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Lunar Eclipse 2026 GK Question: चंद्र ग्रहण क्यों और कैसे होता है? आसान भाषा में समझें साइंस

Lunar Eclipse 2026: साल का पहला चंद्र ग्रहण 3 मार्च को लगने वाला है। यह विज्ञान और खगोल भौतिकी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। UPSC, SSC, और राज्य स्तरीय PSC परीक्षाओं में जीके और भूगोल से संबंधित पूछे जाने वाले प्रश्नों में चंद्र ग्रहण से संबंधित कई सवाल आते हैं। ऐसे में आपके लिए इसके बारे में जानना आवश्यक है। तो आइए चंद्र ग्रहण 2026 पर जीके के 20 प्रश्नों के उत्तर दें।

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चंद्र ग्रहण क्यों और कैसे होता है?

Lunar Eclipse 2026: चंद्र ग्रहण एक बेहद खास खगोलीय घटना है, जो सदियों से मानव जिज्ञासा का केंद्र रही है। जहां एक तरफ इसे लोग ज्योतिषी की नजरों से देखते हैं, तो वहीं कई लोग इसे साइंस की नजरों से देखते हैं। चंद्र ग्रहण भारत में सांस्कृतिक और धार्मिक अवधारणाओं से जुड़ा है। लेकिन आज हम इसके धार्मिक अवधारणा को नहीं बल्कि इसके वैज्ञानिक पहलुओं के बारे में जानेंगे। क्योंकि देश में आयोजित होने वाली UPSC, SSC और विभिन्न प्रकार की प्रतियोगिता परीक्षाओं में चंद्र ग्रहण से संबंधित कई प्रश्न पूछे जाते हैं। ऐसे में आपको पता होना चाहिए कि चंद्र ग्रहण कब लगता है, कैसे लगता है और यह कितने प्रकार के होते हैं। इससे आप परीक्षा में अपने कुछ नंबर तो पक्के कर ही पाएंगे। आइए चंद्र ग्रहण से संबंधित जीके के 20 प्रश्नों पर नजर डालें और जानें आखिर यह होता क्या है।

चंद्र ग्रहण जीके प्रश्नोत्तरी (Lunar Eclipse 2026 GK Question)

सवाल: चंद्र ग्रहण कब होता है?

जवाब: जब पृथ्वी, सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है, तब चंद्र ग्रहण लगता है। यह एक खगोलीय घटना है।

सवाल: चंद्र ग्रहण किस तिथि को होता है?

जवाब: अक्सर चंद्र ग्रहण पूर्णिमा (Full Moon) के दिन लगता है।

सवाल: 'ब्लड मून' किसे कहा जाता है?

जवाब: पूर्ण चंद्र ग्रहण के दौरान जब चंद्रमा गहरा लाल दिखाई देता है, तो उसे ब्लड मून (Blood Moon) कहा जाता है।

सवाल: चंद्रमा के लाल दिखने का वैज्ञानिक कारण क्या है?

जवाब: पृथ्वी के वायुमंडल द्वारा प्रकाश का प्रकीर्णन (Rayleigh Scattering), चंद्रमा के लाल दिखने का कारण होता है।

सवाल: पृथ्वी की सबसे गहरी छाया वाले हिस्से को क्या कहते हैं?

जवाब: पृथ्वी की सबसे गहरी छाया वाले हिस्से को अम्ब्रा (Umbra) कहा जाता है।

सवाल: पृथ्वी की बाहरी और हल्की छाया को क्या कहा जाता है?

जवाब: पृथ्वी की बाहरी और हल्की छाया पेनुम्ब्रा या उपछाया (Penumbra) कहा जाता है।

सवाल: एक वर्ष में अधिकतम कितने चंद्र ग्रहण लग सकते हैं?

जवाब: एक साल में अधिकतम तीन चंद्र ग्रहण लग सकते हैं।

सवाल: 'सिजगी' शब्द का क्या अर्थ है?

