CBSE 12th Controversy: फिजिक्स विषय ने एक बार भी सीबीएसई की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बता दें केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के 12वीं के परिणाम में 1 लाख 64 हजार छात्रों का कंपार्टमेंट आया है। इसमें अकेले फिजिक्स के 94 हजार छात्र है। वहीं ऑन स्क्रीन मार्किंग (OSM) में सबसे ज्यादा शिकायत फिजिक्स की आई है। उत्तर पुस्तिकाओं की फोटोकॉपी प्राप्त करने और पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन करने वाले हजारों छात्रों और शिक्षकों का कहना है कि कई उत्तरों के अंक नहीं जोड़े गए या सही तरीके से मूल्यांकन नहीं किया गया है।
सही उत्तर लिखे होने के बावजूद नहीं मिले मार्क्स
रिपोर्ट के अनुसार, कुछ छात्रों ने दावा किया है कि उनकी उत्तर पुस्तिकाओं में सही उत्तर लिखे होने के बावजूद अंक नहीं दिए गए। कई मामलो में उत्तर लिखे होने के बाद पेज पर ब्लैंक लिख दिया गया है। इसके अलावा स्टेप मार्किंग का पालन नहीं किया गया। कुछ छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि उनकी उत्तर पुस्तिका में दूसरे छात्र की कॉपी अपलोड कर दी गई थी। साथ ही प्रश्नों की गलत मार्किंग की गई है।
वहीं S नाम के एक ट्विटर यूजर ने लिखा कि मैंने कक्षा 12 की उत्तर पुस्तिका की स्कैन की हुई प्रति के लिए आवेदन किया था क्योंकि मुझे गणित में RT मिला था, लेकिन उन्होंने मुझे भौतिकी की प्रति भेज दी जिसमें मैं पहले ही पास हो चुका था। मैंने दो बार CBSE से संपर्क किया लेकिन अभी तक कोई जवाब नहीं मिला। क्या यह सिर्फ मेरे साथ हो रहा है?
वहीं गुरुग्राम के एक छात्र ने बताया कि उसे फिजिक्स में केवल 18 अंक मिले, जबकि उसे उम्मीद थी कि उसके 80 से अधिक अंक आएंगे। वहीं पुणे के एक स्कूल की प्रिंसिपल ने कहा कि उनके एक छात्र को जो उत्तर पुस्तिका दिखाई गई, वह उसकी थी ही नहीं। हालांकि शिकायत के बाद सीबीएसई ने गलती स्वीकार की और सही उत्तर पुस्तिका उपलब्ध कराई।
फिजिक्स सबसे ज्यादा विवादित
इसके अलावा TheAnuragTyagi नाम के एक ट्विटर यूजर ने लिखा कि सीबीएसई कक्षा 12 के नतीजों में फिजिक्स सबसे विवादित विषय बनकर उभर रहा है। देश भर के छात्र सही उत्तर होने के बावजूद अंक न मिलना, हल करने के चरणों का अंक न मिलना या प्रश्नों की गलत मार्किंग को लेकर अपनी शिकायत कर रहे हैं। इसके अलावा मैथ्स, केमिसिट्री और बायोलॉजी में भी इसी तरह की शिकायतें आ रही हैं।
ए1 ग्रेड की संख्या हुई कम
आंकड़ों के अनुसार इस वर्ष फिजिक्स विषय में उच्च ग्रेड प्राप्त करने वाले छात्रों की संख्या में कमी आई है। फिजिक्स में ए1 ग्रेड की सीमा 2025 के 82 अंकों से घटकर 79 अंक रह गई है। इसी तरह के बदलाव गणित और रसायन विज्ञान में भी देखने को मिले हैं।
