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Summer Workshops in Delhi Schools: गर्मियों की छुट्टियों में दिल्ली के बच्चे नहीं हो रहे बोर, समर वर्कशॉप में फ्री में सीख रहे गिद्दा-भांगड़ा

  • Authored by: दीपक पोखरिया
  • Updated Jun 3, 2023, 03:51 PM IST

Summer Workshops in Delhi Schools: दिल्ली सरकार की 'मस्ती की पाठशाला' में बच्चे ड्रामा के ज़रिए अपना कॉन्फिडेंस बढ़ा रहे हैं और साथ ही जीवन की मुश्किलों से लड़ने का हौसला पा रहे हैं।

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Summer Workshops in Delhi Schools: दिल्ली में समर वर्कशॉप में बच्चे फ्री में सीख रहे गिद्दा-भांगड़ा।

Photo : Twitter

Summer Workshops in Delhi Schools: देश की राजधानी दिल्ली समेत बाकी कई राज्यों में इस समय गर्मियों की छुट्टियां (Summer Vacations) चल रही हैं। गर्मियों की छुट्टियां में जहां बच्चे कहीं न कहीं घूमने जा रहे हैं, वहीं दिल्ली सरकार (Delhi Government) ने गर्मियों की छुट्टियों को स्पेशल बनाने के लिए इस बार समर वर्कशॉप (Summer Workshops) चला रही है। समर वर्कशॉप को 'मस्ती की पाठशाला' नाम दिया गया है, जिसमें 150 तरह की एक्टिविटी में बच्चे भी बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। इन एक्टिविटी में शामिल है- लोकगीत, थिएटर, मधुबनी पेंटिंग, गढ़वाली/कुमाऊंनी नृत्य संगीत, योग, संस्कृत भाषा, भांगड़ा, डिबेट, ड्रामा आदि शामिल हैं। समर वर्कशॉप दिल्ली के अलग-अलग स्कूलों और एकेडमिक संस्थानों में चलाए जा रहे हैं। बच्चे इस दौरान पढ़ाई के साथ-साथ कई अलग तरह की एक्टिविटी में हिस्सा ले रहे हैं।

गर्मियों की छुट्टियों में दिल्ली के बच्चे नहीं हो रहे बोर- आतिशी मार्लेना

वहीं दिल्ली सराकर की शिक्षा मंत्री आतिशी मार्लेना ने इन समर वर्कशॉप के बारे में ट्वीट कर कहा कि इस बार गर्मियों की छुट्टियों में दिल्ली के बच्चे बोर नहीं हो रहे! वो @ArvindKejriwal सरकार की 'मस्ती की पाठशाला'में लोक गीत, थिएटर, मधुबनी पेंटिंग, गढ़वाली नृत्य, योग और बहुत कुछ सीख रहे हैं! साथ ही कहा कि150 ऐसी समर वर्कशॉप पूरी दिल्ली में चल रही हैं और बच्चों की छुट्टियों को मज़ेदार बना रही हैं।

22 मई से 30 जून तक चलेगी बच्चों की 'मस्ती की पाठशाला'

समर वर्कशॉप में बच्चों को संस्कृत भाषा भी सिखाई जा रही है। 22 मई से 30 जून तक दिल्ली संस्कृत अकादमी की ओर से बच्चों को 'मस्ती की पाठशाला' कार्यक्रम के तहत खेल-खेल में संस्कृत भाषा सिखाई जा रही है। वहीं दिल्ली सरकार की मस्ती की पाठशाला में रोजाना बच्चे योग, ध्यान, और संस्कृत श्लोकों का उच्चारण करने के लिए पूरे जोश के साथ सुबह सुबह पहुंच जाते हैं। मस्ती की पाठशाला में बच्चे ड्रामा के ज़रिए अपना कॉन्फिडेंस बढ़ा रहे हैं, और साथ ही जीवन की मुश्किलों से लड़ने का हौसला पा रहे हैं।

'मस्ती की पाठशाला' में बच्चे सीख रहे गिद्दा और भांगड़ा

दिल्ली सरकार की ओर से चलाई जा रही मस्ती की पाठशाला में बच्चे सिर्फ संस्कृत ही नहीं मधुबनी भी सीख रहे हैं। मधुबनी सीखने का उत्साह इतना है कि ये बच्चे गर्मी की छुट्टियों में गाँव ना जाकर, स्कूल में ही दिल्ली सरकार की फ्री समर वर्कशॉप्स में भाग लेने रोज़ाना आ रहे हैं। गिद्दा और भांगड़ा एक लोकप्रिय और अटूट हिस्सा है पंजाबी संस्कृति का। इस बार दिल्ली सरकार की ओर से समर वर्कशॉप में लड़कियों और लड़कों को इस कला को खूब मज़े से मुफ्त में सीखने का मौका मिल रहा है।
दीपक पोखरिया
दीपक पोखरियाauthor

पहाड़ से हूं, इसलिए घूमने फिरने का शौक है। दिल्ली-नोएडा से ज्यादा उत्तराखंड में ही मन लगता है। कई मीडिया संस्थानों से मेरी करियर यात्रा गुजरी है और मई 2022 से Times Network में timesnowhindi.com के साथ जुड़ा हूं। यहां शुरूआत खबरों से हुई और अब नजरें फीचर टीम के जरिए पाठकों की पसंद के लेख लिखने पर रहती है। घुमक्कड़ी पसंद होने की वजह से मुख्य जिम्मेदारी timesnowhindi.com/travel की है। वैसे मैं देवभूमि उत्तराखंड के नैनीताल से हूं और यहीं पर जन्म हुआ। पढ़ाई की शुरुआत फिरोजपुर (पंजाब) से हुई। इसके बाद लखनऊ (उत्तर प्रदेश), रामपुर (उत्तकर प्रदेश), हल्द्वानी (उत्तराखंड) होते हुए देश की राजधानी दिल्ली से पढ़ाई की। हल्द्वानी के एमबीपीजी कॉलेज से ग्रेजुएशन पूरा किया। साथ ही NIIT से GNIIT किया। इसके बाद दिल्ली से भारतीय विद्या भवन से पत्रकारिता की पढ़ाई की। मीडिया में 12 साल से ज्यादा का अनुभव। टीवी, वेबसाइट और मोबाइल ऐप में अब तक काम किया। नौकरी की शुरुआत 2011 से की। अभी टाइम्स नाऊ नवभारत में 2 से अधिक सीनियर करोस्पेंडट के पद पर हूं। यात्रा सेक्शन से जुड़ने से पहले करीब डेढ़ साल पहले तक न्यूज में ही काम किया।

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