DU Admissions 2026: दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) ने कॉमन सीट एलोकेशन सिस्टम (CSAS) के तहत अंडरग्रेजुएट (UG) एडमिशन के पहले राउंड की प्रक्रिया पूरी कर ली है। यूनिवर्सिटी के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, अब तक 63,756 सीटों पर छात्रों का एडमिशन कंफर्म हो चुका है। एडमिशन कंफर्म करने वाले 63,756 छात्रों में से 15,265 छात्रों ने 'Freeze' विकल्प चुना है। इसका मतलब है कि उन्होंने अपने आवंटित कॉलेज और कोर्स को अंतिम रूप दे दिया है और अब वे आगे की काउंसलिंग में हिस्सा नहीं लेंगे। पहले राउंड में 48,153 छात्रों ने 'Upgrade' विकल्प चुना है। ऐसे छात्र फिलहाल अपनी सीट सुरक्षित रखेंगे, लेकिन अगले राउंड में यदि उनकी पसंद का बेहतर कॉलेज या कोर्स मिलता है, तो उन्हें नई सीट मिल सकती है।
अपग्रेड करने वालों के लिए जरूरी नियम
दिल्ली यूनिवर्सिटी ने साफ किया है कि जिस कॉलेज और कोर्स में छात्र पहले ही एडमिशन ले चुके हैं, वही कॉम्बिनेशन उन्हें अगले राउंड में दोबारा नहीं दिया जाएगा।
इसके अलावा, जिन कॉलेज और कोर्स की प्राथमिकता छात्र ने अपनी वर्तमान सीट से नीचे रखी थी, वे विकल्प भी आगे के नियमित अलॉटमेंट राउंड में उपलब्ध नहीं होंगे।
टाइम्स नाउ नवभारत पर ये भी पढ़े: "रैंक का सपना नहीं देखा, सिर्फ मेहनत": कोटा के कृतिक जैन ने Re-NEET में हासिल किया AIR 18
बढ़ी कंफर्म एडमिशन की संख्या
21 जुलाई को जारी आंकड़ों के अनुसार, पहले 61932 छात्रों ने फीस जमा करके अपना एडमिशन कंफर्म किया था। अब यह संख्या बढ़कर 63,756 हो गई है। पहले राउंड में कुल 81,900 छात्रों ने उन्हें मिली सीट स्वीकार की थी।
पहले राउंड में कितनी सीटें हुई थीं अलॉट?
DU ने पहले राउंड में 67 कॉलेजों के 221 अंडरग्रेजुएट प्रोग्राम में 71,000 से ज्यादा सीटों के लिए 93,033 उम्मीदवारों को सीटें आवंटित की थीं। इन सीटों का आवंटन उन 2.08 लाख से अधिक छात्रों में से किया गया था, जिन्होंने कॉलेज और कोर्स की अपनी पसंद भरकर CSAS एडमिशन प्रक्रिया का दूसरा चरण पूरा किया था।
कब आएगी दूसरी अलॉटमेंट लिस्ट?
दिल्ली यूनिवर्सिटी 25 जुलाई 2026 को दूसरे राउंड की सीट अलॉटमेंट लिस्ट जारी करेगी। वहीं, नए शैक्षणिक सत्र की कक्षाएं 28 जुलाई 2026 से शुरू होंगी।
टाइम्स नाउ नवभारत पर ये भी पढ़े: AI तो सुना लेकिन क्वांटम AI क्या है, कैसे बन रहा फ्यूचर का गेमचेंजर, 10 साल बाद चमकाएगा करियर
