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BPSC पेपर लीक मामला: बीपीएससी परीक्षा में बायोमेट्रिक कंपनी की मिलीभगत का खुलासा, नई तकनीक का इस्तेमाल कर किया था पेपर लीक

बिहार लोक सेवा आयोग की वर्ष में आयोजित दो प्रतियोगिता परीक्षाओं में पेपर लीक और अन्य अनियमितताओं में धांधली के नए तरीकों के खुलासा किया गया है। इस मामले में 35 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

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बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की ओर से इस वर्ष आयोजित दो प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक (BPSC Paper Leak) और अन्य अनियमितताओं के लिए नयी तकनीक का इस्तेमाल किए जाने का बड़ा खुलासा किया गया है। बता दें कि बीपीएससी पेपर लीक मामले की जांच कर रहे आर्थिक अपराध इकाई (EOU) द्वारा इस मामले में अभी तक आठ एफआईआर दर्ज की, जिसमें अभी तक 35 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इस बात की जानकारी मुझे अधिकारियों द्वारा दी गई।

परीक्षा संचालन का ठेका पाने वाली कंपनी को कालीसूची

अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी ने अनुसार, परीक्षा संचालन का ठेका पाने वाली कंपनी को काली सूची में डालने की अनुशंसा की गई है। EOU के पुलिस DIG मानवजीत सिंह ढिल्लो ने आज पुलिस मुख्यालय स्थित सरदार पटेल भवन में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में जानकारी दी कि BPSC की सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी (एईडीओ) परीक्षा के प्रश्न-पत्र लीक मामले में अब तक आठ प्राथमिकी दर्ज की गई हैं जिनमें से पांच मामले ईओयू ने ही दर्ज किए हैं।

उन्होंने बताया कि मुंगेर, बांका, लखीसराय और नालंदा से जुड़े मामलों की जांच ईओयू कर रही है। साथ ही इस मामले में अब तक 35 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने बताया कि इसी वर्ष आयोजित बीपीएससी की एक अन्य प्रतियोगी परीक्षा सहायक अवशिष्ट प्रबंधक एवं लोक स्वास्थ्य पदाधिकारी परीक्षा में भी धांधली के प्रमाण मिले हैं और इस संबंध में पटना के एसके पुरी थाने में एक मामला दर्ज किया गया है, जिसमें दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

नई तरह की धांधली पर क्या बोले डीआईजी

न्यूज एजेंसी पीटीआई भाषा के अनुसार, ढिल्लो ने कहा कि दोनों परीक्षाओं में नयी तरह की धांधली की खबर सामने आई है। उन्होंने बताया कि इसके तहत बायोमेट्रिक सिस्टम से जुड़ी कंपनी के कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत से पेपर लीक कराया गया और इसमें भी चुनिंदा उम्मीदवारों तक ही उत्तर पहुंचाए गए। उन्होंने बताया कि जांच में कई स्तरों पर अनियमितताओं के ठोस सबूत मिले हैं। उन्होंने आगे यह भी बताया कि परीक्षा केंद्रों पर बायोमेट्रिक डेटा संग्रह के लिए तैनात कुछ कर्मचारी पहले भी परीक्षा संबंधी अनियमितताओं के आरोपों का सामना कर चुके हैं। उनकी तैनाती भी निर्धारित यादृच्छिकीकरण प्रक्रिया का पालन किए बिना की गई थी।

मुंगेर में परीक्षा केंद्रों के पर्वेक्षकों को किया गिरफ्तार

डीआईजी ने बताया कि मुंगेर के परीक्षा केंद्रों से बायोमेट्रिक पर्यवेक्षकों को गिरफ्तार किया गया है और जांच में यह भी सामने आया कि कुछ कर्मचारियों ने अपने परिजनों को परीक्षा कार्य में शामिल कराया, जो नियमों के विरुद्ध है। आरोप है कि परीक्षा से कुछ घंटे पहले प्रश्न-पत्र लीक कर उसके उत्तर तैयार कराए गए और उन्हें चुनिंदा अभ्यर्थियों तक पहुंचाया गया। उन्होंने कहा कि संबंधित कंपनी के पर्यवेक्षकों और अन्य कर्मचारियों में बड़ी संख्या ऐसे लोगों की थी, जो स्वयं भी प्रतियोगी परीक्षाओं के अभ्यर्थी थे।

ढिल्लो के अनुसार, परीक्षा संचालन का ठेका पाने वाली जयपुर स्थित 'मेसर्स साईं एडुकेयर प्राइवेट लिमिटेड' की भूमिका भी जांच के दायरे में है। ईओयू ने बीपीएससी को इस कंपनी को काली सूची में डालने की सिफारिश की है। उन्होंने बताया कि जैमर लगाने वाली एजेंसी के स्तर पर भी गंभीर लापरवाही सामने आई है। कई परीक्षा केंद्रों के कुछ हिस्से जैमर की कवरेज से बाहर थे, जिसका फायदा परीक्षा माफिया ने उठाया।

बायोमेट्रिक प्रक्रिया उल्लंघन के आरोप में परीक्षा केंद्र निष्कासित

डीआईजी ने कहा कि नालंदा जिले में कंपनी के एक पर्यवेक्षक चंदन कुमार को बिहारशरीफ के सोहसराय थाना क्षेत्र स्थित प्रयाग लाल साहू विद्यालय से गिरफ्तार किया गया था। जांच में पता चला कि उसे पहले भी बायोमेट्रिक प्रक्रिया के उल्लंघन के आरोप में एक परीक्षा केंद्र से निष्कासित किया गया था, लेकिन उसके खिलाफ कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।

एक अन्य सवाल के जवाब में ढिल्लो ने बताया कि ईओयू ने आय से अधिक संपत्ति के मामलों में भी कार्रवाई की है। जिन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है, उनमें सुपौल के जिला अवर निबंधक अपमरेंद्र कुमार, झाझा ग्रामीण कार्य प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता गोपाल कुमार, दरभंगा जिले के केवटी प्रखंड के बीडीओ चंद्रमोहन पासवान तथा हाजीपुर नगर परिषद कार्यालय के लेखपाल मनीष कुमार शामिल हैं।

इनपुट - भाषा

Varsha Kushwaha
वर्षा कुशवाहाauthor

वर्षा कुशवाहा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की एजुकेशन डेस्क पर बतौर कॉपी एडिटर कार्यरत हैं और पिछले 5 वर्षों से मीडिया में सक्रिय हैं। जर्नलिज़्म में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा पूरा करने के बाद उन्होंने न्यूज रूम में तेजी, सटीकता और गहराई के साथ काम करते हुए अपनी मजबूत संपादकीय पहचान बनाई है। वर्षा की विशेषज्ञता हाइपर-लोकल खबरों, इवेंट कवरेज और स्टेट पॉलिटिक्स से जुड़ी रिपोर्टिंग में भी है। अब तक वर्षा कुशवाहा 8,000 से अधिक खबरें लिख चुकी हैं, जिनमें कई अहम लोकल रिपोर्ट्स, एजुकेशन और करियर की खबरें तथा फीचर-आधारित स्टोरीज शामिल हैं।

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