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CTSA Central Tibetan School: सीबीएसई 12वीं में CTSA छात्रों का जलवा, जानें क्या है इस स्कूल की खासियत

Central Tibetan School: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने 10वीं व 12वीं परीक्षा का रिजल्ट आज जारी कर दिया है। इस साल 12वीं में सेंट्रल तिब्बतन स्कूल एडमिनिस्ट्रेशन (CTSA) का रिजल्ट सबसे अच्छा रहा।

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CTSA, Central Tibetan School

CTSA Central Tibetan School Admission 2024: सीबीएसई बोर्ड रिजल्ट का इंतजार आखिरकार खत्म हो गया है। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने 10वीं व 12वीं परीक्षा का रिजल्ट (CBSE 10th 12th Result 2024) 13 मई को आधिकारिक वेबसाइट cbse.gov.in और cbseresults.nic.in पर जारी कर दिया गया है। स्टूडेंट्स रोल नंबर, स्कूल नंबर और एडमिट कार्ड आईडी दर्ज करके रिजल्ट (CBSE Board Results 2024) डाउनलोड कर सकते हैं। इसके अलावा डिजीलॉकर और उमंग एप पर भी सीबीएसई 10वीं 12वीं रिजल्ट 2024 चेक किया जा सकता है।

CBSE 10th 12th Result 2024: सीटीएसए स्कूल का जलवा

बोर्ड द्वारा जारी सूचना के अनुसार, इस साल सीबीएसई 12वीं की परीक्षा में सेंट्रल तिब्बतन स्कूल एडमिनिस्ट्रेशन (CTSA) का रिजल्ट सबसे अच्छा रहा। सीटीएसए के कुल 99.23 फीसदी स्टूडेंट्स ने इंटर की परीक्षा पास की है। जबकि, जवाहर नवोदय विद्यालय का पास प्रतिशत 98.90 फीसदी और केंद्रीय विद्यालय का 98.81 फीसदी रहा। वहीं, सीटीएसए से 10वीं में कुल 94.40 फीसदी स्टडेंट्स सफल हुए हैं।

CTSA School Admission 2024: सीटीएसए स्कूल में एडमिशन

सीटीएसए का 10वीं और 12वीं रिजल्ट देखने के बाद छात्रों व उनके अभिभावकों के मन में यह सवाल आना लाजमी है कि आखिर यह कौन-सा स्कूल है? सीटीएसए में एडमिशन (CTSA School Admission 2024) कैसे मिलता है और यहां की फीस (CTSA School Fees) कितनी है? इस स्कूल में छात्रों के लिए क्या सुविधाएं हैं और यह बाकी स्कूलों से कैसे अलग है? अगर आपके मन में भी यही सवाल है तो परेशान होने की जरूरत नहीं है क्योंकि आज हम आपको इस स्कूल से जुड़ी सारी जानकारी बताएंगे।

Tibetan School Admission 2024: कितने तिब्बती स्कूल

वर्तमान में शिक्षा विभाग विभिन्न स्वायत्त प्रशासनिक निकायों के तहत भारत और नेपाल में 62 तिब्बती स्कूलों (प्री प्राइमरी सेक्शन और प्राइवेट स्कूलों को छोड़कर) की देखरेख करता है। इन स्कूलों में लगभग 15,155 छात्र और 2,033 स्टाफ सदस्य हैं। स्वायत्त स्कूल प्रशासनिक निकायों में सेंट्रल तिब्बतन स्कूल एडमिनिस्ट्रेशन, तिब्बतन चिल्ड्रन्स विलेज, तिब्बतन होम्स फाउंडेशन, सम्भोटा तिब्बतन स्कूल सोसाइटी और स्नो लायन फाउंडेशन शामिल हैं।

CTSA Shimla

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CTSA Central Tibetan School: तिब्बती बच्चों के लिए स्कूल

