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MP Education News: मध्य प्रदेश में प्राथमिक शिक्षा में ड्रॉपआउट रेट जीरो, जानें कैसे बदली स्‍कूली की तस्वीर

मध्य प्रदेश की प्राथमिक शिक्षा को लेकर राज्य सरकार ने एक बड़ी उपलब्धि का दावा किया है। सरकार के मुताबिक, राज्य में प्राथमिक स्तर पर पढ़ाई छोड़ने वाले बच्चों की संख्या अब शून्य हो गई है।

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मध्य प्रदेश में प्राथमिक शिक्षा में ड्रॉपआउट रेट जीरो

मध्य प्रदेश की प्राथमिक शिक्षा को लेकर राज्य सरकार ने एक बड़ी उपलब्धि का दावा किया है। सरकार के मुताबिक, राज्य में प्राथमिक स्तर पर पढ़ाई छोड़ने वाले बच्चों की संख्या अब शून्य हो गई है। यानी इस स्तर पर ड्रॉपआउट रेट जीरो प्रतिशत तक पहुंच गया है। स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से यह जानकारी साझा की गई है।

कैसे बदली तस्वीर

मध्य प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चेतन्य काश्यप ने बताया कि साल 2002-03 में राज्य के प्राथमिक स्तर पर बच्चों के स्कूल छोड़ने की दर करीब 15 प्रतिशत थी। उनके मुताबिक, अब इसमें काफी सुधार हुआ है और राज्य ने प्राथमिक शिक्षा में जीरो ड्रॉपआउट का लक्ष्य हासिल किया है।

इससे पहले 18 जून को मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी इंदौर में एक कार्यक्रम के दौरान प्राथमिक स्कूलों में ड्रॉपआउट रेट शून्य होने की बात कही थी। वह ‘स्कूल चलें हम अभियान’ के तहत शारदा कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पहुंचे थे। यहां उन्होंने छात्रों से बातचीत की और मिठाई भी बांटी।

NEP लागू करने में भी आगे रहने का दावा

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा था कि मध्य प्रदेश स्कूल शिक्षा के साथ-साथ उच्च शिक्षा के क्षेत्र में भी राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) को लागू करने वाले प्रमुख राज्यों में शामिल रहा है।

राज्य सरकार की ओर से जारी इस दावे के बाद प्राथमिक शिक्षा में बच्चों की नियमित पढ़ाई और स्कूलों से जुड़े रहने को लेकर मध्य प्रदेश की प्रगति चर्चा में है। आने वाले समय में स्कूल शिक्षा से जुड़े दूसरे आंकड़ों से इस बदलाव की तस्वीर और साफ होगी।

Neelaksh Singh
नीलाक्ष सिंहauthor

नीलाक्ष सिंह 2021 से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल से जुड़े हैं और एजुकेशन सेक्शन के लिए कंटेंट लिखते हैं। लखनऊ विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने प्रिंट मीडिया में इंटर्नशिप की, जहां फील्ड रिपोर्टिंग, स्टूडेंट-इश्यू बेस्ड ग्राउंड स्टोरीज और सटीक न्यूजराइटिंग की बुनियादी समझ हासिल की। प्रिंट के बाद डिजिटल मीडिया में भी वह एजुकेशन बीट पर ही लगातार काम करते रहे हैं। पत्रकारिता में 10 सालों से सक्रिय नीलाक्ष सिंह 12 हजार से अधिक खबरें लिख चुके हैं। वह एग्जाम अपडेट्स, एडमिशन प्रोसेस, करियर गाइडेंस, स्टूडेंट वेलफेयर, बोर्ड रिजल्ट्स और नीतिगत बदलावों पर गहन और बेहद उपयोगी कंटेंट तैयार करते हैं।

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