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IMA में रचा जाएगा इतिहास, भारतीय सेना को मिलेंगे 481 नए अधिकारी, पहली बार पास आउट होंगी महिला कैडेट्स

IMA Passing Out Parade: भारतीय सैन्य अकादमी (IMA), देहरादून का पासिंग आउट परेड (POP) इस बार ऐतिहासिक बनने जा रहा है। शनिवार को आयोजित होने वाली परेड के बाद भारतीय सेना को 481 नए युवा अधिकारी मिलेंगे।

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IMA पासिंग आउट परेड (फोटो - PIB)

IMA Passing Out Parade: भारतीय सैन्य अकादमी (IMA), देहरादून का पासिंग आउट परेड (POP) इस बार ऐतिहासिक बनने जा रहा है। शनिवार को आयोजित होने वाली परेड के बाद भारतीय सेना को 481 नए युवा अधिकारी मिलेंगे। खास बात यह है कि IMA के 93 साल से अधिक के इतिहास में पहली बार महिला कैडेट्स भी प्रशिक्षण पूरा कर सेना में अधिकारी के रूप में शामिल होंगी। यह भारतीय सेना में महिला सशक्तिकरण और लैंगिक समानता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद NDA में महिलाओं के प्रवेश का रास्ता खुला था और अब वही कैडेट्स सेना में अधिकारी बनने जा रही हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु शुक्रवार को दो दिवसीय दौरे पर देहरादून पहुंच गईं। शनिवार को वह भारतीय सैन्य अकादमी (आइएमए) की पासिंग आउट परेड में बतौर मुख्य अतिथि शामिल होकर सलामी लेंगी।

पासिंग आउट परेड IMA के ऐतिहासिक चेटवुड ड्रिल स्क्वायर पर आयोजित होगी। परेड के दौरान कैडेट्स ‘अंतिम पग’ (Antim Pag) की परंपरा निभाएंगे, जिसके साथ ही वे प्रशिक्षु से सेना के अधिकारी बन जाएंगे। यह क्षण हर सैन्य कैडेट के जीवन का सबसे गौरवपूर्ण पल माना जाता है। देशभर की नजरें इस ऐतिहासिक पासिंग आउट परेड पर टिकी हैं, जहां एक ओर भारतीय सेना को 481 नए अधिकारी मिलेंगे, वहीं दूसरी ओर महिला कैडेट्स की पहली बैच इतिहास रचते हुए भारतीय सेना का हिस्सा बनेगी।

जानकारी के अनुसार, पासिंग आउट परेड के बाद कुल 481 जेंटलमैन और महिला कैडेट भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट के रूप में कमीशन प्राप्त करेंगे। इनमें पहली बार आठ महिला कैडेट्स भी शामिल हैं, जो IMA से स्थायी कमीशन प्राप्त करने वाली पहली महिला अधिकारी बनेंगी।

यह आयोजन केवल नए अधिकारियों के सेना में शामिल होने का अवसर नहीं है, बल्कि भारतीय सशस्त्र बलों में बदलते दौर और महिलाओं की बढ़ती भागीदारी का भी प्रतीक है। पहली बार महिला कैडेट्स का IMA से पास आउट होना भारतीय सैन्य इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ देगा। इन महिला कैडेट्स की यात्रा भी बेहद खास रही है। उन्होंने राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) में प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली पहली महिला बैच का हिस्सा बनने के बाद IMA में अपना अंतिम सैन्य प्रशिक्षण पूरा किया है।

Kuldeep Raghav
कुलदीप राघवauthor

कुलदीप राघव प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों से अधिक अनुभव का रखने वाले पत्रकार हैं। टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में वह एजुकेशन सेक्शन को लीड कर रहे हैं। एजुकेशन सेक्टर की गहरी समझ और लगातार फील्ड-ओरिएंटेड रिपोर्टिंग के कारण कुलदीप इस बीट के भरोसेमंद पत्रकारों में गिने जाते हैं। वे स्कूल और उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाएं, एडमिशन और काउंसलिंग प्रोसेस, स्कॉलरशिप, करियर गाइडेंस, जॉब अलर्ट, स्किल डेवलपमेंट और युवाओं से जुड़े सामाजिक-शैक्षणिक मुद्दों पर तथ्यात्मक और आसान भाषा में खबरें पब्लिश करते हैं। कुलदीप ने अब तक 18,000 से अधिक बाइलाइन स्टोरीज लिखी हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, विश्लेषण, डेटा आधारित रिपोर्ट्स और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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