Meet Prayagraj new Police Commissioner Piyush Mordia : उत्तर प्रदेश सरकार ने वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी पीयूष मोर्डिया को प्रयागराज का नया पुलिस कमिश्नर नियुक्त किया है। वाराणसी जोन के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (ADG) के पद पर तैनात रहे मोर्डिया अब प्रयागराज कमिश्नरेट की कमान संभालेंगे। तकनीक आधारित पुलिसिंग और सख्त प्रशासनिक छवि के लिए पहचाने जाने वाले पीयूष मोर्डिया की सफलता की कहानी लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा है। खास बात यह है कि उन्होंने भारतीय नौसेना (Indian Navy) की प्रतिष्ठित नौकरी छोड़कर सिविल सेवा का रास्ता चुना और अपने पहले ही प्रयास में यूपीएससी परीक्षा पास कर आईपीएस अधिकारी बने।
राजस्थान से ताल्लुक
आईपीएस अधिकारी पीयूष मोर्डिया मूल रूप से राजस्थान के अजमेर के रहने वाले हैं। वह 1998 बैच के उत्तर प्रदेश कैडर के आईपीएस अधिकारी हैं। आईपीएस पीयूष मोर्डिया ने उत्तर प्रदेश के कई महत्वपूर्ण जिलों में अपनी सेवाएं दीं। कानून-व्यवस्था को मजबूत करने, संगठित अपराध पर प्रभावी कार्रवाई और आधुनिक तकनीक के उपयोग से पुलिसिंग को बेहतर बनाने में उनकी अहम भूमिका रही। विभिन्न जिलों में बतौर पुलिस अधीक्षक और वरिष्ठ पदों पर कार्य करते हुए उन्होंने अपराध नियंत्रण, महिला सुरक्षा और जनसुनवाई प्रणाली को मजबूत करने के लिए कई प्रभावी पहल कीं।
इंजीनियर हैं पीयूष मोर्डिया
पीयूष मोर्डिया की शुरुआती पढ़ाई राजस्थान में ही हुई। बचपन से ही पढ़ाई में मेधावी रहे पीयूष का झुकाव विज्ञान विषयों की ओर था। स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। इंजीनियरिंग के दौरान ही उनका चयन भारतीय नौसेना में अधिकारी के रूप में हो गया। नौसेना में नौकरी के दौरान उन्हें देश की सेवा का अवसर मिला, लेकिन उनका सपना प्रशासनिक सेवा में जाकर समाज के लिए बड़े स्तर पर काम करने का था।
इसी लक्ष्य को लेकर उन्होंने नौसेना की नौकरी छोड़ने का कठिन फैसला लिया और यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी। सीमित समय में उन्होंने कड़ी मेहनत, अनुशासन और सही रणनीति के दम पर वर्ष 2010 में संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा उत्तीर्ण की और भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के लिए चयनित हुए। उन्हें उत्तर प्रदेश कैडर आवंटित किया गया।
पीयूष मोर्डिया एजुकेशन
उन्होंने B.Sc. करने के बाद फाइनेंस में एमबीए किया। इसके अलावा उनके पास कानून की डिग्री (LLB), पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन में मास्टर्स और मशहूर हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से 'मेसन फेलोशिप' भी है।
