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CUET UG Score Calculator: सीयूईटी यूजी स्कोर कैसे निकालें, रॉ मार्क्स, पर्सेंटाइल स्कोर और नॉर्मलाइज्ड मार्क्स को ऐसे समझें

CUET UG Score Calculator: सीयूईटी यूजी के रिजल्ट जारी होने के बाद छात्र स्कोरकार्ड में दिए रॉ मार्क्स, पर्सेंटाइल और नॉर्मलाइज्ड मार्क्स को देख परेशान है कि किस आधार पर एडमिशन होग। आइए आपको विस्तार में इस बारे में समझाएं।

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कैसे करें सीयूईटी यूजी स्कोर कैलकुलेट (Photo - AI)

CUET UG Score Calculator: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट अंडरग्रेजुएट (CUET UG) 2026 परीक्षा का रिजल्ट जारी कर दिए गए हैं। इसके साथ ही देश के विभिन्न यूनिवर्सिटी में एडमिशन की रेस शुरू हो गई है। सीयूईटी परीक्षा में शामिल छात्रों ने जब अपना रिजल्ट देखा होगा तो उन्हें स्कोरकार्ड पर कई तरह के मार्क्स देखने को मिले होंगे। इसमें रॉ मार्क्स , पर्सेंटाइल स्कोर और नॉर्मलाइज्ड मार्क्स शामिल है। ऐसे में इन्हें देखकर उलझन में पड़ना बहुत सामान्य बात है। हो भी क्यों न स्कोरकार्ड एक परीक्षा एक और अंक के प्रकार तीन। इन तीन स्कोर को देखते ही छात्रों के मन में सवाल आता है कि उनका अंतिम स्कोर क्या है और उन्हें कॉलेज में एडमिशन किस आधार पर मिलेगा। आइए आपकी इस दुविधा को गायब करें और बताएं कि सीयूईटी यूजी स्कोर कैलकुलेट (How to calculate your CUET UG Score) कैसे किया जाता है।

रॉ मार्क्स क्या होते हैं?

सबसे पहले तो जानते हैं कि रॉ मार्क्स है क्या? इसका मतलब है आपके द्वारा परीक्षा में हासिल किए गए वास्तविक या मूल अंक। जो सीयूईटी की मार्किंग स्कीम के अनुसार होते हैं।

- हर सही उत्तर के लिए +5 अंक दिए जाते हैं।

- नेगेटिव मार्किंग के तहत हर गलत उत्तर के लिए -1 अंक काटा जाता है।

- जिस प्रश्न का उत्तर नहीं दिया गया, उसके लिए 0 अंक मिलता है।

इसे इस प्रकार समझते हैं कि यदि किसी विषय में कुल 40 प्रश्नों के उत्तर दिए, जिनमें से 35 सही हैं और 5 गलत हैं, तो आपके रॉ मार्क्स इस तरह निकलेंगे: -

(सही उत्तरों की संख्या × 5) - (गलत उत्तरों की संख्या ×1) = 175 - 5 = 170 अंक - इस प्रकार आपको रॉ अंक प्राप्त होते हैं।

पर्सेंटाइल स्कोर क्या है?

सीयूईटी की परीक्षा देश भर में कई दिनों तक और अलग-अलग शिफ्टों में आयोजित की जाती है। ऐसे में कुछ शिफ्ट का पेपर कठिन होता है को कुछ का आसान होता है। ऐसे में इसे बराबर करने के लिए एनटीए द्वारा पर्सेंटाइल का इस्तेमाल किया जाता है। पर्सेंटाइल स्कोर यह दिखाता है कि उस शिफ्ट में शामिल कुछ छात्रों में से कितने प्रतिशत छात्रों के नंबर आपसे कम या आपके बराबर हैं। उदाहरण के लिए, अगर आपका पर्सेंटाइल स्कोर 98 है तो इसका मतलब यह हुआ कि उस शिफ्ट के 98 प्रतिशत छात्र आपसे पीछे हैं और आप टॉप 2 प्रतिशत छात्रों में शामिल हैं।

नॉर्मलाइज्ड मार्क्स क्या हैं?

रॉ मार्क्स और पर्सेंटाइल के बाद बात आती है नॉर्मलाइज्ड मार्क्स क्या है? यह वह मुख्य स्कोर है जिसके आधार पर विश्वविद्यालय अपनी मेरिट लिस्ट तैयार करते हैं और उसके आधार पर आपको कॉलेज अलॉट किया जाता है। अलग-अलग शिफ्ट के पेपर के स्तर को एक समान बनाने के लिए एनटीए 'एक्वि परसेंटाइल मेथड' (Equi percentile Method) का इस्तेमाल करता है। इसके तहत सभी शिफ्टों के रॉ मार्क्स और पर्सेंटाइल का गणितीय विश्लेषण (Mathematical Analysis) किया जाता है और फर 'नॉर्मलाइज्ड स्कोर' निकाला जाता है। यह स्कोर आपके मूल रॉ मार्क्स से थोड़ा कम या ज्यादा हो सकता है।

तीनों अंक अलग होने से न हो परेशान

सीयूईटी यूजी का रिजल्ट आने के बाद छात्र रॉ और नॉर्मलाइज्ड मार्क्स देख परेशान हो जाते हैं। अगर आपको भी दोनों अंकों में अंतर दिखता है तो घबराएं नहीं। क्योंकि कॉलेज में एडमिशन की प्रक्रिया आपके स्कोरकार्ड पर छपे 'नॉर्मलाइज्ड मार्क्स' के आधार पर होगी। ऐसे में रॉ मार्क्स को लेकर आपको परेशान होने की आवश्यकता नहीं है।

Varsha Kushwaha
वर्षा कुशवाहाauthor

वर्षा कुशवाहा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की एजुकेशन डेस्क पर बतौर कॉपी एडिटर कार्यरत हैं और पिछले 5 वर्षों से मीडिया में सक्रिय हैं। जर्नलिज़्म में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा पूरा करने के बाद उन्होंने न्यूज रूम में तेजी, सटीकता और गहराई के साथ काम करते हुए अपनी मजबूत संपादकीय पहचान बनाई है। वर्षा की विशेषज्ञता हाइपर-लोकल खबरों, इवेंट कवरेज और स्टेट पॉलिटिक्स से जुड़ी रिपोर्टिंग में भी है। अब तक वर्षा कुशवाहा 8,000 से अधिक खबरें लिख चुकी हैं, जिनमें कई अहम लोकल रिपोर्ट्स, एजुकेशन और करियर की खबरें तथा फीचर-आधारित स्टोरीज शामिल हैं।

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