एजुकेशन

भारत की इकलौती नदी जो हर साल 3 दिनों के लिए हो जाती है लाल, क्या है इसके पीछे की वजह

River that turns red for three days : क्या आप जानते हैं कि दुनिया में एक नदी ऐसी है, जो हर साल तीन दिनों के लिए लाल हो जाती है। ये नदी अपनी इस खासियत के चलते काफी मशहूर है। ये नदी कहीं और नहीं बल्कि भारत में है और एशिया की सबसे लंबी नदियों में से एक है। Asia's Longest River, River that turn red

Image

River that turns red for three days

Which indian river turns Red in every year : भारत में गंगा, यमुना समेत कई नदियों को पूजा जाता है। ये नदियां अपने धार्मिक महत्व के साथ-साथ कुछ दिलचस्प वजहों के लिए भी -जानी जाती हैं। आज हम आपको एक ऐसी ही नदी के बारे में बताएंगे, जो अपने धार्मिक महत्व से ज्यादा किसी खास वजह के लिए मशहूर है। ये नदी एक साल में तीन दिनों के लिए लाल रंग की हो जाती है। इस नदी का रंग इतना लाल हो जाता है कि दूर से भी साफ नजर आ जाता है। चलिये बात करते हैं भारत की ये इकलौती नदी कौन सी है और आखिर क्यों इसका रंग लाल हो जाता है ?

एशिया की सबसे लंबी नदी कौन सी ?

भारत में बहने वाली एशिया की इस सबसे लंबी नदी का नाम ब्रह्मपुत्र नदी है। हर साल ये नदी अपने रंग की वजह से चर्चा में आ जाती है और ये वजह है इसका रंग। इस नदी का रंग हर साल तीन दिनों के लिए लाल हो जाता है। मगर ऐसा होता क्यों है, चलिये आपको बताते हैं।

क्या है नदी के रंग की वजह ?

इस नदी के लाल रंग के पीछे की वजह है कामाख्या मंदिर। जो कि 51 शक्तिपीठों में से एक एक माना जाता है। पौराणिक मान्यताओं की बात करें तो इनके मुताबिक, यहां पर माता सती का योनि भाग गिरा था। इसके चलते देवी को साल में एक बार मासिक धर्म होता है। इसी कारण ब्रह्मपुत्र नदी साल में तीन दिनों के लिए लाल हो जाती हैं। ऐसा माना जाता है कि हर साल आषाढ़ के महीने में ब्रह्मपुत्र नदी का पानी लाल हो जाता है। इस समय देवी रजस्वला होती हैं और ऐसा कहा जाता है कि उनका रक्त इस नदी में मिलता है। देवी के मासिक धर्म के चलते ये मंदिर भी तीन दिनों के लिए बंद रहता है।

क्या है नदी के लाल रंग की असल वजह

ब्रह्मपुत्र नदी के लाल होने की वजह से वैज्ञानिक कारण है कि इस क्षेत्र में मिट्टी में लौह तत्व बहुत ज्यादा मात्रा में है, जिससे नदी का रंग लाल हो जाता है। साथ ही लाल और पीली मिट्टी की तलछट में ज्यादा मात्रा होने के चलते भी इसका रंग लाल हो जाता है।

Kusum Bhatt
कुसुम भट्टauthor

टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बतौर एजुकेशन जर्नलिस्ट कार्यरत कुसुम भट्ट शिक्षा जगत से जुड़ी हर छोटी-बड़ी हलचल पर पैनी नजर रखती हैं। मास्टर्स इन मास कम्युनिकेशन की डिग्री प्राप्त करने के बाद वह पिछले 5 सालों से एजुकेशन बीट को मजबूती से संभाल रही हैं। कुसुम को खबरों को सबसे पहले ब्रेक करने, विषय की गहराई में जाकर स्टोरी तैयार करने और युवाओं को उनके करियर से जुड़ी सटीक जानकारी देने में विशेष दक्षता प्राप्त है। कुसुम की लेखन शैली संक्षिप्त, शोध आधारित और प्रभावशाली है। वे एग्जाम टिप्स, करियर गाइडेंस, सरकारी नौकरी से जुड़ी खबरें, बोर्ड रिजल्ट और सक्सेस स्टोरीज़ जैसे विषयों पर सटीक और भरोसेमंद कंटेंट तैयार करने के लिए जानी जाती हैं। कुसुम अबतक पांच हजार से अधिक बाइलाइन रिपोर्ट पब्लिश कर चुकी हैं। उन्हें ब्लॉगिंग, वेब स्टोरीज और ट्रेंडिंग एजुकेशनल टॉपिक्स पर काम करने का खास शौक है। उनका मानना है कि – "शिक्षा सिर्फ करियर का माध्यम नहीं, बल्कि सोच और समाज दोनों को बदलने की शक्ति रखती है।"

और पढ़ें
End of Article