नई भर्ती में कैरी फारवर्ड नहीं हो सके। इसके बाद कोर्ट ने सही जवाब देने वालों को निर्धारित अंक देकर लिखित परीक्षा का पुनरीक्षित परिणाम घोषित करने का आदेश दिया। आदेश में आगे कोर्ट ने कहा है कि याची उम्मीदवार अगर मेडिकल टेस्ट में सफल होते हैं तो, उन्हें रिक्त रह गए पदों पर नियुक्ति दी जाए।
हाईकोर्ट के इस आदेश का लाभ हाईकोर्ट आने वाले अभ्यर्थियों को ही मिलेगा। पहले से चयनित नियुक्त कांस्टेबलों पर इसका असर नहीं पड़ेगा। यह निर्णय न्यायमूर्ति एमके गुप्ता एवं न्यायमूर्ति मनीष कुमार निगम की खंडपीठ ने कपिल कुमार व सात अन्य सहित पांच विशेष अपीलों को स्वीकार करते हुए दिया है। कोर्ट ने याचिका खारिज करने के एकल पीठ के आदेश को रद्द भी कर दिया है।
याची कांस्टेबल भर्ती 2018 में चयनित हुए थे जिसके बाद उनके डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन की प्रक्रिया पूरी की गई थी। उन्हें शारीरिक दक्षता परीक्षा के लिए भी भेजा गया लेकिन चयन सूची में उनका नाम नहीं आया। सभी याचियों को कट ऑफ अंक के लगभग समान अंक मिले थे। इसके बाद वह कोर्ट चले गए और याचिका डाली। उन्होंने सवाल उठाया कि प्रश्न संख्या 68 का सही विकल्प सी था जबकि उत्तर विकल्प डी दिया गया था। विशेषज्ञ रिपोर्ट में याचियों की आपत्ति सही पाई गई।
