शांति प्रसाद जैन महाविद्यालय का प्लैटिनम जुबली समारोह सासाराम में शिक्षाविदों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और प्रमुख नागरिकों की उपस्थिति में आयोजित किया गया। इस अवसर पर एक नए प्रशासनिक भवन का उद्घाटन किया गया और संस्थान की उच्च शिक्षा में 75 वर्षों की सेवा को चिह्नित करने के लिए एक विशेष लोगो का अनावरण किया गया।
कार्यक्रम के दौरान दिवंगत उद्योगपति और बेनेट कोलमैन एंड कंपनी लिमिटेड के पूर्व अध्यक्ष श्री शांति प्रसाद जैन की स्मृति में उनके नाम एक स्मारक समर्पित किया गया। कई वक्ताओं ने शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान को याद किया। श्री शांति प्रसाद जैन टाइम्स समूह के प्रबंध निदेशक विनीत जैन के दादा थे, जिन्होंने बेनेट यूनिवर्सिटी की भी स्थापना की थी।
1948 में इस संस्थान की स्थापना स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं ने 'सासाराम कॉलेज" के रूप में की थी, लेकिन शुरुआती दौर में इसे आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। 1950 में आचार्य विनोबा भावे के अनुरोध पर श्री शांति प्रसाद जैन ने इसे पुनर्जीवित किया और कॉलेज को चलाने में मदद करने के लिए एक उदार दान देकर आर्थिक सहारा दिया। इसके बाद कॉलेज का नाम उनके सम्मान में रखा गया।
फिलहाल कॉलेज में स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के साथ-साथ व्यावसायिक और बी.एड. पाठ्यक्रमों में लगभग 14,000 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। यहां इग्नू (IGNOU) और नालंदा ओपन यूनिवर्सिटी के अध्ययन केंद्र भी संचालित होते हैं। इसके अलावा, एक पूर्व परीक्षा प्रशिक्षण केंद्र भी है जो विशेष रूप से ओबीसी और ईबीसी समुदायों के छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में मदद करता है।
वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय, आरा से संबद्ध यह कॉलेज क्षेत्र का एकमात्र संस्थान है जिसे NAAC से मान्यता प्राप्त है। विश्वविद्यालय के कुलपति शैलेंद्र कुमार चतुर्वेदी ने भारत के निर्माण काल में उद्योग जगत और शिक्षा जगत में शांति प्रसाद जैन के दोहरे योगदान की सराहना की।
कॉलेज के अलावा, जैन परिवार ने श्रीमती रमा जैन गर्ल्स हाई स्कूल, सासाराम (1950) और रमा रानी जैन गर्ल्स हाई स्कूल, डेहरी (1957) नाम के दो बालिका विद्यालयों की भी स्थापना की, जो आज भी संचालित हैं।
