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Hindu Nav Varsh Essay: हिंदू नववर्ष पर इस तरह लिखें शानदार निबंध, सनातन संस्कृति के कहलाएंगे ज्ञाता

Hindu Nav Varsh 2082: Hindu Nav Varsh essay Nibandh in Hindi (हिंदू नववर्ष चैत्र शुक्ल प्रतिपदा निबंध): चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को हिंदू नववर्ष मनाया जाता है। हिन्दुओं का नव वर्ष चैत्र नव रात्रि के प्रथम दिन अर्थात् वर्ष प्रतिपदा एवं गुड़ी पड़वा पर प्रत्येक वर्ष विक्रम संवत के अनुसार चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से आरम्भ होता है। हिंदू कैलेंडर के 12 माह- चैत्र, वैशाख, ज्येष्ठ आषाढ़, श्रावण, भाद्रपद आश्विन, कार्तिक, मार्गशीर्ष पौष, माघ और फाल्गुन हैं।

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Hindu Nav Varsh Essay in Hindi

Hindu Nav Varsh 2082: Hindu Nav Varsh essay Nibandh in Hindi (हिंदू नववर्ष चैत्र शुक्ल प्रतिपदा निबंध): चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को हिंदू नववर्ष मनाया जाता है। नववर्ष एक उत्सव की तरह पूरे विश्व में अलग-अलग स्थानों पर अलग-अलग तिथियों तथा विधियों से मनाया जाता है। विभिन्न सम्प्रदायों के नव वर्ष समारोह भिन्न-भिन्न होते हैं और इसके महत्त्व की भी विभिन्न संस्कृतियों में परस्पर भिन्नता है। हिन्दु नववर्ष चैत्र नवरात्रि के प्रथम दिन अर्थात् वर्ष प्रतिपदा या चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से आरम्भ होता है। हिंदू कैलेंडर के 12 माह- चैत्र, वैशाख, ज्येष्ठ आषाढ़, श्रावण, भाद्रपद आश्विन, कार्तिक, मार्गशीर्ष पौष, माघ और फाल्गुन हैं। स्कूलों में हिंदू नववर्ष पर निबंध प्रतियोगिता होती है। आप इस तरह हिंदू नववर्ष निबंध लिख सकते हैं।

Hindu Nav varsh: ऐसे करें शुरुआत

चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को हिंदू नववर्ष मनाया जाता है। यह उत्सव सनातन संस्कृति के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है। हिंदू कैलेंडर के 12 माह- चैत्र, वैशाख, ज्येष्ठ आषाढ़, श्रावण, भाद्रपद आश्विन, कार्तिक, मार्गशीर्ष पौष, माघ और फाल्गुन हैं। इस कैलेंडर की शुरुआत चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से होती है।

Hindu Nav Varsh 2082: चैत्र शुक्ल प्रतिपदा का ऐतिहासिक महत्व

  • इसी दिन के सूर्योदय से ब्रह्माजी ने सृष्टि की रचना प्रारंभ की।
  • सम्राट विक्रमादित्य ने इसी दिन राज्य स्थापित किया। इन्हीं के नाम पर विक्रमी संवत् का पहला दिन प्रारंभ होता है।
  • प्रभु श्री राम के राज्याभिषेक का दिन यही है।
  • शक्ति और भक्ति के नौ दिन अर्थात् नवरात्र का पहला दिन यही है।
  • सिखों के द्वितीय गुरू श्री अंगद देव जी का जन्म दिवस है।
  • स्वामी दयानंद सरस्वती जी ने इसी दिन आर्य समाज की स्थापना की एवं कृणवंतो विश्वमआर्यम का संदेश दिया।
  • सिंध प्रान्त के प्रसिद्ध समाज रक्षक वरूणावतार झूलेलाल इसी दिन प्रगट हुए।
  • राजा विक्रमादित्य की भांति शालिवाहन ने हूणों और शकों को परास्त कर भारत में श्रेष्ठतम राज्य स्थापित करने हेतु यही दिन चुना। शक संवत की स्थापना की।
  • युधिष्ठिर का राज्यभिषेक भी इसी दिन हुआ।
  • महर्षि गौतम जयंती।

Hindu Nav varsh essay: भारतीय नववर्ष का प्राकृतिक महत्व

वसंत ऋतु का आरंभ वर्ष प्रतिपदा से ही होता है जो उल्लास, उमंग, खुशी तथा चारों तरफ पुष्पों की सुगंधि से भरी होती है। फसल पकने का प्रारंभ यानि किसान की मेहनत का फल मिलने का भी यही समय होता है। नक्षत्र शुभ स्थिति में होते हैं अर्थात् किसी भी कार्य को प्रारंभ करने के लिये यह शुभ मुहूर्त होता है।

Kuldeep Raghav
कुलदीप राघव author

कुलदीप राघव प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों से अधिक अनुभव का रखने वाले पत्रकार हैं। टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में वह एजुकेशन सेक्शन को लीड कर... और देखें

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