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उल्टी दिशा में बहने वाली भारत की इकलौती नदी कौन सी, क्या है उल्टा बहने के पीछे की वजह ?

Opposite Flowing River in India : गंगा यमुना जैसी नदियां लाखों लोगों के लिए आस्था का केंद्र है। दूर दूर से लोग यहां पर विजिट करने आते हैं। ये सभी नदियां पश्चिम से पूर्व दिशा की ओर बढ़ती हैं। मगर क्या आप जानते हैं कि एक नदी ऐसी भी है, जो उल्टी दिशा में बहती है। इस नदी को आकाश की बेटी भी कहा जाता है। ये कौन सी नदी है और उल्टी दिशा में क्यों बहती है, चलिये जानते हैं...

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Opposite Flowing River

Opposite Flowing River of India : भारत में बहने वाली नदियां अपनी अलग-अलग वजहों के चलते चर्चा में रहती हैं। जिस नदी की हम बात कर रहे हैं उसे कुंवारी नदी भी कहा जाता है। चलिये जानते हैं किस नदी को कुंवारी नदी कहा जाता है और क्या है इसके उल्टा बहने के पीछे का वैज्ञानिक कारण। ये नदी वैसे तो अपनी कई वजहों को लेकर फेमस है, लेकिन ये उल्टी बहने के चलते भी काफी मशहूर है। इस नदी का उद्गम मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले के अमरकंटक पठार में है। गंगा की तरह इसकी भी अपनी धार्मिक मान्यताएं हैं।

उल्टा है इस नदी का प्रवाह

आपको बता दें कि नर्मदा नदी उल्टी दिशा में बहती है। इसका जो प्रवाह है, वो उल्टी दिशा में है। नदी के प्रवाह के लिए जो ढलान है, वो उल्टी दिशा में है। इसी ढलान की वजह से इस नदी का प्रवाह उल्टा है। ये नदी गुजरात और मध्य प्रदेश की मुख्य नदी है। नर्मदा नदी को कुछ जगहों पर रीवा नदी के नाम से भी जाना जाता है। ये भारत की 5वीं सबसे लंबी नदी है, जो 1077 किलोमीटर का सफर तय करती है। इस नदी का उद्गम मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले के अमरकंटक पठार में है।

क्या है इस नदी की कहानी ?

इस नदी के साथ प्यार, विश्वासघात और अकेलेपन की कहानी भी जुड़ी हुई है। इस नदी की लोगों के बीच अपनी अलग अहमियत है। इस नदी के उल्टा बहने के पीछे कई सारी धार्मिक मान्यताएं हैं। उनमें से एक ये भी है कि नर्मदा नदी की शादी सोनभद्र से तय हुआ था। हालांकि नर्मदा की सहेली के रूप में मौजूद जोहिला की वजह से सोनभद्र और नर्मदा का विवाह नहीं हो सका। ऐसे में नर्मदा ने आजीवन कुंवारा रहने का फैसला किया और इसके तहत धारा के उल्टी दिशा में चलने का फैसला लिया इसी वजह से नर्मदा उल्टी दिशा में बहने लगी।

बताते चलें कि नर्मदा नदी का सबसे बड़ा और पॉपुलर ट्रैवल स्पॉट जबलपुर है। ये जगह अपने मार्बल रॉक्स सफेद संगमरमर की ऊंची चट्टानों के लिए मशहूर है।

Kusum Bhatt
कुसुम भट्टauthor

टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बतौर एजुकेशन जर्नलिस्ट कार्यरत कुसुम भट्ट शिक्षा जगत से जुड़ी हर छोटी-बड़ी हलचल पर पैनी नजर रखती हैं। मास्टर्स इन मास कम्युनिकेशन की डिग्री प्राप्त करने के बाद वह पिछले 5 सालों से एजुकेशन बीट को मजबूती से संभाल रही हैं। कुसुम को खबरों को सबसे पहले ब्रेक करने, विषय की गहराई में जाकर स्टोरी तैयार करने और युवाओं को उनके करियर से जुड़ी सटीक जानकारी देने में विशेष दक्षता प्राप्त है। कुसुम की लेखन शैली संक्षिप्त, शोध आधारित और प्रभावशाली है। वे एग्जाम टिप्स, करियर गाइडेंस, सरकारी नौकरी से जुड़ी खबरें, बोर्ड रिजल्ट और सक्सेस स्टोरीज़ जैसे विषयों पर सटीक और भरोसेमंद कंटेंट तैयार करने के लिए जानी जाती हैं। कुसुम अबतक पांच हजार से अधिक बाइलाइन रिपोर्ट पब्लिश कर चुकी हैं। उन्हें ब्लॉगिंग, वेब स्टोरीज और ट्रेंडिंग एजुकेशनल टॉपिक्स पर काम करने का खास शौक है। उनका मानना है कि – "शिक्षा सिर्फ करियर का माध्यम नहीं, बल्कि सोच और समाज दोनों को बदलने की शक्ति रखती है।"

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