केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड यानी सीबीएसई के रीचेकिंग प्रोसेस को लेकर शिकायतों का अंबार लग चुका है। एक विवाद खत्म नहीं होता है कि दूसरा तैयार हो जाता है। सर्वर डाउन, पेमेंट फेल्ड, धुंधली कॉपियां, आंसर शीट्स की हेराफेरी और सप्लीमेंट्री आंसर शीट गायब होने के बाद अब एक नया और बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। निसर्ग नाम के एक 19 साल के एथिकल हैकर ने दावा किया है कि बोर्ड एग्जाम शुरू होने से कई महीने पहले उसने सीबीएसई के OSM यानी ऑन स्क्रीन मार्किंग सिस्टम के पोर्टल को हैक कर लिया था। इस पूरे मामले के बीच शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड यानी सीबीएसई के अधिकारियों के साथ बैठक की। शिक्षा मंत्री ने इस पूरे विवाद की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए छात्रों को भरोसा दिलाया है कि इस गड़बड़ी में शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
इस बैठक में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा, “सीबीएसई ने कक्षा 12वीं की परीक्षाओं के लिए री-इवैल्युशन शुरू कर दी है। करीब 17 लाख छात्रों ने परीक्षा में हिस्सा लिया था, जिनकी लगभग 98 लाख उत्तर पुस्तिकाएं थीं। कुल मिलाकर करीब 40 करोड़ स्कैन किए गए पेज। पहली बार सीबीएसई ने पारदर्शिता और छात्र-केंद्रित सुधारों के उद्देश्य से डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली लागू की है। अब छात्र अपनी स्कैन की गई आंसर शीट देख सकते हैं, मार्क्स जांच सकते हैं और सवाल उठा सकते हैं। अब तक करीब 4 लाख छात्रों ने अपनी उत्तर पुस्तिकाएं प्राप्त की हैं, जो लगभग 11 लाख कॉपियों से संबंधित हैं।
बैठक में क्या हुई चर्चा
बैठक में CBSE की कक्षा 12वीं के मूल्यांकन और परिणाम के बाद की प्रक्रियाओं की प्रगति पर चर्चा और समीक्षा की गई। चर्चा का मुख्य केंद्र छात्रों के लिए अनुकूल पुनर्मूल्यांकन पोर्टल उपलब्ध कराना, CBSE के डिजिटल प्लेटफॉर्म को सुदृढ़ बनाना, छात्रों की परीक्षा और परिणाम संबंधी सुविधाओं को बेहतर बनाना, तथा मूल्यांकन और निगरानी प्रणालियों में सुधार करना था।
सीबीएसई ने तकनीकी निगरानी के लिए Indian Institute of Technology Kanpur और Indian Institute of Technology Madras समेत प्रमुख संस्थानों को शामिल किया है। इस प्रक्रिया को समर्थन देने के लिए चार सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक — State Bank of India, Indian Bank, Bank of Baroda और Canara Bank — ने पेमेंट गेटवे को इंटीग्रेट किया है।
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा, "सरकार कुछ विसंगतियों को स्वीकार करती है, जिम्मेदारी लेती है और सुधारात्मक कदम उठाने का आश्वासन देती है। अधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि किसी भी छात्र की शिकायत अनसुलझी न रहे और हर स्तर पर जवाबदेही तय की जाएगी।”
बता दें कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने आज नई दिल्ली के द्वारका स्थित CBSE मुख्यालय में एक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में DoSEL के सचिव, CBSE की चेयरपर्सन, IIT मद्रास और IIT कानपुर के निदेशकों के साथ-साथ MoE, KVS, PSBs और CBSE के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।
