एजुकेशन

NEET UG Exam Analysis: फिजिक्स ने बढ़ाई धड़कनें, बायोलॉजी-केमिस्ट्री ने दी राहत, जानें कैसी रही नीट यूजी की परीक्षा

NEET UG Exam Analysis In Hindi: देशभर में नीट की परीक्षाएं खत्म हो चुकी हैं। एग्जाम को लेकर छात्रों की मिली जुली प्रतिक्रियाएं मिल रही हैं। एग्जाम सेंटर्स से बाहर निकले छात्रों का कहना है कि फिजिक्स का पेपर सबसे अधिक चुनौतीपूर्ण रहा, जबकि बायोलॉजी और केमिस्ट्री ने उन्हें काफी राहत दी।

Image

NEET UG Exam Analysis In Hindi: नीट यूजी की परीक्षा खत्म, जानें कैसा रहा पेपर

NEET UG Exam Analysis In Hindi: देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा खत्म हो चुकी है। परीक्षा भारत के 551 शहरों और विदेश के 14 केंद्रों पर आयोजित की गई थी, यहां कुल 22.8 लाख अभ्यर्थी शामिल हुए। एग्जाम दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजकर 15 मिनट तक आयोजित किया गया था। वहीं परीक्षा के खत्म होने के बाद एग्जाम सेंटर्स से बाहर निकले छात्रों की मिली जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिली। दिल्ली समेत कई शहरों से बाहर निकले अभ्यर्थियों ने बताया कि इस बार फिजिक्स का पेपर सबसे अधिक चुनौतीपूर्ण रहा, जबकि बायोलॉजी और केमिस्ट्री ने उन्हें काफी राहत दी।

छात्रों के अनुसार फिजिक्स के प्रश्न न केवल कठिन थे, बल्कि उनमें लंबी गणनाएं भी शामिल थी। कई अभ्यर्थियों ने कहा कि पेपर हल करते समय सबसे अधिक समय फिजिक्स के सवालों में लगा, जिसके कारण समय प्रबंधन एक बड़ी चुनौती बन गया। कुछ छात्रों का मानना था कि फिजिक्स का स्तर पिछले वर्षों की तुलना में अधिक कठिन और विश्लेषणात्मक था।

NEET UG Exam Analysis: बायोलॉजी का पेपर एवरेज रहा

बता दें बायोलॉजी को अधिकांश छात्रों ने संतुलित बताया। छात्रों का कहना था कि अच्छी तैयारी करने वालों के लिए बायोलॉजी स्कोरिंग साबित हो सकती है। केमिस्ट्री का पेपर भी अपेक्षाकृत आसान रहा और इसमें पूछे गए अधिकांश प्रश्न सीधे अवधारणाओं पर आधारित थे।

ग्रेटर नोएडा की छात्रा नित्या खारी ने मीडिया से बातचीत के दौरान बताया कि पिछली बार नीट के पेपर की तुलना में इस बार बायोलॉजी का पेपर काफी आसान था, और केमिस्ट्री का लेवल औसत से मुश्किल के बीच था। उन्होंने आगे कहा कि उन्हें फिजिक्स मुश्किल लगी। उन्होंने कहा, पेपर पिछले वाले के मुकाबले थोड़ा छोटा भी था। कुल मिलाकर मैं इसके मुश्किल होने के लेवल को औसत से आसान के बीच मानूंगी।

वहीं चेन्नई, तमिलनाडु के एक छात्र ने एएनआई से बातचीत के दौरान कहा कि की दोबारा मेरा पेपर अच्छा रहा, लेकिन देखते हैं क्या होता है। पिछली बार के मुकाबले यह परीक्षा ज़्यादा मुश्किल थी।

NEET UG Paper Analysis: फिजिक्स को लेकर छात्र चिंतित

परीक्षा केंद्रों से बाहर निकलते समय कई छात्रों के चेहरों पर संतोष नजर आया, लेकिन फिजिक्स को लेकर चिंता भी साफ दिखाई दी। अभ्यर्थियों का कहना था कि यदि फिजिक्स का स्तर थोड़ा कम कठिन होता तो कुल मिलाकर पेपर काफी संतुलित माना जाता।

NEET UG Re Exam Analysis: मध्यम से कठिन रहा एग्जाम

कुल मिलाकर छात्रों ने NEET-UG 2026 के पेपर को मध्यम से कठिन श्रेणी का बताया। अब सभी की नजरें उत्तर कुंजी और परिणामों पर टिकी हैं, जो यह तय करेंगे कि इस चुनौतीपूर्ण परीक्षा का कटऑफ किस स्तर तक पहुंच सकता है।

सुरक्षा के इंतजाम काफी सख्त

सुरक्षा के इंतजामों को लेकर छात्रों ने कहा कि, इस साल इंतजाम काफी सख्त थे। कॉलेज के एंट्री गेट पर भारी पुलिस बल तैनात था, जहां अधिकारी एडमिट कार्ड और दूसरे जरूरी दस्तावेजों की जांच कर रहे थे। सेंटर के अंदर, उम्मीदवारों की मेटल डिटेक्टर से दो बार स्क्रीनिंग की गई। बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन भी हुआ, और उसके बाद आधार कार्ड वेरिफिकेशन का एक और राउंड हुआ।

राष्ट्रीय स्तर की मेडिकल प्रवेश परीक्षा

बता दें नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट अंडर ग्रेजुएट (NEET UG) भारत में एक राष्ट्रीय स्तर की मेडिकल प्रवेश परीक्षा है, जो सरकारी और निजी संस्थानों में अंडरग्रेजुएट मेडिकल जैसे MBBS, BDS, और AYUSH यानी आयुर्वेदिक, होम्योपैथी, यूनानी जैसे कोर्स में एडमिशन के लिए इच्छुक छात्रों के लिए आयोजित की जाती है।

bhawana gupta
भावना किशोरauthor

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर मूल की भावना ने देश के प्रतिष्ठित संस्थान IIMC से 2014 में पत्रकारिता की पढ़ाई की. 12 सालों से मीडिया में काम कर रही हैं. न्यूज़ नेशन, इंडिया न्यूज़, टीवी 9 भारतवर्ष और ज़ी न्यूज़, न्यूज 18 में काम करने का अनुभव. अभी Times Now में Special correspondent हैं.दिल्ली सरकार, स्वास्थ्य ,रेल, कल्चरल, शिक्षा मंत्रालयों के साथ दिल्ली क्राइम ,पॉलिटिक्स और राजधानी की हर छोटी बड़ी खबरों पर खास तौर से नजर रखती हैं. लोगों से जुड़ी खबरों पर काम करने और लोगों तक सही और सटीक खबरें पहुंचाने को अपना मकसद मानती हैं।

और पढ़ें
End of Article