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NEET Re Exam 2026: ओडिशा की छात्रा को देहरादून में मिला परीक्षा केंद्र, परिवार ने लगाई मदद की गुहार

NEET Re exam 2026: नीट री-एग्जाम से पहले एक बार फिर परीक्षा केंद्र आवंटन को लेकर सवाल उठने लगे हैं। ओडिशा के एक छात्र को उसके घर से करीब 1,500 किलोमीटर दूर उत्तराखंड के देहरादून में परीक्षा केंद्र आवंटित कर दिया गया है।

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ओडिशा के छात्र को देहरादून में मिला परीक्षा केंद्र

NEET Re exam 2026: नीट री-एग्जाम से पहले एक बार फिर परीक्षा केंद्र आवंटन को लेकर सवाल उठने लगे हैं। ओडिशा के एक छात्रा को उसके घर से करीब 1,500 किलोमीटर दूर उत्तराखंड के देहरादून में परीक्षा केंद्र आवंटित कर दिया गया है। इस फैसले के बाद छात्र और उसका परिवार काफी परेशान है तथा उन्होंने संबंधित अधिकारियों से मदद की अपील की है। जानकारी के अनुसार, छात्रा संजना संजीबनी ओडिशा की निवासी है और उसने परीक्षा केंद्र के लिए अपने राज्य तथा आसपास के शहरों को प्राथमिकता दी थी। लेकिन री-एग्जाम के एडमिट कार्ड में उसे देहरादून का केंद्र आवंटित किया गया। परिवार का कहना है कि इतनी कम अवधि में लंबी दूरी की यात्रा की व्यवस्था करना बेहद मुश्किल है। इससे न केवल आर्थिक बोझ बढ़ेगा, बल्कि परीक्षा से पहले छात्रा पर अतिरिक्त मानसिक दबाव भी पड़ेगा।

परिजनों ने राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) और शिक्षा मंत्रालय से मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है। उनका कहना है कि छात्रा को उसके निवास स्थान के निकट किसी परीक्षा केंद्र पर स्थानांतरित किया जाए, ताकि वह बिना किसी अतिरिक्त परेशानी के परीक्षा में शामिल हो सके।

गौरतलब है कि NEET UG 2026 री-एग्जाम 21 जून को आयोजित होना है।

नीट एडमिट कार्ड

नीट एडमिट कार्ड

खबरों के मुताबिक, उम्मीदवार के पिता संजय बिस्वाल ने इंडियन एक्स-सर्विसेज लीग (IESL), ओडिशा और अन्य संबंधित अधिकारियों को आवेदन देकर एडमिट कार्ड में तुरंत सुधार की मांग की है। उन्होंने अपनी अर्जी में अनुरोध किया है कि उनकी बेटी को उसके गृह राज्य के पास कोई केंद्र दिया जाए ताकि वह दोबारा होने वाली परीक्षा में शामिल हो सके।

पेपर लीक विवाद के बाद 3 मई को हुई परीक्षा रद्द कर दी गई थी और दोबारा परीक्षा कराने का फैसला लिया गया। शिक्षा मंत्रालय ने पहले कहा था कि री-एग्जाम के लिए छात्रों को परीक्षा शहर चुनने का अवसर दिया जाएगा और केंद्रों का आवंटन प्राथमिकताओं के आधार पर किया जाएगा।

हालांकि, इस तरह के मामलों ने कई अभ्यर्थियों की चिंता बढ़ा दी है। परिवार का कहना है कि परीक्षा से ठीक पहले ऐसी स्थिति छात्रों की तैयारी और मनोबल दोनों को प्रभावित कर सकती है। अब सभी की नजर NTA की प्रतिक्रिया पर टिकी हुई है कि एजेंसी इस मामले में क्या कदम उठाती है।

Kuldeep Raghav
कुलदीप राघवauthor

कुलदीप राघव प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों से अधिक अनुभव का रखने वाले पत्रकार हैं। टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में वह एजुकेशन सेक्शन को लीड कर रहे हैं। एजुकेशन सेक्टर की गहरी समझ और लगातार फील्ड-ओरिएंटेड रिपोर्टिंग के कारण कुलदीप इस बीट के भरोसेमंद पत्रकारों में गिने जाते हैं। वे स्कूल और उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाएं, एडमिशन और काउंसलिंग प्रोसेस, स्कॉलरशिप, करियर गाइडेंस, जॉब अलर्ट, स्किल डेवलपमेंट और युवाओं से जुड़े सामाजिक-शैक्षणिक मुद्दों पर तथ्यात्मक और आसान भाषा में खबरें पब्लिश करते हैं। कुलदीप ने अब तक 18,000 से अधिक बाइलाइन स्टोरीज लिखी हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, विश्लेषण, डेटा आधारित रिपोर्ट्स और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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