जवाब: सिजगी (Syzygy) शब्द का अर्थ है सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा का एक सीधी रेखा में संरेखण होना।

सवाल: क्या चंद्र ग्रहण को नंगी आंखों से देखना सुरक्षित है?

जवाब: जी हां, चंद्र ग्रहण को नग्न आंखों से देखना पूरी तरह सुरक्षित है।

सवाल: पूर्ण चंद्र ग्रहण की अधिकतम अवधि कितनी हो सकती है?

जवाब: पूर्ण चंद्र ग्रहण की अधिकतम अवधि लगभग 107 मिनट की हो सकती है।

सवाल: उपछाया चंद्र ग्रहण में चंद्रमा कैसा दिखता है?

जवाब: Penumbral चंद्र ग्रहण में चंद्रमा सामान्य से थोड़ा धुंधला या मटमैला दिखाई देता है।

सवाल: चंद्र ग्रहण के दौरान कौन-सा पिंड मध्य में होता है?

जवाब: चंद्र ग्रहण के दौरान सूर्य और चंद्रमा के बीच पृथ्वी होती है।

सवाल: क्या हर पूर्णिमा को चंद्र ग्रहण लगता है?

जवाब: नहीं, क्योंकि चंद्रमा की कक्षा पृथ्वी की कक्षा से लगभग 5 डिग्री झुकी हुई है।

सवाल: ग्रहण के समय सूतक काल कितने समय पहले शुरू होता है?

जवाब: ग्रहण शुरू होने से लगभग 9 घंटे पहले सूतक काल की शुरुआत होती है।

सवाल: भारत में साल 2026 का पहला चंद्र ग्रहण कब लगेगा?

जवाब: देश में साल 2026 का पहला चंद्र ग्रहण होलिका दहन के दिन 3 मार्च 2026 को लगने वाला है।

सवाल: 'सुपर मून' और 'ब्लड मून' का एक साथ होना क्या कहलाता है?

जवाब: सुपर ब्लड मून।

सवाल: चंद्र ग्रहण किस दिशा से शुरू होता है?

जवाब: चंद्रमा के पूर्वी हिस्से (बाएं ओर) से छाया प्रवेश करती है।

सवाल: वह कौन-सा प्राचीन खगोलशास्त्री था जिसने बताया कि चंद्र ग्रहण पृथ्वी की छाया के कारण होता है?

जवाब: आर्यभट्ट, वह खगोलशास्त्री थे, जिन्होंने बताया था कि चंद्र ग्रहण पृथ्वी की छाया के कारण होता है।

सवाल: आंशिक चंद्र ग्रहण (Partial Lunar Eclipse) क्या है?

जवाब: जब चंद्रमा का केवल एक हिस्सा पृथ्वी की गहरी छाया (अम्ब्रा) से गुजरता है।

सवाल: सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण में मुख्य अंतर क्या है?

जवाब: सूर्य ग्रहण में चंद्रमा बीच में होता है, जबकि चंद्र ग्रहण में पृथ्वी बीच में होती है।

Varsha Kushwaha
वर्षा कुशवाहाauthor

वर्षा कुशवाहा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की एजुकेशन डेस्क पर बतौर कॉपी एडिटर कार्यरत हैं और पिछले 5 वर्षों से मीडिया में सक्रिय हैं। जर्नलिज़्म में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा पूरा करने के बाद उन्होंने न्यूज रूम में तेजी, सटीकता और गहराई के साथ काम करते हुए अपनी मजबूत संपादकीय पहचान बनाई है। वर्षा की विशेषज्ञता हाइपर-लोकल खबरों, इवेंट कवरेज और स्टेट पॉलिटिक्स से जुड़ी रिपोर्टिंग में भी है। अब तक वर्षा कुशवाहा 8,000 से अधिक खबरें लिख चुकी हैं, जिनमें कई अहम लोकल रिपोर्ट्स, एजुकेशन और करियर की खबरें तथा फीचर-आधारित स्टोरीज शामिल हैं।

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