Jammu Kashmir Naib Tehsildars recruitment postponed: जम्मू कश्मीर सेवा चयन बोर्ड (जेकेएसएसबी) ने मंगलवार को केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (कैट) द्वारा एक दिन पहले जारी आदेश का हवाला देते हुए राजस्व विभाग में नायब तहसीलदार पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया स्थगित कर दी। जम्मू कश्मीर में नायब तहसीलदार के पद के लिए न्यूनतम योग्यता के रूप में उर्दू के ज्ञान के साथ स्नातक की डिग्री अनिवार्य की गई थी, जिस कारण कैट की दो सदस्यीय पीठ ने जम्मू कश्मीर राजस्व (अधीनस्थ) सेवा भर्ती नियम 2009 के प्रासंगिक प्रावधानों के क्रियान्वयन पर रोक लगा दी है।
कैट ने जेकेएसएसबी को नायब तहसीलदार के पद के लिए उन उम्मीदवारों से आवेदन स्वीकार करने का निर्देश दिया, जिनके पास जम्मू कश्मीर आधिकारिक भाषा अधिनियम, 2020 में उल्लिखित पांच आधिकारिक भाषाओं में से किसी एक के ज्ञान के साथ स्नातक की डिग्री है।
इन आधिकारिक भाषाओं में हिंदी, कश्मीरी, अंग्रेजी, डोगरी और उर्दू शामिल हैं।
जेकेएसएसबी ने एक नोटिस में कहा, ‘‘इसके द्वारा यह सूचित किया जाता है कि केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण जम्मू द्वारा पारित अंतरिम निर्देश के मद्देनजर... नायब तहसीलदार के पद के लिए आवेदन आमंत्रित करने की प्रक्रिया (नौ जून को जारी) को अगली सूचना/आदेश तक स्थगित कर दिया गया है।’’
भाजपा ने किया था विरोध
जम्मू-कश्मीर में नायब तहसीलदार भर्ती परीक्षा में उर्दू को अनिवार्य करने के सरकारी आदेश के खिलाफ भाजपा ने कड़ा विरोध दर्ज कराया था। पार्टी के विधायकों ने सिविल सचिवालय के बाहर धरना देकर इस आदेश को भेदभावपूर्ण और जम्मू के युवाओं के हितों के खिलाफ बताया। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि नेशनल कॉन्फ्रेंस इस तरह के फैसलों के जरिए क्षेत्र में अशांति फैलाना चाहती है। उन्होंने सरकार को चेतावनी दी थी कि यदि यह आदेश वापस नहीं लिया गया तो आंदोलन और अधिक तेज किया जाएगा। भाजपा इसे युवाओं के भविष्य से जुड़ा गंभीर मामला मान रही है।
(भाषा इनपुट के साथ)
