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MPBSE MP Board Result 2026 : कितने देर पढ़ती थीं मध्य प्रदेश 10वीं की टॉपर प्रतिभा सिंह सोलंकी ?

मध्य प्रदेश 10वीं बोर्ड परीक्षा में इस साल प्रतिभा सिंह सोलंकी ने बाजी मारी है। प्रतिभा को 500 में से 499 मार्क्स मिले। चलिये जानते हैं कि इस मुकाम को हासिल करने के लिए प्रतिभा रोजाना कितनी पढ़ाई करती थीं।

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mpbse mp board

MPBSE 10th Topper Pratibha Solanki : मध्य प्रदेश बोर्ड (MPBSE) परीक्षा का परिणाम जारी हो चुका है। इस बार भी छात्राओं ने अच्छा प्रदर्शन करते हुए बाजी मारी है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने छात्राओं की तारीफ करते हुए सहारना की। सुबह 11 बजे रिजल्ट घोषित किया गया, जो तय समय से तीन हफ्ते पहले था। इस बार चेकिंग प्रोसेस (mpbse result) काफी पहले पूरा कर दिया गया। (mpbse mp board) कुल 378 छात्रों ने मेरिट लिस्ट में अपनी जगह बनाई है। इस साल का टॉपर पन्ना की प्रतिभा सिंह सोलंकी हैं, जिन्होंने 500 में से 499 अंक प्राप्त कर टॉप में अपनी जगह बनाई है। चलिये बात करते हैं प्रतिभा सिंह के बारे में और कैसे उन्होंने ये मुकाम हासिल किया और टॉपर बनने के लिए प्रतिभा कितनी देर तक पढ़ाई किया करती थीं।

प्रतिभा ने बताया सफलता का राज

मीडिया से बातचीत में प्रतिभा (Pratibha Solanki) ने अपनी सफलता की कुंजी कॉन्फिडेंस को बताया। वे कहती हैं कि सबसे पहले तो खुद पर भरोसा रखें। बाकि बच्चों को उन्होंने संदेश दिया कि अगर और बच्चे भी अच्छी तरह से पढ़ाई करेंगे और खुद पर भरोसा रखेंगे तो वे भी टॉप कर सकते हैं। इस दौरान उनके साथ उनके माता-पिता भी शामिल थे। (mp board topper strategy)

ऐसा था मध्य प्रदेश बोर्ड 10वीं टॉपर प्रतिभा का शेड्यूल

प्रतिभा सिंह सोलंकी रोज रात 8 से 11 बजे तक पढ़ती थी और सुबह के समय भी 2 घंटे रोजाना पढ़ाई को देती थीं। प्रतिभा ने 10वीं में टॉप करने का पूरा अपने शिक्षकों और परिवार को दिया है। उन्होंने बताया कि स्कूल में ही उनके सभी डाउट्स हल हो जाते थे, जिससे उन्हें घर पर रिवीजन करने में काफी मदद मिलती थी। प्रतिभा आगे बताती हैं कि स्कूल में ही उनके सारे डाउट्स हल हो जाते थे, जिससे घर आकर रिवीजन में उन्हें काफी मदद मिलती थी।

कब से कब तक हुए थे एग्जाम ?

बताते चलें कि मध्य प्रदेश दसवीं की परीक्षाएं 10 फरवरी से लेकर 2 मार्च 2026 तक चली थीं। परीक्षा पूरे प्रदेश में निर्धारित केंद्रों पर कराई गई थीं। छात्रों को थ्योरी और प्रैक्टिकल मिलाकर 33 प्रतिशत नंबर्स लाना जरूरी है। इससे कम नंबर्स लाने पर छात्रों को फेल माना जाएगा। हर बार की तरह इस बार भी रिजल्ट में छात्राओं के बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद जताई जा रही थी और हुआ भी कुछ ऐसा ही। इस बार छात्राओं ने बाजी मार ली।

Kusum Bhatt
कुसुम भट्टauthor

टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बतौर एजुकेशन जर्नलिस्ट कार्यरत कुसुम भट्ट शिक्षा जगत से जुड़ी हर छोटी-बड़ी हलचल पर पैनी नजर रखती हैं। मास्टर्स इन मास कम्युनिकेशन की डिग्री प्राप्त करने के बाद वह पिछले 5 सालों से एजुकेशन बीट को मजबूती से संभाल रही हैं। कुसुम को खबरों को सबसे पहले ब्रेक करने, विषय की गहराई में जाकर स्टोरी तैयार करने और युवाओं को उनके करियर से जुड़ी सटीक जानकारी देने में विशेष दक्षता प्राप्त है। कुसुम की लेखन शैली संक्षिप्त, शोध आधारित और प्रभावशाली है। वे एग्जाम टिप्स, करियर गाइडेंस, सरकारी नौकरी से जुड़ी खबरें, बोर्ड रिजल्ट और सक्सेस स्टोरीज़ जैसे विषयों पर सटीक और भरोसेमंद कंटेंट तैयार करने के लिए जानी जाती हैं। कुसुम अबतक पांच हजार से अधिक बाइलाइन रिपोर्ट पब्लिश कर चुकी हैं। उन्हें ब्लॉगिंग, वेब स्टोरीज और ट्रेंडिंग एजुकेशनल टॉपिक्स पर काम करने का खास शौक है। उनका मानना है कि – "शिक्षा सिर्फ करियर का माध्यम नहीं, बल्कि सोच और समाज दोनों को बदलने की शक्ति रखती है।"

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