Good Governance Day Theme 2024 (Sushasan Diwas 2024): हर साल 25 दिसंबर को सुशासन दिवस मनाया जाता है। इसका संबंध भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी से है। भारत में हर साल पूर्व प्रधानमंत्री भारतरत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती यानी 25 दिसंबर को सुशासन दिवस के रूप में मनाया जाता है। भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी का जन्म 25 दिसंबर, 1924 को मध्य प्रदेश के ग्वालियर में रहने वाले एक विनम्र स्कूल शिक्षक के परिवार में हुआ था। आइये जानते हैं कि सुशासन दिवस (Good Governance Day 2024) का इतिहास और महत्व (Good Governance 2024 Importance) क्या है। साथ ही इस बार की थीम क्या है।
Good Governance day theme 2024: सुशासन दिवस 2024 की थीम
सुशासन दिवस 2024 की थीम काफी अलग रखी गई है जो आम जनमानस के जीवन को आसान बनाती है। इस बार प्रशासन गांव की ओर "Prashasan Gaon Ki Ore" थीम पर सुशासन दिवस मनाया जा रहा है।
Good Governance Day 2024: सुशासन दिवस का इतिहास
अटल बिहारी वाजपेयी तीन बार देश के प्रधानमंत्री बने और राजनीति में अपना बड़ा नाम बनाया। उन्हें साल 2015 में देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से और 1994 में दूसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया था। अटल जी लोकसभा में 9 बार और राज्यसभा में 2 बार सांसद के रूप में चुने गए। 16 अगस्त 2018 को लंबी बीमारी के बाद दिल्ली में उनका निधन हो गया था। मोदी सरकार ने 2014 में पूर्व प्रधानमंत्री अटल जी की जयंती को सुशासन दिवस के रूप में मनाने का ऐलान किया था।
Sushasan Diwas 2024: क्यों मनाया जाता है सुशासन दिवस
सुशासन दिवस लोगों के कल्याण और बेहतरी को बढ़ाने के लिए मनाया जाता है। इसका उद्देश्य देश के छात्रों और नागरिकों को सरकार के कर्तव्यों और जिम्मेदारियों के बारे में बताना है। साथ ही भारत में सुशासन के मिशन को पूरा करने के लिए अच्छी और प्रभावी नीतियों को लागू करना है। इस खास अवसर पर क्विज, लाइव कार्यक्रम, ओरिएंटेशन, सेमिनार और अन्य गतिविधियां भी आयोजित की जाती हैं।
