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Success Story: कोर्ट परिसर में पिता की हत्या, लोगों ने कहा क्रिमिनल की बेटी क्या कर लेगी...आयुषी ने DSP बनकर दिया जवाब

Success Story of DSP Ayushi Singh: यूपी पुलिस में डीएसपी पद पर तैनात आयुषी सिंह की सफलता की कहानी बेहद रोचक और प्रेरणादायक है। कम उम्र में पिता की हत्या के बाद लोगों के ताने सुनने को मिले। इन सबके बावजूद आयुषी सिंह ने कैसे अपने परिवार को संभाला और UP PCS जैसी कठिन परीक्षा क्रैक की यह अपने आप में मिसाल है। आइए उनके संघर्ष पर एक नजर डालते हैं।

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डीएसपी आयुषी सिंह की कहानी

Photo : Times Now Digital

Success Story of DSP Ayushi Singh: कुछ तो लोग कहेंगे...लोगों का काम है कहना...अमर प्रेम फिल्म का यह गाना महज एक गाना नहीं बल्कि जीवन का मंत्र है। तमाम मुश्किलों के बावजूद जिन्हें सफलता हासिल होती है यह गाना उनके जीवन पर सटीक बैठता है। ऐसी ही एक कहानी है DSP आयुषी सिंह की। यूपी पुलिस में तैनात इस महिला अफसर के सफलता के पीछे की कहानी लाखों युवाओं को प्रेरित करने वाली है। पिता की हत्या, कम उम्र में लोगों के ताने और पढ़ाई के प्रति लगाव के इर्द-गिर्द घूमने वाली आयुषी की कहानी सभी को जरूर जाननी चाहिए। आइए उनके जीवन के संघर्ष पर एक नजर डालते हैं।

DSP Ayushi Singh: कौन हैं आयुषी सिंह?

डीएसपी आयुषी सिंह उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद की रहने वाली हैं। उनके पिता का नाम योगेंद्र सिंह उर्फ भूरा है। आयुषी के पिता पेशे से एक पॉलिटिशियन रहे हैं। आयुषी के पिता मुरादाबाद के डिलारी के पूर्व ब्लाक प्रमुख रह चुके हैं। योगेंद्र सिंह पर हत्या समेत कई आपराधिक मामलों में मुकदमे दर्ज थे। इसके बावजूद उन्होंने अपने बच्चों की पढ़ाई में कई कोई कमी नहीं रखी।

Ayushi Singh DSP

डीएसपी आयुषी सिंह

कोर्ट परिसर में पिता की हत्या

साल 2013 में योगेंद्र सिंह का नाम एक हत्या के केस में आया। इसके चलते उन्हें जेल भी जाना पड़ा। इस मामले की सुनवाई के दौरान ही साल 2015 में योगेंद्र सिंह की कोर्ट परिसर में गोली मारकर हत्या कर दी गई। पिता की हत्या के बाद आयुषी का परिवार पूरी तरह बिखर गया। जब योगेंद्र सिंह की हत्या हुई तब आयुषी कक्षा 11वीं में पढ़ती थीं।

सुनने पड़े लोगों के ताने

एक इंटरव्यू में आयुषी बताती हैं कि उनके पिता के हत्या के बाद लोगों ने काफी ताने मारे। कई जगह पर उन्हें क्रिमिनल की बेटी कहा गया। लोगों का कहना था कि क्रिमिनल की बेटी है उसी दिशा में आगे बढ़ेगी। इस दौरान आयुषी की मां ने उन्हें बहुत सपोर्ट किया। कई रिश्तेदारों ने भी साथ छोड़ दिया। आयुषी बताती हैं कि उनके पिता का सपना था कि उनकी बेटी खूब आगे बढ़े।

DSP Ayushi Singh with Mother

DSP आयुषी सिंह अपनी मां के साथ

आयुषी पढ़ाई में काफी तेज रही हैं। उन्हें 10वीं और 12वीं दोनों में 90 फीसदी अंक प्राप्त हुए थे। पिता का सपना पूरा करने के लिए आयुषी ने यूपी पीसीएस परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी। साल 2022 की यूपी पीसीएस परीक्षा में डीएसपी रैंक में आयुषी को पूरे प्रदेश में रैंक 62 प्राप्त हुआ। वो कहती हैं कि लोगों जो भी सोचना हो लेकिन मेरे पिता मेरे सच्चे हीरो रहे हैं।

Ravi Mallick
Ravi Mallickauthor

<p>सर्वविद्या की राजधानी कहे जाने वाले वाराणसी का रहने वाला हूं। यहीं से पढ़ाई की शुरुआत हुई। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन पूरा किया। इसके बाद पत्रकारिता की पढ़ाई के लिए लखनऊ आया और स्वामी विवेकानंद सुभारती यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में मास्टर्स की डिग्री ली।पढ़ाई के दौरान लखनऊ में रहकर 2017 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव और 2019 के लोकसभा चुनाव को करीब से देखा। डिजिटल युग में पत्रकारिता की शुरुआत अमर उजाला से हुई। इस दौरान कोरोना महामारी में जूझ रही जिंदगियों को देखा, उसके बारे में लिखा और लोगों तक पहुंचने का प्रयास किया।साल 2020 से TV9 भारतवर्ष के साथ जुड़ा रहा। यहां शुरुआत दूनिया की खबरों से हुई। फ‍िर एजुकेशन सेक्शन के साथ काम करते हुए 3 साल पूरे कर लिए। रोजगार, स्कूली शिक्षा, बोर्ड परीक्षा और रिजल्ट पर काम करने का मौका मिला। स्कूली शिक्षा से लेकर नौकरी तक की खबरों पर काम करना पसंद है। युवाओं को बेहतर करियर ऑप्शन, करंट अफेयर्स और नई वैकेंसी के बारे में बताना अच्छा लगता है। बोर्ड परीक्षा हो या UPSC, JEE और NEET एग्जाम टॉपर्स से बात करना और उनकी स्ट्रेटजी के बारे में जानना पसंद है। युवाओं को प्रेरित करने के लिए उनके बीच के मुद्दों को उठाना और सही व सटीक जानकारी देना ही मेरी प्राथमिकता है। फरवरी 2024 से Times Network में timesnowhindi.com के एजुकेशन टीम के साथ जुड़ा हूं।</p>

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