एजुकेशन

Makar Sankranti Essay in Hindi: विज्ञान और आध्यात्म का संगम... देखें मकर संक्रांति पर शॉर्ट और सरल निबंध

Makar Sankranti Essay in Hindi: मकर संक्रांति 14 और 15 जनवरी को पूरे भारत में धूमधाम से मनाया जाता है। हालांकि, कई अन्य राज्यों में इस दिन को अलग-अलग त्योहार मनाया जाता है। जैसे दक्षिण भारत में इस दिन को पोंगल मनाते हैं। वहीं, पंजाब में लोहड़ी 13 जनवरी और 14 जनवरी को मनाया जाता है। ज्यादातर जगहों पर मकर संक्रांति मनाया जाता है। ऐसे में मकर संक्रांति पर एक सरल और शॉर्ट निबंध यहां देख सकते हैं।

Image

मकर संक्रांति पर निबंध

Photo : Times Now Digital

Makar Sankranti Essay in Hindi: मकर संक्रांति को उत्तरायण भी कहते हैं। यह दिन सर्दियों के अंतिम दिन से भी जाना जाता है जो सभी के लिए एक नई शुरूआत और विश्वास लेकर आता है। इस मौके पर छुट्टियां भी रहती हैं। स्कूलों में निबंध लेखन की प्रतियोगिता भी होती है। ऐसे में छात्रों की सहायता के लिए मकर संक्रांति पर निबंध लेकर आए हैं। मकर संक्रांति त्योहार पर एक सरल और शॉर्ट निबंध यहां देख सकते हैं।

Why We Celebrate Makar Sankranti: क्यों मनाते हैं मकर संक्रांति?

मकर संक्रांति का दिन मकर राशि में सूर्य के प्रवेश का दिन होता है। इसे उत्तरायण भी कहते हैं। भारत एक कृषि प्रधान देश है इसलिए इस दिन हर किसान सूर्य भगवान से वर्ष भर अच्छी और भरपूर फसल उगाने की प्रार्थना करता है। इस दिन को सर्दियों के अंतिम दिन से भी जाना जाता है। मकर संक्रांति के दिन लोग तिल से बनी मिठाइयां खाते हैं, पतंग उड़ाते हैं और दोस्तों व करीबियों से भी मिलते हैं।

मकर संक्रांति हिंदू धर्म में अलग-अलग प्रान्तों में अलग-अलग नाम से मनाया जाता है। इस त्योहार को विज्ञान और आध्यात्म से जोड़कर देखा जाता है। जब सूर्य देव धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करते हैं, तो इसे सूर्य का संक्रमण काल कहा जाता है।

Makar Sankranti Essay in Hindi: मकर संक्रांति पर निबंध

हमारे देश में मकर संक्रांति का त्योहार हर साल 14 या 15 जनवरी को मनाया जाता है। मकर संक्रांति का यह त्योहार हमें हमेशा एक नई शुरुआत करने के लिए प्रेरित करता है, जिसमें मिठास हो, खूब सारे रंग हो और खूब खुशियां होती है। मकर संक्रांति फसलों का त्योहार है, नई आशाओं का त्योहार है। सूर्य की दिशा बदलने के साथ एक नई शुरूआत होती है।

हिंदू परंपरा के अनुसार यह बहुत ही शुभ अवसर होता है। इस दिन, देश भर में कई लोग भक्ति भाव से पवित्र नदियों में डुबकी लगाकर सूर्य देव को अर्घ्य देते हैं। इस त्योहार पर पतंग उड़ाने की पुरानी परंपरा है। इस दिन आकाश रंग-बिरंगी पतंगों से भरा हुआ दिखाई देता है।

भारत के अलग-अलग राज्यों में लोग मकर संक्रांति को अलग-अलग नामों से मनाते हैं। कर्नाटक में, मकर संक्रांति पर, व्यंजनों के आदान-प्रदान की परंपरा को एलु बिरोधु कहा जाता है। तमिलनाडु में इसे ‘पोंगल’, असम में ‘माघ बिहू’ के रूप में मनाया जाता है। वहीं, पंजाब में ‘लोहड़ी’, गुजरात में उत्तरायण और उत्तर प्रदेश और बिहार में इसे ‘खिचड़ी’ के नाम से जाना जाता है।

Ravi Mallick
Ravi Mallickauthor

<p>सर्वविद्या की राजधानी कहे जाने वाले वाराणसी का रहने वाला हूं। यहीं से पढ़ाई की शुरुआत हुई। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन पूरा किया। इसके बाद पत्रकारिता की पढ़ाई के लिए लखनऊ आया और स्वामी विवेकानंद सुभारती यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में मास्टर्स की डिग्री ली।पढ़ाई के दौरान लखनऊ में रहकर 2017 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव और 2019 के लोकसभा चुनाव को करीब से देखा। डिजिटल युग में पत्रकारिता की शुरुआत अमर उजाला से हुई। इस दौरान कोरोना महामारी में जूझ रही जिंदगियों को देखा, उसके बारे में लिखा और लोगों तक पहुंचने का प्रयास किया।साल 2020 से TV9 भारतवर्ष के साथ जुड़ा रहा। यहां शुरुआत दूनिया की खबरों से हुई। फ‍िर एजुकेशन सेक्शन के साथ काम करते हुए 3 साल पूरे कर लिए। रोजगार, स्कूली शिक्षा, बोर्ड परीक्षा और रिजल्ट पर काम करने का मौका मिला। स्कूली शिक्षा से लेकर नौकरी तक की खबरों पर काम करना पसंद है। युवाओं को बेहतर करियर ऑप्शन, करंट अफेयर्स और नई वैकेंसी के बारे में बताना अच्छा लगता है। बोर्ड परीक्षा हो या UPSC, JEE और NEET एग्जाम टॉपर्स से बात करना और उनकी स्ट्रेटजी के बारे में जानना पसंद है। युवाओं को प्रेरित करने के लिए उनके बीच के मुद्दों को उठाना और सही व सटीक जानकारी देना ही मेरी प्राथमिकता है। फरवरी 2024 से Times Network में timesnowhindi.com के एजुकेशन टीम के साथ जुड़ा हूं।</p>

और पढ़ें
End of Article