बिहार के स्कूली शिक्षा तंत्र में एक ऐतिहासिक और दूरदर्शी बदलाव की शुरुआत होने जा रही है। राज्य सरकार (Bihar Government) ने डिजिटल क्रांति की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए निर्णय लिया है कि शैक्षणिक सत्र 2027 से राज्य के सभी सरकारी स्कूलों में कक्षा 6 से लेकर 12वीं तक के सभी छात्रों के लिए कंप्यूटर शिक्षा (Computer Education) अनिवार्य कर दी जाएगी। बता दें कि इस फैसले के पीछे का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक, कोडिंग और डिजिटल स्किल्स से लैस करना है ताकि वे भविष्य की वैश्विक चुनौतियों और डिजिटल अर्थव्यवस्था के लिए पूरी तरह तैयार हो सकें। पारंपारिक कोर्स के साथ तकनीक के इस अनूठे समावेश से बिहार के बच्चों का शैक्षणिक स्तर और अधिक मजबूत होगा।
इस योजना के मुख्य बिंदु और हाइलाइट्स

बिहार की हाईटेक शिक्षा यात्रा (Photo - AI/Newsroom Verifed)
कक्षा 6 से शुरुआत - अब छात्रों को मिडिल स्कूल के स्तर से ही कंप्यूटर की बुनियादी जानकारी, सॉफ्टवेयर टूल्स और कोडिंग की प्रारंभिक शिक्षा मिलने लगेगी।
हाईटेक क्लासरूम और लैब्स - राज्य के सभी माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में आधुनिक कंप्यूटर लैब स्थापित किए जाएंगे और स्मार्ट क्लासरूम की सुविधाओं का विस्तार होगा।
कौशल विकास पर जोर - शिक्षा विभाग का यह कदम छात्रों को किताबी ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक और तकनीकी रूप से सक्षम बनाएगा, जिससे आगे चलकर रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।
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हाईटेक होंगी आईसीटी लैब
हाल ही में हुई बैठक के दौरान राज्य में स्थापित किए जा रहे 3,818 आईसीटी लैब के कामकाज और उनकी प्रगति की पूरी समीक्षा की गई, ताकि छात्रों को डिजिटल लर्निंग का बेहतर माहौल मिल सके।
साइंस लैब्स का आधुनिकीकरण
शिक्षा विभाग का मुख्य जोर राज्य के 10,531 स्कूलों की विज्ञान प्रयोगशालाओं को पूरी तरह व्यवस्थित और हाईटेक बनाने पर है, जिससे छात्र किताबों के साथ-साथ प्रयोग आधारित शिक्षा भी प्राप्त कर सकें।
नए भवनों के लिए करोड़ों का प्रस्ताव
कक्षा 6 से लेकर 12वीं तक कंप्यूटर ज्ञान और हाईटेक लैब्स के अलावा, नए स्कूल भवनों के लिए बैठक में 2,000 करोड़ का प्रस्ताव रखा गया है। राज्य सरकार ने 1,520 नए विद्यालय भवनों के निर्माण का प्रस्ताव रखा है, जिनके लिए जमीन उपलब्ध हो चुकी है। प्राथमिक विद्यालयों के निर्माण के लिए लगभग 2,000 करोड़ रुपये की मांग की गई है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने इस प्रस्ताव पर सकारात्मक विचार करने और धन आवंटन के लिए पूरा प्रयास करने का आश्वासन दिया है।
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डिजिटल बिहार की ओर एक कदम
हाल के वर्षों में बिहार सरकार ने डिजिटल अटेंडेंस, स्मार्ट क्लासेस और ई-लाइब्रेरी जैसी पहलों के जरिए शिक्षा प्रणाली को डिजिटल बनाने की दिशा में कई अहम कदम उठाए हैं। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत स्कूली शिक्षा में वोकेशनल और कंप्यूटर ट्रेनिंग को विशेष महत्व दिया गया है, और बिहार सरकार का यह निर्णय उसी दिशा में एक ठोस कदम है। इस मेगा प्रोजेक्ट को सफल बनाने के लिए स्कूलों में कंप्यूटर शिक्षकों की उपलब्धता और उनके विशेष प्रशिक्षण पर भी सरकार का विशेष फोकस रहेगा।