सेंट्रल तिब्बतन स्कूल एडमिनिस्ट्रेशन या केंद्रीय तिब्बती स्कूल प्रशासन (CTSA) शिक्षा मंत्रालय के तहत एक स्वायत्त भारतीय सरकारी संगठन है। इसकी स्थापना 1961 में भारत में रहने वाले तिब्बती बच्चों की संस्कृति और विरासत को संरक्षित और बढ़ावा देने के साथ-साथ उनकी शिक्षा के लिए स्कूलों की स्थापना, प्रबंधन और सहायता के उद्देश्य से की गई थी। वैसे तो ये स्कूल तिब्बती शरणार्थियों के बच्चों को शिक्षा प्रदान करने के लिए चलाए जा रहे हैं। हालांकि, स्थानीय भारतीय बच्चों को भी कक्षाओं में सीटों की उपलब्धता के आधार पर प्रवेश दिया जाता है।

CTSA Shimla

CTSA Shimla

CTSA School Fees: छात्रों को मिलती है फीस में छूट

फीस की बात करें तो सीटीएसए स्कूलों में तिब्बती छात्रों को प्री-प्राइमरी से कक्षा 12वीं तक मुफ्त शिक्षा प्रदान की जाती है। छात्रों को स्कूल डेवलपमेंट फंड (SDF) के रूप में हर साल मात्र 240 रुपये जमा करना होता है। डे स्कूल के छात्र एसडीएफ को छोड़कर कोई शुल्क नहीं देते हैं। वहीं, जिन बोर्डर्स की पारिवारिक पृष्ठभूमि अच्छी है, उनसे प्रति माह 1138 रुपये शुल्क लिया जाता है। जबकि, तिब्बती निराश्रित और बीपीएल छात्र 100% शुल्क माफी के पात्र होते हैं। हालांकि, किसी भी छात्र के लिए शुल्क में छूट या पूर्ण छूट का निर्णय मुख्यालय स्तर पर किया जाता है।

Central Tibetan School: सीबीएसई पाठ्यक्रम लागू

इन तिब्बतन स्कूलों में सीबीएसई पाठ्यक्रम लागू किया जाता है और एनसीईआरटी किताबें पढ़ाई जाती हैं। हालांकि तिब्बत पाठ्य पुस्तकें DoE, धर्मशाला द्वारा प्रकाशित की जाती हैं। इन स्कूलों में लाइब्रेरी के साथ ही साइंस लैब, कंप्यूटर लैब, रिसोर्स सेंटर और लड़कों और लड़कियों के लिए अलग-अलग टॉयलट ब्लॉक, मल्टीपर्पज हॉल, ओपन मैथ्स और साइंस लैब हर्बल गार्डन आदि हैं। आवासीय स्कूलों में डाइनिंग हॉल और रसोई के साथ हॉस्टल बिल्डिंग है। स्कूलों में अपने कर्मचारियों के लिए स्टाफ क्वार्टर भी हैं।

Ankita Pandey
अंकिता पाण्डेयauthor

अंकिता पाण्डेय टाइम्स नाऊ नवभारत डिजिटल में तीन साल से काम कर रही हैं। वह उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले से ताल्लुक रखती हैं। माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान ही फील्ड रिपोर्टिंग से करियर की शुरुआत हुई। फिर जनसत्ता के डिजिटल प्लैटफॉर्म में लगभग 1.5 साल तक काम किया। 2022 में टाइम्स नाउ नवभारत के एजुकेशन टीम का हिस्सा बनीं। करीब चार साल के छोटे से करियर में स्कूली शिक्षा से लेकर रोजगार तक के सभी पहलुओं पर पकड़ बनाई। नए और रोचक विषयों पर स्टोरी बनाने के साथ ही सक्सेस स्टोरी के जरिए युवाओं को प्रोत्साहन देना भी काम का हिस्सा है। जॉब वैकेंसी, स्कूल-कॉलेज, करियर ऑप्शन, एग्जाम टिप्स, करंट अफेयर्स से जड़ी तमाम खबरों को लोगों तक पहुंचाने के लिए प्रयासरत रहती हैं।

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