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Pariksha Pe Charcha 2024: परीक्षा पे चर्चा से जुड़ी 10 सबसे जरूरी बातें, जो आपको जरूर पता होना चाहिए

Pariksha Pe Charcha 2024 Important Points: 'परीक्षा पे चर्चा' का 7वां संस्करण 29 जनवरी, 2024 को नई दिल्ली में संपन्न हुआ, जहां प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों के साथ कुछ व्यावहारिक सुझाव साझा किए। आइये जानें परीक्षा पे चर्चा से जुड़ी 10 सबसे जरूरी बातें, जो आपको जरूर पता होना चाहिए।

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परीक्षा पे चर्चा से जुड़ी 10 सबसे जरूरी बातें

Pariksha Pe Charcha 2024 Important Points: 'परीक्षा पे चर्चा' का 7वां संस्करण 29 जनवरी, 2024 को नई दिल्ली में संपन्न हुआ, जहां प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों के साथ कुछ व्यावहारिक सुझाव साझा किए। पीएम मोदी ने पढ़ाई में मेहनत करने के अलावा अच्छी नींद का महत्व, दिनचर्या और संतुलित आहार के महत्व के बारे में भी बात की। आइये जानें परीक्षा पे चर्चा से जुड़ी 10 सबसे जरूरी बातें, जो आपको जरूर पता होना चाहिए।

अच्छी नींद व दिनचर्या

पीएम मादी ने छात्रों को पढ़ाई में व्यस्त रहने के अलावा अच्छी नींद के महत्वता भी समझाई। छात्रों के लिए अच्छी नींद, उन्हें पढ़ाई में फोकस करने में मदद करता है। इसके अलावा उन्होंने अपनी नींद की दिनचर्या और संतुलित आहार के महत्व के बारे में बात की।

लिखने का अभ्यास

पीएम मोदी ने नियमित लेखन अभ्यास के लाभों पर जोर दिया। याद की हुई चीजों को लिखने से वे लंबे समय के लिए याद रहती है, और अगर वे याद नहीं हैं तो याद हो जाएंगी।

शांत व्यायाम का सुझाव

बोर्ड परीक्षा से पहले गहरी सांस लें, रिलैक्स रहकर प्लान बनाएं और प्राथमिकता तय करें, कि कौन सा प्रश्न का जवाब पहले देना है। एक छात्र को भी हल्के व्यायाम की मदद लेनी चाहिए, यह शरीर व मानसिक स्थिति को मजबूत करता है। उन्होंने बताया कि शांत व्यायाम महत्वाकांक्षी मित्र होने के सकारात्मक प्रभाव डालता है।

बच्चों की तुलना करना बंद करें

नरेंद्र मोदी ने बच्चों की तुलना न करने की सलाह दी, स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा दिया और माता-पिता को अपने बच्चे के ग्रेड के बारे में बहुत अधिक तनाव देने के प्रति आगाह किया। तुलना करने से बच्चे कहीं न कहीं अनावश्यक दबाव महसूस कर सकते हैं।

रिपोर्ट कार्ड को न मान लें अपना विजिटिंग कार्ड

दसवीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं से पूर्व छात्रों के मानसिक तनाव को कम करने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अभिभावकों को सलाह दी कि वे अपने बच्चे के रिपोर्ट कार्ड को अपना विजिटिंग कार्ड न मानें।

प्रतिस्पर्धा और चुनौतियां को बनाएं प्रेरणा

प्रधानमंत्री ने ‘परीक्षा पे चर्चा’ के सातवें संस्‍करण में कहा कि प्रतिस्पर्धा और चुनौतियों को जीवन में प्रेरणा की तरह लें। उन्होंने अभिभावकों एवं शिक्षकों को सुझाव दिया कि, ‘‘आपको एक बच्चे की तुलना दूसरे से नहीं करनी चाहिए क्योंकि यह उनके भविष्य के लिए हानिकारक हो सकता है। कुछ माता-पिता अपने बच्चों के रिपोर्ट कार्ड को अपना विजिटिंग कार्ड समझते हैं, यह अच्छा नहीं है।’’

तीन तरह का तनाव

प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘‘तनाव कभी साथियों के दबाव से प्रेरित होता है तो कभी माता-पिता द्वारा और कभी स्वयं से भी प्रेरित होता है।’’ थोड़ा दबाव परफार्मेंस को बेहतर करता है, लेकिन इतना भी नहीं होना चाहिए कि यह किसी की क्षमताओं को प्रभावित करे।

छात्र व शिक्षकों का रिलेशन

यह संबंध ऐसा होना चाहिए कि छात्रों को शिक्षक के साथ 'विषय से संबंधित बंधन' से परे कुछ महसूस हो। उन्होंने कहा, ‘‘यह बंधन गहरा होना चाहिए! यह रिश्ता ऐसा होना चाहिए कि छात्र अपने तनाव, समस्याओं और असुरक्षा के बारे में अपने शिक्षकों से खुलकर चर्चा कर सकें।’’

तैयारी के प्रति ईमानदारी

पीएम मोदी ने कहा कि जब शिक्षक अपने छात्रों को अच्छी तरह से सुनेंगे और उनके मुद्दों को पूरी ईमानदारी से संबोधित करेंगे, तभी छात्र बेहतर करेंगे। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि शिक्षक का काम सिर्फ नौकरी करना या उसे बदलना नहीं है बल्कि उसका काम जिंदगी को संवारना है और यह तभी संभव है जब दोनों अपने अपने काम में ईमानदारी बरतें।

देश का भविष्य है यह छात्र

परीक्षाओं से पहले छात्रों के साथ इस कार्यक्रम की सातवीं कड़ी में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि छात्र पहले से कहीं अधिक नवाचारी हो गए हैं। ‘‘हमारे छात्र हमारे भविष्य को आकार देंगे।’’

शिक्षा मंत्रालय द्वारा आयोजित ‘परीक्षा पे चर्चा’ में पिछले छह वर्षों से छात्र, अभिभावक और शिक्षक शामिल होते रहे हैं। कोरोना महामारी के कारण चौथा संस्करण ऑनलाइन आयोजित किया गया था जबकि पांचवां और छठा संस्करण टाउन-हॉल प्रारूप में संपन्न हुआ था।

(भाषा एजेंसी इनपुट के साथ)
TNN Education Desk
TNN एजुकेशन डेस्क author

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