सूर्य ग्रहण कब और क्यों लगता है, जानें क्या है 'रिंग ऑफ फायर'
- Authored by: कुलदीप राघव
- Updated Feb 17, 2026, 05:10 PM IST
Surya Grahan kab lagta hai Why and when solar eclipse occur General Knowledge: आज साल का पहला सूर्य ग्रहण है। भारतीय समय के अनुसार इस ग्रहण की शुरुआत आज दोपहर 03 बजकर 26 मिनट से हो चुकी है। यह सूर्य ग्रहण शाम 07 बजकर 57 मिनट तक चलेगा। सूर्य ग्रहण के चरम काल के दौरान दुनिया के कई हिस्सों में सूर्य 'रिंग ऑफ फायर' की तरह दिखाई देगा। जानें सूर्य ग्रहण कब और क्यों लगता है और क्या है 'रिंग ऑफ फायर'?
Surya Grahan 2026 Reason: सूर्य ग्रहण कब लगता है
Surya Grahan kab lagta hai Why and when solar eclipse occur GK Quiz: आज साल का पहला सूर्य ग्रहण है। भारतीय समय के अनुसार इस ग्रहण की शुरुआत आज दोपहर 03 बजकर 26 मिनट से हो चुकी है। यह सूर्य ग्रहण शाम 07 बजकर 57 मिनट तक चलेगा। आज का सूर्य ग्रहण भारत में नहीं दिख रहा है लेकिन अटार्कटिका सहित अर्जेंटीना, बोत्सवाना, ब्रिटिश इंडियन ओशन क्षेत्र, चिली, कोमोरोस, इस्वातिनी (स्वाजीलैंड), फ्रांसीसी दक्षिणी क्षेत्र, लेसोथो, मेडागास्कर, मलावी, मॉरीशस, मायोटे, मोजाम्बिक, नामीबिया, रियूनियन आईलैंड्स, दक्षिण अफ्रीका, दक्षिणी जॉर्जिया/सैंडविच आईलैंड्स, तंजानिया, जाम्बिया और जिम्बॉब्वे में देखा जा सकता है। सूर्य ग्रहण के चरम काल के दौरान दुनिया के कई हिस्सों में सूर्य 'रिंग ऑफ फायर' की तरह दिखाई देगा। जानें सूर्य ग्रहण कब और क्यों लगता है और क्या है 'रिंग ऑफ फायर'?
सूर्य ग्रहण क्या होता है, What is Surya Grahan Solar Eclipse
सूर्य ग्रहण एक खगोलीय घटना है जो तब होती है जब चंद्रमा, पृथ्वी और सूर्य के बीच आ जाता है, जिससे सूर्य का प्रकाश पृथ्वी तक नहीं पहुंच पाता और चंद्रमा की छाया पृथ्वी पर पड़ती है। यह हमेशा अमावस्या को होता है, जब तीनों एक सीध में होते हैं। इसमें सूर्य पूरी तरह या आंशिक रूप से ढक जाता है।
सूर्य ग्रहण कब होता है, When is Surya Grahan Occur
सूर्य ग्रहण तब होता है जब चंद्रमा सूर्य और पृथ्वी के बीच से गुजरता है। जब सूर्य, चंद्रमा और पृथ्वी एक सीध में आ जाते हैं, तो पूर्ण सूर्य ग्रहण होता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि सूर्य का व्यास चंद्रमा के व्यास से 400 गुना अधिक है, लेकिन संयोगवश यह पृथ्वी से 400 गुना अधिक दूरी पर भी है।
रिंग ऑफ फायर क्या होता है What is Ring of Fire
वलयाकार सूर्य ग्रहण के दौरान, चंद्रमा पृथ्वी से अपेक्षाकृत दूर होता है और पूर्ण सूर्य ग्रहण की तरह सूर्य की डिस्क को पूरी तरह से नहीं ढक पाता है। इसके बजाय, यह आकाश में प्रकाश का एक विशिष्ट वलय बनाता है, जिसे "अग्नि वलय" कहा जाता है। रिंग ऑफ फायर' वाला सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा।
सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण में अंतर
ये सवाल कई बार प्रतियोगी परीक्षाओं में भी पूछ लिया जाता है कि चंद्र ग्रहण और सूर्य ग्रहण में क्या अंतर है। आप जानते हैं कि सूर्य के चारों तरफ पृथ्वी घूमती है और चंद्रमा पृथ्वी का चक्कर लगाता है। जब चंद्रमा, पृथ्वी और सूर्य एक ही सीध में आ जाते हैं तो चंद्र ग्रहण होता है क्योंकि सूर्य का प्रकाश पृथ्वी पर पड़ता है लेकिन चंद्रमा पर नहीं। भौतिक विज्ञान की दृष्टि से जब सूर्य व पृथ्वी के बीच में चन्द्रमा आ जाता है तो चन्द्रमा के पीछे सूर्य का बिम्ब कुछ समय के लिए ढक जाता है, इसी घटना को सूर्य ग्रहण कहा जाता है। सूर्य ग्रहण तब होता है जब चंद्रमा सूर्य और पृथ्वी के बीच से गुजरता है, जिससे चंद्रमा पृथ्वी पर छाया डालता है। जबकि चंद्र ग्रहण तब होता है जब पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच होती है, जिससे पृथ्वी चंद्रमा पर छाया डालती है।
