सांकेतिक तस्वीर
NEET Leak Mastermind Arrested: NEET पेपर लीक मामले का मास्टरमाइंड संजीव मुखिया गिरफ्तार हो गया है। संजीव को पकड़ने में 11 महीने बाद STF को सफलता हाथ लगी। संजीव सॉल्वर गैंग का सरगना माना जाता है, हाल ही में पुलिस ने इसके ऊपर तीन लाख रुपये का इनाम रखा था। इस मामले में पहले भी कई गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। नीट मामले में जनवरी में पटना सिविल कोर्ट ने इसके खिलाफ वारंट जारी किया था और इसके पेश ना होने पर या गिरफ्तार ना होने पर संपत्ति कुर्क की कार्रवाई का भा आदेश दिया था। इसकी गिरफ्तारी से NEET पेपर लीक मामले में कई और राज से पर्दा उठने की उम्मीद है।
51 साल का संजीव मुखिया उर्फ लूटन बिहार के नालंदा जिले के नगरनौसा गांव का रहने वाला है। पहली बार उसका नाम 2010 में ब्लूटूथ डिवाइस का इस्तेमाल करके छात्रों को नकल कराने में आया था। साल 2016 में बिहार सिपाही भर्ती परीक्षा लीक मामले में भी संजीव का नाम आया था। इसके अलावा संजीव मुखिया का नाम बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा -III (BPSC) के पेपर लीक मामले में आ चुका है। उसका डॉक्टर बेटा शिवकुमार इसी मामले में अभी जेल में है।
संजीव नालंदा के नूरसराय उद्यान महाविद्यालय में तकनीकी सहायक के पद पर था। 5 मई 2024 को आयोजित हुई नीट परीक्षा के बाद वह 14 मई तक कॉलेज से गायब था। इस संबंध में उसने महाविद्यालय को 6 मई को अचानक तबीयत खराब हो जाने की बात कही थी।
10 अप्रैल को इस परीक्षा माफिया समेत 3 आरोपियों की गिरफ्तारी में सहायक सूचना देने वाले को नकद पुरस्कार देने की घोषणा हुई। ब बिहार सरकार की तरफ से रखे गए इस इनाम में संजीव मुखिया पर 3 लाख रुपये का नकद इनाम और शुभम कुमार और राजकिशोर कुमार की गिरफ्तारी में सहायक सूचना देने पर एक-एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया।
जनवरी में पटना सिविल कोर्ट की तरफ से संजीव के खिलाफ गिरफ्तारी का वारंट जारी किया गया था। अदालत का आदेश था कि अगर एक महीने में उसकी गिरफ्तारी नहीं होती है या फिर वह खुद कोर्ट में पेश नहीं होता है तो उसकी संपत्ति कुर्क की जाएगी। इसके बाद आर्थिक अपराध इकाई (EOU) के अधिकारी उसकी तलाश कर रहे थे। इस क्रम में हुई जांच में खुलासा हुआ कि संजीव मुखिया परीक्षा माफियाओं का अंतरराज्यीय गिरोह चलाता है। जिसमें बिहार, झारखंड, उत्तरप्रदेश, बंगाल, ओडिशा, राजस्थान और मध्यप्रदेश के परीक्षा माफिया शामिल हैं।