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Bihar Teacher Bharti 2023: क्या है डोमिसाइल नीति? शिक्षक संघ के नेता आखिर क्यों कर रहे भर्ती का विरोध

  • Authored by: नीलाक्ष सिंह
  • Updated Jun 28, 2023, 01:29 PM IST

Bihar Teacher Vacancy 2023 News: बिहार सरकार में शिक्षकों की 1.70 लाख पदों पर भर्ती चल रही है। आए दिन भर्ती से जुड़े अपडेट आ रहे हैं, राज्य में जो डोमिसाइल नीति को खत्म किया गया है, उसके बाद से शिक्षक संघ के नेता ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है।

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बिहार सरकार में शिक्षकों की 1.70 लाख पदों पर भर्ती 2023 (image - canva)

Bihar Teacher Vacancy 2023 News: भर्ती से जुड़ी बड़ी खबर है, गौरतलब है कि बिहार राज्य में 1.70 लाख पदों को भरने के लिए आवेदन प्रक्रिया चल रही है। आए दिन भर्ती से जुड़ी नई जानकारियां आ रही हैं, कल यानी 27 जून को जब से डोमिसाइल नीति को खत्म किए जाने का अपडेट आया है तब से बाहरी राज्य के उम्मीदवारों की खुशी का ठिकाना नहीं है, लेकिन राज्य में सभी इस निर्णय से ज्यादा सहज नहीं लग रहे हैं।

गौरतलब है कि बिहार सरकार ने शिक्षक भर्ती परीक्षा में बड़ा बदलाव करते हुए डोमिसाइल नीति को खत्म कर दिया है। आइये जानें क्या है डोमिसाइल नीति?

Bihar Teacher Vacancy 2023 Latest News: क्या है डोमिसाइल नीति?

डोमिसाइल का मतलब अधिवास या आवासीय होता है, बिहार शिक्षक भर्ती 2023 में डोमिसाइल का मतलब है कि राज्य के लोग ही इस परीक्षा के लिए आवेदन कर सकते हैं, जबकि यह नौकरी बाहरी राज्य के उम्मीदवारों के लिए नहीं है, लेकिन कल जारी नए निर्देश के बाद डोमिसाइल नीति को खत्म कर दिया गया है, अब दूसरे राज्य के योग्य उम्मीदवार भी इस परीक्षा के लिए फाॅर्म भर सकते हैं। कल मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में राज्य कैबिनेट की बैठक में इस पर मुहर लगा लगाई गई, और राज्य में इस नियमावली 2023 में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई।

शुरू हुआ विरोध

सरकार के इस फैसले का शिक्षक संघ के नेता विरोध कर रहे हैं, उनका कहना है कि सरकार निर्णय वापस ले या दूसरे राज्य के लोगों के लिए केवल 10 प्रतिशत सीट ही आरक्षित की जाए।

शिक्षा मंत्री ने क्या कहा?

चंद्रशेखर, शिक्षा मंत्री बिहार का कहना है कि कक्षा 9, 10 और 11, 12 के लिए गणित, विज्ञान और अंग्रेजी, संस्कृत और हिन्दी जैसे भाषा विषयों में अभ्यर्थियों की संख्या कम है। रिक्ति के अनुसार, (Bihar Teacher Vacancy 2023 In Hindi) अभ्यर्थियों की कम संख्या होने के कारण ही संशोधन करना पड़ा।

इसमें कोई दोराय नहीं हैं, कि इस फैसले से देश के लाखों नहीं करोड़ों युवाओं को फायदा मिलेगा।

नीलाक्ष सिंह
नीलाक्ष सिंहauthor

नीलाक्ष सिंह 2021 से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल से जुड़े हैं और एजुकेशन सेक्शन के लिए कंटेंट लिखते हैं। लखनऊ विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने प्रिंट मीडिया में इंटर्नशिप की, जहां फील्ड रिपोर्टिंग, स्टूडेंट-इश्यू बेस्ड ग्राउंड स्टोरीज और सटीक न्यूजराइटिंग की बुनियादी समझ हासिल की। प्रिंट के बाद डिजिटल मीडिया में भी वह एजुकेशन बीट पर ही लगातार काम करते रहे हैं। पत्रकारिता में 10 सालों से सक्रिय नीलाक्ष सिंह 12 हजार से अधिक खबरें लिख चुके हैं। वह एग्जाम अपडेट्स, एडमिशन प्रोसेस, करियर गाइडेंस, स्टूडेंट वेलफेयर, बोर्ड रिजल्ट्स और नीतिगत बदलावों पर गहन और बेहद उपयोगी कंटेंट तैयार करते हैं।

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