Indian Railways और Indian Army ने मिलकर एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। दोनों संस्थानों ने “Framework of Cooperation” नाम से एक नया सहयोग ढांचा शुरू किया है, जिसका उद्देश्य सेना से सेवानिवृत्त होने वाले जवानों और अग्निवीरों को रेलवे में बेहतर रोजगार के अवसर देना है। अग्निवीरों और पूर्व सैनिकों को सेवा के बाद रेलवे में नौकरी के बेहतर अवसर मिलेंगे। इस पहल के तहत रेलवे में लेवल-1 और लेवल-2 व उससे ऊपर के पदों पर आरक्षण दिया गया है और 2024–25 में लगभग 14,788 पद पूर्व सैनिकों के लिए रखे गए हैं। साथ ही, खाली पदों को जल्दी भरने के लिए 5,000 से अधिक पूर्व सैनिकों को अनुबंध पर प्वाइंट्समैन के रूप में भर्ती किया जाएगा।
यह कदम सैनिकों के अनुभव का सम्मान करते हुए उन्हें सम्मानजनक दूसरा करियर देने की दिशा में बड़ा प्रयास किया जा रहा है।
आसानी से मिलेगा रोजगार
इस पहल से सैनिकों को सेना के बाद आसानी से रोजगार मिलेगा और उनके अनुभव का देशहित में सही उपयोग हो सकेगा।
आरक्षण का प्रावधान
पूर्व सैनिकों के लिए
- लेवल-1 पदों में 20% आरक्षण
- लेवल-2 और उससे ऊपर के पदों में 10% आरक्षण
अग्निवीरों के लिए
- लेवल-1 पदों में 10% आरक्षण
- लेवल-2 और उससे ऊपर के पदों में 5% आरक्षण
14,788 पद पहले ही आरक्षित
साल 2024 और 2025 की रेलवे भर्तियों में कुल 14,788 पद पूर्व सैनिकों के लिए आरक्षित किए गए हैं, जिनमें-
- 6,485 पद लेवल-1 (पूर्व ग्रुप-डी)
- 8,303 पद लेवल-2 और उससे ऊपर
5,000 से ज्यादा प्वाइंट्समैन पद
खाली पदों को जल्दी भरने और पूर्व सैनिकों को तुरंत रोजगार देने के लिए रेलवे ने एक और अहम फैसला लिया है। 5,000 से अधिक पूर्व सैनिकों को “प्वाइंट्समैन” के रूप में संविदा (कॉन्ट्रैक्ट) पर नियुक्त किया जाएगा। ये नियुक्तियां नियमित भर्ती पूरी होने तक रहेंगी।
अब तक 9 रेलवे डिवीजनों ने सेना की संबंधित इकाइयों के साथ MoU पर हस्ताक्षर कर लिए हैं। अन्य डिवीजनों को भी तेजी से इस प्रक्रिया में शामिल होने के निर्देश दिए गए हैं।
