एजुकेशन

पटियाला के नूर सिंगला ने सीए फाइनल परीक्षा में हासिल की AIR-1, क्रिकेट के मैदान से CA टॉपर बनने तक का पूरा सफर

ICAI CA फाइनल परीक्षा का पटियाला के नूर सिंगला ने टॉप कर अपने पूरे परिवार का नाम रोशन किया। नूर ने इससे पहले सीए इंटरमीडिएट परीक्षा में AIR-2 प्राप्त की थी, जिससे उन्हें आगे की तैयारी का हौसला मिला था।

Image

CA Topper नूर सिंगला (Photo - AI)

Patiala Boy Noor Singla Success Story: इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (ICAI) ने CA Final May 2026 परीक्षा के परिणाम 18 जून को घोषित कर दिए थे। इस बार पंजाब में पटियाला के रहने वाले नूर सिंगला (Noor Singla) ने ऑल इंडिया रैंक-1 हासिल कर पूरे देश में अपने राज्य और परिवार का नाम रोशन कर दिया है। बता दें कि नूर ने सीए फाइनल परीक्षा में 600 में से 499 अंक (83.17%) हासिल किए। देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक मानी जाने वाली सीए परीक्षा में टॉप करने वाले नूर ने अपनी कड़ी मेहनत के आधार पर यह मुकाम हासिल किया है। उन्होंने न केवल फाइनल परीक्षा में बल्कि इंटर की परीक्षा में परचम लहराया था। लेकिन जितना आसान नूर का सफर लगता है उतना आसान यह था नहीं। आइए आज टॉपर बनने के लिए उनकी कड़ी मेहनत और संघर्ष के बारे में बताएं।

CA इंटरमीडिएट में भी किया था कमाल

नूर सिंगला शुरू से ही एक बेहद होनहार छात्र रहे हैं। उन्होंने अपनी प्रतिभा का परिचय सीए इंटरमीडिएट परीक्षा में ही दे दिया था। उन्होंने सीए इंटरमीडिएट परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक 2 हासिल की थी। सीए फाइनल में रैंक प्राप्त करने वाले नूर आज ही इंटर में प्राप्त की दूसरी रैंक को अपनी एक बड़ी उपलब्धि मानते हैं, क्योंकि इसी के कारण उन्हें फाइनल परीक्षा में बेहतर करने का हौसला मिला, जिसके दम पर वह टॉपर बने।

बड़ी बहन बनी नूर की ढाल

नूर ने टॉपर बनने के बाद मीडिया से बात करते हुए बताया कि उनकी इस सफलता के पीछे उनकी बड़ी बहन का बड़ा योगदान रहा है। उन्हें सीए बनने की प्रेरणा भी बड़ी बहन से ही मिली थी, जब नूर ने सीए फाउंडेशन की परीक्षा पास की, तो उनका आत्मविश्वास बढ़ गया और उन्होंने इस क्षेत्र में आगे बढ़ने का पक्का इरादा कर लिया।

नूर ने आगे बताया कि तैयारी के दौरान उनके जीवन में कई उतार-चढ़ाव आए। उन्होंने बताया कि पढ़ाई और काम के दबाव के कारण कई बार ऐसे भी हुआ कि उनकी आंखों में आंसू आ गए थे। इस कठिन समय में भी उनकी बहन ने लगातार उनका हौसला बढ़ाया और कहा— "तुम यह कर सकते हो।" बहन के इसी अटूट विश्वास और पूरे परिवार के सपोर्ट ने नूर को कभी टूटने नहीं दिया और उन्होंने सीए फाइनल परीक्षा के टॉपर बन परिवार का नाम रोशन किया।

क्रिकेट के मैदान से सीखा अनुशासन और धैर्य

नूर सिंगला केवल पढ़ाई में ही नहीं, बल्कि खेलों में भी आगे रहे हैं। वह स्टेट लेवल के पूर्व क्रिकेटर रह चुके हैं। नूर का मानना है कि क्रिकेट ने उन्हें जीवन के सबसे जरूरी सबक सिखाए— जैसे अनुशासन, धैर्य और भारी दबाव की स्थिति में शांत रहकर अच्छा प्रदर्शन करना। खेल से सीखे इसी अनुशासन और फोकस को उन्होंने अपनी सीए फाइनल की पढ़ाई में भी लागू किया और यह उनके के लिए एक टर्निंग प्वाइंट साबित हुआ।

टॉपर नूर सिंगला ने दी सीए सफलता की खास स्ट्रैटेजी

नूर ने सीए की तैयारी कर रहे अन्य छात्रों को सलाह देते हुए कहा कि सिर्फ लंबे समय तक या कई घंटों तक किताब खोलकर बैठना काफी नहीं है। सबसे ज्यादा जरूरी बात यह है कि आप जितने भी घंटे पढ़ रहे हैं, उस दौरान आपका फोकस शत-प्रतिशत पढ़ाई पर लगाए। छोटे गोल्स सेट करें, डेली रूटीन सेट करें और डेली टारगेट्स के साथ पढ़ाई करें।

Varsha Kushwaha
वर्षा कुशवाहाauthor

वर्षा कुशवाहा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की एजुकेशन डेस्क पर बतौर कॉपी एडिटर कार्यरत हैं और पिछले 5 वर्षों से मीडिया में सक्रिय हैं। जर्नलिज़्म में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा पूरा करने के बाद उन्होंने न्यूज रूम में तेजी, सटीकता और गहराई के साथ काम करते हुए अपनी मजबूत संपादकीय पहचान बनाई है। वर्षा की विशेषज्ञता हाइपर-लोकल खबरों, इवेंट कवरेज और स्टेट पॉलिटिक्स से जुड़ी रिपोर्टिंग में भी है। अब तक वर्षा कुशवाहा 8,000 से अधिक खबरें लिख चुकी हैं, जिनमें कई अहम लोकल रिपोर्ट्स, एजुकेशन और करियर की खबरें तथा फीचर-आधारित स्टोरीज शामिल हैं।

और पढ़ें
End of Article