UPSC CSE 2024 Topper Akash Garg Success Story: सिविल सेवा परीक्षा 2024 का फाइनल रिजल्ट कल 22 अप्रैल को जारी कर दिया गया, परिणाम के साथ साथ टॉपर्स लिस्ट भी जारी की गई। UPSC CSE 2024 Result में दिल्ली के आकाश गर्ग ने AIR 5 रैंक हासिल की है, उन्होंने मीडिया को अपने पढ़ाई के बारे के बताया, (Akash Garg Success Story) अगर आप भी यूपीएससी या अन्य किसी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, तो देखें UPSC CSE 2024 Topper Akash Garg Motivational Story
सिविल सेवा परीक्षा 2024 में पांचवां स्थान हासिल करने वाले दिल्ली के अभ्यर्थी आकाश गर्ग का कहना है कि उन्होंने एकाग्र मन से पढ़ाई की, वे जब भी पढ़ते थे, उस समय पूरे मन से बैठते थे, (UPSC CSE Topper Akash Garg Success Story) और किसी को दिखाने के लिए नहीं बल्कि चीजों को समझने के लिए पढ़ते थे।
फोकस से करते थे पढ़ाई
UPSC Civil Services Topper 2024 के अनुसार, वे पढ़ाई के समय घंटे नहीं देखते थे, वे उनका मानना है तैयारी के घंटों से कहीं अधिक मायने रखता है कि आप कितने फोकस से तैयारी कर रहे हैं।
घंटो पर नहीं रखते थे नजर
अखिल भारतीय स्तर पर पांचवें स्थान पर आने वाले आकाश गर्ग ने ‘पीटीआई-भाषा’ से फोन पर बातचीत में कहा, “मैं पढ़ाई के घंटों में नहीं, गुणवत्ता में यकीन करता हूं। मैंने लक्ष्य निर्धारित कर पढ़ाई की, जिससे मुझे परीक्षा उत्तीर्ण करने में मदद मिली। मैं घंटों पढ़ाई करने में विश्वास नहीं करता।”
कहां से की है स्कूलिंग, Akash Garg UPSC Education
दिल्ली के रोहिणी इलाके के गीतारत्न जिंदल पब्लिक स्कूल से 10वीं कक्षा तक और सीआरपीएफ पब्लिक स्कूल से 11वीं व 12वीं कक्षा की पढ़ाई की।
Akash Garg UPSC Education Qualification
आकाश ने स्कूलिंग खत्म होने के बाद गुरु गोविंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय से कंप्यूटर विज्ञान में बीटेक डिग्री हासिल की।
दिल्ली से शीर्ष पांच में इकलौते आईएएस, Akash Garg IAS
उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा में अपने दूसरे प्रयास में समाजशास्त्र को वैकल्पिक विषय के रूप में लेकर पांचवां स्थान हासिल किया। वह राष्ट्रीय राजधानी से शीर्ष पांच में शामिल एकमात्र अभ्यर्थी हैं।
किसे दिया अपनी सफलता का श्रेय
आकाश ने कहा, “मैं अपने पहले प्रयास में सिविल सेवा की प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण नहीं कर पाया था। फिर मैंने दोबारा परीक्षा देने का फैसला किया और इस बार चयनित हो गया।” आकाश ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता को दिया।
