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‘क्या CM हेमंत सोरेन आंदोलन लंबा करना चाहते हैं...’ सरकार से बातचीत को लेकर क्यों नाराज हैं प्रदर्शनकारी छात्र?

झारखंड में JPSC-JSSC CGL अभ्यर्थियों का आंदोलन जारी है। छात्र मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से सीधे और खुले मंच पर बातचीत की मांग कर रहे हैं। वहीं बीजेपी ने आरोप लगाया है कि 10 अगस्त के प्रस्तावित विधानसभा महाघेराव के दबाव में सरकार बातचीत को टालने की कोशिश कर रही है।

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झारखंड में अनशन पर बैठे छात्रों की फाइल फोटो। ANI

Photo : ANI

झारखंड में जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षा में गड़बड़ियों को लेकर अभ्यर्थियों का विरोध-प्रदर्शन लगातार जारी है। छात्रों ने सरकार से अपनी मांगों पर सीधे मुख्यमंत्री से बातचीत करने की मांग की है। इसी बीच झारखंड सरकार के प्रतिनिधिमंडल और छात्रों के बीच बातचीत को लेकर भी गतिविधियां तेज हो गई हैं। हालांकि, छात्र नेताओं का कहना है कि उनकी मांगें स्पष्ट हैं और उन्हें पूरा किया जाना चाहिए।

प्रदर्शनकारी छात्र नेता और JLKM नेता देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि बातचीत के लिए कितने लोग जा रहे हैं, यह महत्वपूर्ण नहीं है। उन्होंने कहा कि सभी छात्रों की मांगें एक जैसी हैं और सरकार को इन मांगों को पूरा करना चाहिए।

मुख्यमंत्री से सीधे बातचीत की मांग

प्रदर्शनकारी छात्र प्रेम ने कहा कि छात्र किसी गुट में बंटे हुए नहीं हैं। उन्होंने कहा कि आंदोलन की शुरुआत 25 जुलाई को देवेंद्र नाथ महतो के नेतृत्व में बापू वाटिका से हुई थी।

प्रेम ने कहा कि छात्रों को जानकारी मिल रही है कि मुख्यमंत्री के बजाय उनके मंत्रियों से बातचीत कराई जाएगी। उन्होंने मुख्यमंत्री से खुद छात्रों के साथ बातचीत करने की अपील की। छात्रों की मांग है कि बातचीत बंद कमरे में न होकर खुले मैदान में हो और इसमें मीडिया प्रतिनिधियों की मौजूदगी के साथ पूरी प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग भी की जाए। प्रदर्शनकारी छात्र ने कहा कि डॉक्टर उन्हें पानी पीने की सलाह दे रहे हैं, लेकिन छात्रों को लगता है कि सरकार के जागने के इंतजार में वे अपने स्वास्थ्य का त्याग कर रहे हैं।

बीजेपी ने सरकार पर साधा निशाना

JPSC-JSSC आंदोलन को लेकर झारखंड बीजेपी के प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने हेमंत सोरेन सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि 10 अगस्त को छात्रों के प्रस्तावित विधानसभा महाघेराव को देखते हुए सरकार दबाव में है। प्रतुल शाह देव ने कहा कि छात्रों ने अपनी मांगें पहले ही स्पष्ट कर दी हैं। उनके मुताबिक छात्रों की प्रमुख मांगों में परीक्षा रद्द करना, मामले की CBI जांच कराना और TDPL के जरिए कराई गई सभी परीक्षाओं को रद्द करना शामिल है।

उन्होंने आरोप लगाया कि अगर मंत्रियों की समिति चाहती तो मुख्यमंत्री से फोन पर बात कर सहमति ले सकती थी, लेकिन बातचीत को अगले दौर के लिए टाल दिया गया। बीजेपी प्रवक्ता ने इसे 10 अगस्त के विधानसभा घेराव को टालने की कोशिश करार दिया।

10 अगस्त के महाघेराव पर नजर

JPSC-JSSC CGL को लेकर चल रहे आंदोलन के बीच 10 अगस्त को प्रस्तावित विधानसभा महाघेराव को लेकर भी राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में नजर बनी हुई है। छात्रों की मांगों और सरकार के बीच बातचीत का अगला दौर आंदोलन की दिशा तय करने में अहम हो सकता है। फिलहाल छात्र अपनी मांगों पर कायम हैं और मुख्यमंत्री से सीधे बातचीत की मांग कर रहे हैं। वहीं, बीजेपी ने सरकार पर छात्रों के आंदोलन को टालने की कोशिश करने का आरोप लगाया है। ऐसे में अब सरकार और छात्रों के बीच होने वाली बातचीत के नतीजे पर सभी की नजर है।
Piyush Kumar
पीयूष कुमारauthor

पीयूष कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर Senior Copy Editor के रूप में कार्यरत हैं। देश-दुनिया की हलचल पर उनकी पैनी नजर रहती है और इन घटनाओं को सटीक, सरल और असरदार अंदाज में खबरों की भाषा देना उनकी सबसे बड़ी ताकत है। ब्रेकिंग न्यूज की रफ्तार हो या किसी जटिल मुद्दे को आसान बनाकर समझाने वाले एक्सप्लेनर—पीयूष दोनों में बराबर दक्षता रखते हैं। न्यूज जजमेंट, फैक्ट-बेस्ड राइटिंग और एंड-टू-एंड कॉपी प्रोडक्शन पर इनकी पकड़ मजबूत है और अबतक 4,000 से अधिक स्टोरी लिख चुके हैं।

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