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UP के 26 जिलों को मिली सीएम मॉडल कंपोजिट स्कूलों की सौगात, प्री-नर्सरी से 12वीं तक एक ही परिसर में होगी पढ़ाई

उत्तर प्रदेश में स्कूली शिक्षा को आधुनिक बनाने की दिशा में योगी सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश के 26 जिलों में तीसरे चरण के तहत मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय (CM Model Composite School) बनाए जाएंगे। इन स्कूलों का निर्माण राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत किया जाएगा, जहां प्री-नर्सरी से लेकर 12वीं कक्षा तक की पढ़ाई एक ही परिसर में होगी।

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कैसा होगा सीएम मॉडल कम्पोजिट स्कूल

उत्तर प्रदेश में स्कूली शिक्षा को आधुनिक बनाने की दिशा में योगी सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश के 26 जिलों में तीसरे चरण के तहत मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय (CM Model Composite School) बनाए जाएंगे। इन विद्यालयों की सबसे बड़ी विशेषता यह होगी कि बच्चों को प्री-नर्सरी से लेकर इंटरमीडिएट (कक्षा 12) तक की पढ़ाई के लिए अलग-अलग स्कूल बदलने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे विद्यार्थियों की पढ़ाई में निरंतरता बनी रहेगी और उन्हें एक ही परिसर में बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिलेगा। साथ ही आधुनिक प्रयोगशालाएं और डिजिटल संसाधन बच्चों के व्यावहारिक ज्ञान को भी मजबूत करेंगे। राज्य सरकार का कहना है कि मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालयों का उद्देश्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण, समावेशी और तकनीक आधारित शिक्षा उपलब्ध कराना है।

तीन चरणों में आगे बढ़ रही योजना

प्रदेश सरकार इस योजना का विस्तार चरणबद्ध तरीके से कर रही है। पहले चरण में प्रत्येक जिले में एक, दूसरे चरण में दो और अब तीसरे चरण में तीन मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय स्वीकृत किए गए हैं। अब तक प्रदेश में कुल 150 विद्यालय स्वीकृत किए जा चुके हैं, जिनमें से 110 स्कूलों का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है। तीसरे चरण में जिन 26 जिलों को मंजूरी मिली है, वहां संबंधित तीसरी तहसील में इन विद्यालयों का निर्माण कराया जाएगा।

क्या होंगी खास सुविधाएं?

मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालयों में विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा के अनुरूप सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। यहां 30 स्मार्ट क्लासरूम, विज्ञान प्रयोगशाला, रोबोटिक्स लैब, कंप्यूटर लैब, डिजिटल लाइब्रेरी, कौशल विकास केंद्र (स्किल डेवलपमेंट सेंटर) और मिनी स्टेडियम जैसी सुविधाएं होंगी। इसके अलावा अंग्रेजी माध्यम में भी पढ़ाई की व्यवस्था की जाएगी, ताकि छात्र राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार हो सकें।

बेसिक शिक्षा विभाग के अनुसार, प्रत्येक विद्यालय के निर्माण पर करीब 30 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इन स्कूलों को अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा ताकि सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को भी निजी स्कूलों जैसी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके। इन स्कूलों के माध्यम से ग्रामीण और अर्धशहरी क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भी आधुनिक शिक्षा, खेल और कौशल विकास की सुविधाएं मिलेंगी, जिससे सरकारी स्कूलों की गुणवत्ता में सुधार होगा और छात्रों को बेहतर भविष्य के अवसर मिल सकेंगे।

कैसा होगा सीएम मॉडल कम्पोजिट स्कूल

कक्षा-01 से 08 हेतु कम्पोजिट विज्ञान व गणित प्रयोगशाला, कक्षा-09 से 12 हेतु रसायन, भौतिकी विज्ञान हेतु माड्यूलर प्रयोगशाला, कम्प्यूटर लैब एवं लैंग्वेज लैब, कक्षा-01 से 8 एवं कक्षा-09 से 12 हेतु पृथक-पृथक पुस्तकालय, विशाल खेल का मैदान व ओपन जिम के साथ मल्टीपल एक्टीविटी हॉल, सोलर पैनल एवं वर्षा जल संचयन इकाई की स्थापना, वॉटर प्लान्ट, मिड-डे-मील किचन व डायनिंग हॉल, वॉशिंग एरिया, मल्टीपल हैण्डवाशिंग यूनिट की एकीकृत व्यवस्था, आधुनिक अग्नि शमन यंत्र एवं ऑनलाइन सीसीटीवी कैमरों की सुविधा से लैस बनाया जाए।

Kuldeep Raghav
कुलदीप राघवauthor

कुलदीप राघव प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों से अधिक अनुभव का रखने वाले पत्रकार हैं। टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में वह एजुकेशन सेक्शन को लीड कर रहे हैं। एजुकेशन सेक्टर की गहरी समझ और लगातार फील्ड-ओरिएंटेड रिपोर्टिंग के कारण कुलदीप इस बीट के भरोसेमंद पत्रकारों में गिने जाते हैं। वे स्कूल और उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाएं, एडमिशन और काउंसलिंग प्रोसेस, स्कॉलरशिप, करियर गाइडेंस, जॉब अलर्ट, स्किल डेवलपमेंट और युवाओं से जुड़े सामाजिक-शैक्षणिक मुद्दों पर तथ्यात्मक और आसान भाषा में खबरें पब्लिश करते हैं। कुलदीप ने अब तक 18,000 से अधिक बाइलाइन स्टोरीज लिखी हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, विश्लेषण, डेटा आधारित रिपोर्ट्स और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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