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Agniveer Recruitment 2027: अब वोकेशनल कोर्स वाले भी बन सकते हैं अग्निवीर, सेना ने दी मान्यता

Agniveer Bharti 2026 : अग्निवीर भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खबर है। सेना ने अब 6 वोकेशनल कोर्सेज को मान्यता दी है, जिसके बाद अब ये कोर्स करने वाले अभ्यर्थी भी अग्निवीर बन सकते हैं। हालांकि अग्निवीर बनने के लिए सिर्फ वोकेशनल कोर्स होना ही काफी नहीं है। बल्कि सेना ने इसके लिए कुछ जरूरी शर्तें भी रखी हैं। Agniveer Bharti 2027, Agniveer Recruitment 2027, Agniveer Bharti Technical Category

Agniveer Recruitment 2027

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Agniveer Recruitment 2027 : इंडियन आर्मी ने अग्निवीर भर्ती में एक और बड़ा बदलाव किया है। अब वोकेशनल कोर्स करने वाले अभ्यर्थी भी सेना में अग्निवीर टेक्निकल केटेगरी का हिस्सा बन सकते हैं। सेना ने शैक्षणिक सत्र 2027 के लिए खास 6 वोकेशनल कोर्सेज को मान्यता दी है। ऐसे में हुनर और तकनीक आधारित पढ़ाई कर रहे छात्रों का अग्निवीर बनने का रास्ता साफ हो गया है।

इन कोर्सेज को दो लेवल- सीनियर सेकेंडरी और हायर सेकेंडरी में विभाजित किया गया है। सेना भर्ती कार्यालय ने जानकारी दी है कि इन विषयों के छात्र भर्ती के लिए आवेदन कर सकते हैं। सीनियर सेकेंडरी लेवल (11-12वीं) के तहत वेब एप्लीकेशन, इलेक्ट्रिकल टेक्नोलॉजी, इलेक्ट्रॉनिक्स टेक्नोलॉजी और जियोस्पेशियल जैसे आधुनिक सब्जेक्ट्स को रखा गया है। वहीं उच्च शिक्षा स्तर पर सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट और रिन्यूएबल एनर्जी मैनेजमेंट जैसे कोर्सेज करने वाले छात्र अब अग्निवीर बन सकते हैं।

सेना ने रखीं जरूरी शर्तें

हालांकि अग्निवीर बनने के लिए सिर्फ वोकेशनल कोर्स होना ही काफी नहीं है। बल्कि सेना ने इसके लिए कुछ जरूरी शर्तें भी रखी हैं। इसके अनुसार, अभ्यर्थी अपने शैक्षणिक करियर में फिजिक्स और गणित जैसे बुनियादी विज्ञान विषयों की पढ़ाई जरूर की हुई हो। दो वर्षीय वोकेशनल कोर्स में कम से कम 50 प्रतिशत नंबरों का होना भी जरूरी है।

इससे पहले भी सेना ने किये थे बदलाव

बता दें कि इससे पहले साल 2025-26 की अग्निवीर भर्ती के दौरान भी भर्ती बोर्ड ने अग्निवीर टेक्निकल कैटेगरी में दो साल के डिप्लोना वाले 20 अलग-अलग कोर्सेज को मान्यता दी थी। अब इसमें वोकेशनल कोर्सेज को भी जोड़ा गया है। ऐसे में हुनर और तकनीक आधारित पढ़ाई कर रहे छात्रों का अग्निवीर भर्ती में शामिल होने का रास्ता साफ हो गया है।

लाखों उम्मीदवारों को मिली नई उम्मीद

एक्सपर्ट्स मानते हैं कि सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट और रिन्यूएबल एनर्जी जैसे विषयों के एक्सपर्ट्स के आने से सेना के तकनीकी संचालन और डेटा मैनेजमेंट में काफी मदद मिलेगी। ऐसे में ये बदलाव लाखों उम्मीदवारों के लिए नई उम्मीद लेकर आया है।

कुसुम भट्ट
कुसुम भट्ट author

टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बतौर एजुकेशन जर्नलिस्ट कार्यरत कुसुम भट्ट शिक्षा जगत से जुड़ी हर छोटी-बड़ी हलचल पर पैनी नजर रखती हैं। मास्टर्स इन मास कम्... और देखें

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