सफलता की कहानियां अक्सर संघर्ष की मिट्टी से जन्म लेती हैं। उत्तर प्रदेश के कानपुर में रहने वाले शुभम अग्रवाल की कहानी भी कुछ ऐसी ही है, जो मेहनत, लगन और पिता के त्याग का बेहतरीन उदाहरण बन गई है। हाल ही में घोषित JEE Advanced 2026 के परिणाम में शुभम ने ऑल इंडिया रैंक 736 हासिल कर पूरे कानपुर में टॉप किया है। उनकी इस उपलब्धि ने न सिर्फ परिवार बल्कि पूरे गांव का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है।
एक कदम पीछे लेकर लगाई छलांग
शुभम के पिता अभिषेक अग्रवाल मूल रूप से फर्रुखाबाद जिले के जगतपुर गांव के रहने वाले हैं। वे बताते हैं कि शुभम बचपन से ही पढ़ाई में होशियार था और कुछ बड़ा करने का सपना देखता था। 12वीं पास करने के बाद शुभम ने पहली बार JEE परीक्षा दी, लेकिन उम्मीद के मुताबिक रैंक नहीं आई। हार मानने के बजाय उसने एक साल का ड्रॉप लेकर दोबारा तैयारी करने का फैसला किया। यही फैसला उसकी जिंदगी का टर्निंग प्वाइंट साबित हुआ।
कमजोर आर्थिक स्थिति से मजबूत करियर तक
बेटे के सपनों को उड़ान देने के लिए पिता ने बड़ा त्याग किया। आर्थिक स्थिति मजबूत नहीं थी और अच्छी कोचिंग की फीस जुटाना आसान नहीं था। ऐसे में अभिषेक अग्रवाल ने अपना खेत बेचकर शुभम का दाखिला कानपुर के एक कोचिंग संस्थान में कराया। शुभम ने हॉस्टल में रहकर दिन-रात मेहनत की और अपने लक्ष्य पर पूरा ध्यान केंद्रित रखा। पिता का विश्वास और बेटे की मेहनत आखिरकार रंग लाई और शुभम ने शानदार रैंक हासिल कर ली।
आज अभिषेक गर्व से कहते हैं कि उनका बेटा गांव का पहला इंजीनियर बनने जा रहा है। उन्होंने आगे की पढ़ाई के लिए भी आर्थिक व्यवस्था कर ली है ताकि शुभम की शिक्षा किसी भी वजह से न रुके। शुभम की सफलता यह साबित करती है कि संसाधनों की कमी सपनों की राह में बाधा नहीं बनती, अगर मेहनत और परिवार का साथ हो। यह कहानी उन लाखों छात्रों और अभिभावकों के लिए प्रेरणा है जो सीमित साधनों के बावजूद बड़े सपने देखने का साहस रखते हैं।
