Karnataka PUC 2nd Year Result 2023, Karnataka PUC 2nd Topper Tabassum Shaik: भाजपा के नेतृत्व वाली कर्नाटक सरकार ने बीते साल जब कक्षाओं में हिजाब पहनने पर रोक लगा दी थी, तब 18 वर्षीय तबस्सुम शेख के सामने भी एक बड़ी चुनौती थी। उसे अपनी पढ़ाई या फिर अपने धर्म में से किसी एक को चुनना था। तबस्सुम ने हिजाब की जगह शिक्षा को चुना और आज लाखों स्टूडेंट्स के लिए एक मिसाल पेश की है।
शिक्षा के लिए किया बलिदान
बेंगलुरु में नगरत्नम्मा मेदा कस्तूरीरंगा शेट्टी राष्ट्रीय विद्यालय (NMKRV) कॉलेज फॉर वुमेन की छात्रा तबस्सुम के लिए ये चुनाव करना साफ था। उन्होंने द इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि “मैंने हिजाब (कॉलेज में) छोड़ने और अपनी शिक्षा जारी रखने का फैसला किया। हमें शिक्षा के लिए कुछ बलिदान करने की आवश्यकता होगी।"
रंग लाया तबस्सुम का फैसला
एक साल बाद तबस्सुम का यह फैसला रंग लाया है। कर्नाटक प्री-यूनिवर्सिटी शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित पीयूसी-द्वितीय परीक्षा में उन्होंने पहला स्थान हासिल किया है। वह इस साल स्टेट आर्ट्स की टॉपर हैं। बता दें कि तबस्सुम ने 600 में से 593 अंक हासिल किए हैं और हिंदी, मनोविज्ञान और समाजशास्त्र में 100 अंक प्राप्त किए।
शिक्षा और हिजाब के बीच चुनाव
कर्नाटक में हिजाब प्रतिबंध को लेकर विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई अराजकता को याद करते हुए तबस्सुम ने कहा कि वह अपनी शिक्षा पर इसके प्रभाव को लेकर चिंतित थीं क्योंकि तब तक उन्होंने हमेशा कक्षा में हिजाब पहना था। जहां तबस्सुम के कुछ दोस्त दूसरे कॉलेजों में चले गए तो कुछ ने ओपन स्कूलिंग की ओर रुख कर लिया। वहीं, तबस्सुम ने शिक्षा और हिजाब के बीच शिक्षा को चुना क्योंकि बड़ी चीजों को पूरा करने के लिए कुछ बलिदान की आवश्यकता होती है।
क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट बनने का सपना
तबस्सुम ने बताया वह क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट बनना चाहती हैं। फिलहाल वह बेंगलुरु में आर वी विश्वविद्यालय में स्नातक कला में दाखिला लेने की योजना बना रही है। वहीं, उनके बड़े भाई वर्तमान में एमटेक की डिग्री हासिल कर रहे हैं।
