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How to Make Kite: कैसे घर पर ही तैयार करें एक पतंग? यहां जानिए स्टेप बाय स्टेप

  • Written by: प्रभाष रावत
  • Updated Jan 12, 2023, 06:24 PM IST

Kite Making in Hindi: मकर संक्रांति का समय आ रहा है और इस मौसम में भारत के कई हिस्सों में पतंग उड़ाई जाती है। कई लोग बाजार से पतंग खरीदकर लाते हैं जबकि कई घर पर ही शानदार पतंग तैयार करना जानते हैं। यहां पर हम आपके साथ घर पर पतंग तैयार करने को लेकर कुछ टिप्स शेयर करने जा रहे हैं।

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घर पर पतंग कैसे बनाएं?

Photo : iStock

पतंगों को सबसे पहले एशिया में देखा गया था, हालांकि पतंगों की उत्पत्ति कब हुई इसको लेकर अभी भी अटकलें हैं। ऐतिहासिक रिकॉर्ड यह बात बताते हैं कि पतंग पहली बार 9500-9000 ईसा पूर्व के बीच आसमान में दिखाई दी थी। आधुनिक समय में भारत में लोग मुख्य रूप से स्वतंत्रता दिवस और मकर संक्रांति के अवसर पर पतंग उड़ाते हैं। कई अन्य अवसर जैसे विवाह, बच्चे का जन्म और अन्य मौकों पर भी पतंग उड़ाने के अवसर आते हैं। पतंग उड़ाने के साथ पतंग बनाना भी एक कला है।

पतंग के साथ आने के लिए सबसे अच्छी शिल्प कौशल और धैर्य की जरूरत होती है। यह बच्चों को ऑफ-स्क्रीन रखने और उन्हें कुछ नया सीखने में मदद करने का भी एक अच्छा तरीका है। अगर आपको लगता है कि आप भी घर पर एक साधारण पतंग बना सकते हैं, तो चरण-दर-चरण प्रक्रिया का का पालन करें।

पतंग बनाने के लिए जरूरी सामान:

अखबार, प्लास्टिक बैग या गिफ्ट लपेटने की सामग्री की पूरी शीट।

दो 1/4 इंच गोल लकड़ी की छड़ें।

कैंची, पेंसिल, स्ट्रिंग्स, टेप, शासक, फीता।

पतंग बनाने के लिए स्टेप बाय स्टेप प्रक्रिया:

  • स्टिक को 24 इंच और 20 इंच लंबा काटें।
  • स्टिक के गोल सिरों को काटने के लिए एक हैंडसॉ का उपयोग करें।
  • दोनों स्टिक को सही स्थिति में रखें।
  • डोरी को स्टिक के सिरों पर लपेटें।
  • अखबार को समतल सतह पर रखें और फ्रेम को ऊपर रखें।
  • किनारों को मोड़ें और टेप लगाएं।
  • स्ट्रिंग को नापकर इसे बांध लें।
  • पूंछ बनाने के लिए एक रिबन का उपयोग कर सकते हैं।
पतंग बनाने के लिए इन तरीकों को अपनाने के साथ बाजार जाकर पतंग खरीदने का ऑप्शन भी कई लोगों के लिए ज्यादा सुलभ हो सकता है। पतंग उड़ाते समय छतों पर या किसी अन्य जगह सावधानी रखना बहुत जरूरी है, इसलिए सुरक्षित जगह का ही चुनाव करें।
प्रभाष रावत
प्रभाष रावतauthor

रक्षा और अंतर्राष्ट्रीय कूटनीतिक विषयों में विशेष रुचि रखने वाले प्रभाष रावत कुछ-ना-कुछ नया सीखते रहने में विश्वास करते हैं। बीते 5 साल से ज्यादा समय में पत्रकारिता की कई बीट पर काम करने का अनुभव। साथ ही संवाद और लेखन से खुद को व्यक्त करने के अलावा आध्यात्म भी इनके जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

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