एजुकेशन

CBSE Re-Evaluation : जिन छात्रों के पास नहीं है आधार, वो कैसे करें री-इवैल्युएशन के लिए अप्लाई ?

How to apply for Re Evaluation without Aadhar : सीबीएसई ने री इवैल्युएशन के लिए आधार कार्ड वेरिफिकेशन को जरूरी बताया है। मगर इस बीच छात्रों के मन में सवाल उठ रहा है कि बिना आधार के रीइवैल्युएशन के लिए कैसे अप्लाई करें...

Image

CBSE Re-Evaluation

CBSE Re Evaluation without Aadhar : सीबीएसई का री इवैल्युएशन पोर्टल खुल गया है। छात्र अब पोर्टल पर लॉगिन करके री इवैल्युएशन के लिए अप्लाई कर सकते हैं। इस बीच सीबीएसई ने छात्रों के लिए प्रेस विज्ञप्ति जारी की है। इसके अलावा बोर्ड ने छात्रों के लिए एक और अहम अपडेट जारी किया है, जिसमें उसने बताया कि इस पूरे प्रोसेस के लिए आधार वेरिफिकेशन बेहद जरूरी है। एक्स पर जानकारी देते हुए सीबीएसई ने कहा कि कृपया ध्यान दें कि सुरक्षा कारणों से आधार वेरिफिकेशन को शामिल किया गया है। जिन बच्चों के पास आधार नहीं है, उनके माता-पिता, रिश्तेदार या अभिभावक के आधार विवरण का उपयोग किया जा सकता है। इस स्थिति में, आधार में दर्ज नाम, जन्म तिथि और लिंग उसी व्यक्ति का होना चाहिए, जिसके आधार नंबर का उपयोग किया जा रहा है।

अब आधार कार्ड जरूरी

सीबीएसई द्वारा जारी सूचना के अनुसार, इस बार आवेदन प्रक्रिया में सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए आधार सत्यापन (Aadhaar Verification) को शामिल किया गया है। हालांकि बोर्ड ने उन छात्रों के लिए भी व्यवस्था की है जिनके पास स्वयं का आधार कार्ड उपलब्ध नहीं है। ऐसे छात्र अपने माता-पिता, अभिभावक या किसी निकट संबंधी के आधार नंबर का उपयोग कर सकते हैं। बोर्ड का कहना है कि इससे छात्रों की पहचान सुनिश्चित करने और आवेदन प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित एवं पारदर्शी बनाने में मदद मिलेगी।

अगर आधार नहीं तो क्या करें ?

सीबीएसई के अनुसार, अगर छात्र किसी अन्य व्यक्ति के आधार नंबर का उपयोग करते हैं, तो आवेदन के दौरान दर्ज किया जाने वाला नाम, जन्मतिथि और लिंग उसी व्यक्ति का होना चाहिए, जिसका आधार नंबर इस्तेमाल किया जा रहा है।

बता दें कि परिणाम जारी होने के बाद बड़ी संख्या में छात्र अपने प्राप्त अंकों को लेकर पुनः जांच की मांग करते हैं। ऐसे छात्रों को सीबीएसई तीन प्रमुख सुविधाएं उपलब्ध कराता है। इनमें अंकों का सत्यापन (Verification of Marks), उत्तर पुस्तिका की स्कैन कॉपी प्राप्त करना और विशिष्ट प्रश्नों के पुनर्मूल्यांकन (Re-evaluation) के लिए आवेदन करना शामिल है।

Kusum Bhatt
कुसुम भट्ट author

टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बतौर एजुकेशन जर्नलिस्ट कार्यरत कुसुम भट्ट शिक्षा जगत से जुड़ी हर छोटी-बड़ी हलचल पर पैनी नजर रखती हैं। मास्टर्स इन मास कम्... और देखें

End of Article