Chandra Grahan 2024 (चंद्र ग्रहण कब और कैसे लगता है): Why Lunar eclipse Occurs: Chandra Grahan Kab Hota, Lunar Eclipse Reason: साल 2025 का अंतिम चंद्र ग्रहण भाद्रपद पूर्णिमा यानी 7 सितंबर दिन रविवार को लग रहा है, इस दिन श्राद्ध पक्ष की शुरुआत भी हो रही है। ग्रहण रात्रि 9 बजकर 57 बजे से शुरू होगा और मध्य रात्रि 1 बजकर 26 मिनट पर समापन होगा। यह ग्रहण लगभग दो घंटे का होगा, लेकिन इसका प्रभाव दो दिन यानी 7 और 8 तारीख तक रहेगा। साइंस के छात्र जानना चाहते होंगे कि चंद्र ग्रहण कब होता है, चंद्र ग्रहण कैसे लगता है। ऐसी खगोलीय घटनाएं प्रतियोगिता परीक्षाओं में जनरल नॉलेज का हिस्सा बनती हैं। कई बार प्रतियोगी परीक्षाओं में भी ये सवाल पूछ लिया जाता है कि चंद्र ग्रहण क्यों होता है। आज इस सवाल का जवाब जानेंगे। आइये जानते हैं कि चंद्र ग्रहण कब और कैसे लगता है।
Lunar Eclipse Reason: चंद्र ग्रहण कब लगता है
खगोल विज्ञान के अनुसार जब सूर्य और चंद्रमा के बीच पृथ्वी आ जाती है तो तब ये तीनों एक सीधी लाइन में कुछ देर के लिए आ जाते हैं। इस घटना को चंद्र ग्रहण कहते हैं। इस स्थिति में पृथ्वी की परछाई सीधी चंद्रमा पर नहीं पड़ती है तो इसे उपच्छाया चंद्र ग्रहण कहते हैं। चंद्र ग्रहण के समय कोई भी शुभ काम नहीं करने चाहिए। गर्भवती महिलाओं को ग्रहण काल में विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।

Chandra Grahan GK Quiz In Hindi: चंद्र ग्रहण कब, क्यों और कैसे लगता है
परिभाषा – जब पृथ्वी, सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है और पृथ्वी की छाया चंद्रमा पर पड़ती है तो चंद्रग्रहण होता है।
केवल पूर्णिमा को – चंद्रग्रहण केवल पूर्णिमा की रात को ही लगता है।
सुरक्षित अवलोकन – चंद्रग्रहण को नग्न आंखों से देखना पूरी तरह सुरक्षित है (सूर्यग्रहण के विपरीत)।
सूर्य–पृथ्वी–चंद्रमा स्थिति – इसमें सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा एक सीधी रेखा में होते हैं।
समयावधि – चंद्रग्रहण कई मिनटों से लेकर कुछ घंटों तक रह सकता है।
सांस्कृतिक मान्यता – भारतीय संस्कृति में ग्रहण काल को धार्मिक दृष्टि से विशेष माना जाता है, इस दौरान मंत्र जप और स्नान की परंपरा है।
भौगोलिक दृश्यता – चंद्रग्रहण दुनिया के कई हिस्सों से एक साथ दिखाई देता है, जबकि सूर्यग्रहण सीमित क्षेत्रों में ही दिखता है।
वैज्ञानिक महत्व – चंद्रग्रहण से पृथ्वी की गोलाई का प्रमाण मिलता है क्योंकि छाया गोल होती है।
प्रकार – चंद्रग्रहण तीन प्रकार का होता है:
- पूर्ण चंद्रग्रहण
- आंशिक चंद्रग्रहण
- उपछाया चंद्रग्रहण
Chandra Grahan Kab Hota hai: चंद्र ग्रहण कैसे होता है
इसको अगर आसान सी भाषा में समझें। आप जानते हैं कि सूर्य के चारों तरफ पृथ्वी घूमती है और चंद्रमा पृथ्वी का चक्कर लगाता है। ये क्रम निरंतर चलता आ रहा है। ऐसे में जब चंद्रमा, पृथ्वी और सूर्य एक ही सीध में आ जाते हैं तो इस स्थिति को चंद्र ग्रहण कहा जाता है।
Longest Chandra Grahan: अब तक का सबसे लंबा चंद्र ग्रहण
बता दें कि साल 2021 में 19 नवंबर को लगा चंद्र ग्रहण, सबसे लंबा आंशिक चंद्र ग्रहण था। इसकी अवधि करीब 6 घंटे 2 मिनट तक थी। नासा के मुताबिक, यह ग्रहण 1440 के बाद से सबसे लंबा आंशिक चंद्र ग्रहण था और 2669 तक 648 सालों तक सबसे लंबा बना रहेगा।
