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Teacher's Day Speech, Quotes 2023: शिक्षक दिवस पर 2 मिनट का जबरदस्त भाषण, बताएं यह सुंदर इतिहास

  • Authored by: नीलाक्ष सिंह
  • Updated Sep 5, 2023, 08:14 AM IST

Teacher's Day Speech, Quotes, History in Hindi 2023 (शिक्षक दिवस पर भाषण और कोट्स): शिक्षक दिवस कब मनाया जाता है? 5 सितंबर को ही शिक्षक दिवस क्यों मनाया जाता है या किसकी याद में भारत में हर साल शिक्षक दिवस मनाते हैं, इनसे इतर आज आप जानेंगे कि शिक्षक दिवस की शुरुआत कैसे हुई, शिक्षक दिवस का इतिहास क्या है।

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शिक्षक दिवस पर 2 मिनट का जबरदस्त भाषण (Image - Canva)

Teacher's Day Speech, Quotes, History in Hindi 2023 : शिक्षक दिवस कब मनाया जाता है? 5 सितंबर को ही शिक्षक दिवस क्यों मनाया जाता है या किसकी याद में भारत में हर साल शिक्षक दिवस मनाते हैं, इनसे इतर आज आप जानेंगे कि शिक्षक दिवस की शुरुआत कैसे हुई, शिक्षक दिवस का इतिहास क्या है, शिक्षक दिवस पर भाषण और कोट्स में किन बातों का होना बेहद जरूरी है। हर महत्वपूर्ण दिवस का एक इतिहास है, उसे मनाए जाने का एक कारण है, इसी तरह शिक्षक दिवस का इतिहास और इसे मनाए जाने का कारण भी है, जिसे जानना बेहद जरूरी है।

पहली बार कब मनाया गया था शिक्षक दिवस? - Teacher's Day History

यह तो हम सभी जानते हैं कि डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की याद में शिक्षक दिवस मनाया जाता है। यह न सिर्फ भारत के दूसरे राष्ट्रपति थे बल्कि आजाद भारत के पहले उपराष्ट्रपति भी थे। टीचर्स डे का इतिहास इन्हीं के जीवन परिचय से जुड़ा हुआ है इसलिए हम सिर्फ उन प्वॉइंट्स के बार में जानेंगे, जो कि परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं।

डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन से जुड़े जरूरी बातें - Who is DR Sarvepalli Radhakrishnan

डॉ. एस राधाकृष्णन का जन्म 5 सितंबर, 1888 को हुआ। वे न सिर्फ कई दशकों तक शिक्षक रह चुके हैं, बल्कि प्रोफेसर, विद्वान और दार्शनिक भी थे।

उन्होंने मद्रास क्रिश्चियन कॉलेज से दर्शनशास्त्र में स्नातकोत्तर की पढ़ाई पूरी की।

उन्हें न केवल राजनीतिक उपलब्धियों के लिए बल्कि शिक्षा के क्षेत्र में उनके अतुलनीय योगदान के लिए भी जाना जाता है। यही मुख्य कारण है कि शिक्षक दिवस को डॉ. एस राधाकृष्णन की याद में मनाए जाने लगा।

1962 में डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन ने भारत के दूसरे राष्ट्रपति के रूप में पदभार संभाला। उन्होंने 1962 से 1967 तक भारत के दूसरे राष्ट्रपति के रूप में कार्य किया।

उन्होंने उपराष्ट्रपति और बाद में भारत के राष्ट्रपति के रूप में कार्य किया।

उनके छात्रों ने 5 सितंबर को विशेष दिन के रूप में मनाने की अनुमति मांगी। डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन ने समाज में शिक्षकों के अमूल्य योगदान को ध्यान में रखते हुए कहा कि मेरा जन्मदिन मनाए जाने की जगह 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाना चाहिए।

शिक्षक दिवस पर भाषण की शुरुआत करने का बेस्ट तरीका - Teacher's Day Short Speech

आप सभी को सुप्रभात, हार्दिक स्वागत और शिक्षक दिवस की बहुत-बहुत बधाई!

हम सभी शिक्षक दिवस मनाने के लिए यहां एकत्र हैं। हर साल 5 सितंबर को पूरे भारत में शिक्षक दिवस मनाया जाता है। यह डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती भी है जो भारत के दूसरे राष्ट्रपति और पहले उपराष्ट्रपति हैं। वे एक प्रसिद्ध राजनेता, विद्वान और शिक्षक भी थे। आज का दिन सभी शैक्षणिक संस्थानों के लिए एक महत्वपूर्ण दिन है क्योंकि जिन्होंने ने भी देश व दुनिया में नाम किया है, उनकी सफलता के पीछे शिक्षकों का हाथ है।

हम सभी को शिक्षकों की निस्वार्थ मेहनत और समर्पण का सम्मान करना चाहिए। उनका आदर सम्मान व उन्हें धन्यवाद कहना चाहिए, समय समय पर मार्गदर्शन लेना चाहिए।

शिक्षक दिवस पर कोट्स - Teacher's Day Quotes

मेरा जन्मदिन मनाने के बजाय, यदि 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाए तो यह मेरा गौरवपूर्ण विशेषाधिकार होगा। — Dr S Radhakrishnan

शिक्षण एक बहुत ही महान पेशा है जो किसी व्यक्ति के चरित्र, क्षमता और भविष्य को आकार देता है। अगर लोग मुझे एक अच्छे शिक्षक के रूप में याद रखेंगे तो यह मेरे लिए सबसे बड़ा सम्मान होगा। — APJ Abdul Kalam

रचनात्मक अभिव्यक्ति और ज्ञान में आनंद जगाना शिक्षक की सर्वोच्च कला है। — Albert Einstein

जो लोग बच्चों को अच्छी तरह से शिक्षित करते हैं, वे माता-पिता से अधिक सम्मानित होते हैं, क्योंकि वही अच्छी तरह से जीने की कला देते हैं — Aristotle

यदि आप सफल हैं, तो किसी न किसी ने आपकी कुछ मदद की होगी। आपके जीवन में कहीं न कहीं एक महान शिक्षक का रोल रहा है — Barack Obama

मैं जीने के लिए अपने पिता का आभारी हूं, लेकिन अच्छे जीवन जीने के लिए अपने शिक्षक का आभारी हूं — Alexander the Great

नीलाक्ष सिंह
नीलाक्ष सिंहauthor

नीलाक्ष सिंह 2021 से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल से जुड़े हैं और एजुकेशन सेक्शन के लिए कंटेंट लिखते हैं। लखनऊ विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने प्रिंट मीडिया में इंटर्नशिप की, जहां फील्ड रिपोर्टिंग, स्टूडेंट-इश्यू बेस्ड ग्राउंड स्टोरीज और सटीक न्यूजराइटिंग की बुनियादी समझ हासिल की। प्रिंट के बाद डिजिटल मीडिया में भी वह एजुकेशन बीट पर ही लगातार काम करते रहे हैं। पत्रकारिता में 10 सालों से सक्रिय नीलाक्ष सिंह 12 हजार से अधिक खबरें लिख चुके हैं। वह एग्जाम अपडेट्स, एडमिशन प्रोसेस, करियर गाइडेंस, स्टूडेंट वेलफेयर, बोर्ड रिजल्ट्स और नीतिगत बदलावों पर गहन और बेहद उपयोगी कंटेंट तैयार करते हैं।

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