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JEE फेल होने पर टूटा सपना! 400 कंपनियों से रिजेक्ट होने के बाद फिर कैसे मिली Google में नौकरी ?

जेईई फेल लड़के को लगता था IIT JEE का पेपर क्लीयर कर जिंदगी में सबकुछ बदल जाएगा। चलिये बात करते हैं जेईई को छोड़कर गूगल के साथ काम करने वाले इस लड़के के बारे में...

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Abhijay Arora success story

Abhijay Arora success story : एक भारतीय लड़के का JEE में फेल होने से लेकर YouTube में प्रोडक्ट मैनेजर बनने तक का सफर सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। YouTube में अब प्रोडक्ट मैनेजर के तौर पर काम कर रहे अभिजय अरोड़ा की कहानी लाखों युवाओं के लिए किसी प्रेरणा से कम नहीं है। दूसरे छात्रों की तरह इस लड़के ने भी कई साल बड़े एग्जाम की तैयारी की और उसने लगता था कि IIT JEE का पेपर क्लीयर कर जिंदगी में सबकुछ बदल जाएगा। लेकिन उसके बाद जो हुआ, वो वाकई एक कहानी बन गया। चलिये बात करते हैं जेईई को छोड़कर गूगल के साथ काम करने वाले इस लड़के के बारे में...

खूब वायरल हो रही ये कहानी

ये कहानी इन दिनों 'Humans of Bombay' पर पर आने के (abhijay arora) बाद खूब शेयर की जा रही है। कई दूसरे छात्रों की तरह अरोड़ा भी एक पेपर की तैयारी कर रहे थे। मां ने उन्हें और उनके भाई-बहनों को अकेले ही पाला पोसा। उनकी पढ़ाई-लिखाई में पूरा साथ देती थीं। बेटा जब JEE की तैयारी कर रहा था तो वो सुबह 4 बजे उठकर चाय बनाती थीं ताकि बेटा जागकर पढ़ाई कर सके।

आज अभिजय अरोड़ा यूट्यूब में प्रोडक्ट मैनेजर जैसे सीनियर पद पर तैनात हैं लेकिन यहां तक पहुंचने के लिए उन्होंने जो भी झेला, वो वाकई छात्रों के लिए प्रेरणा है। अभिजय बताते हैं कि साल 2012 में जब उन्होंने अपने नाम के आगे Failed देखा तो लगा कि जैसे उन्होंने अपनी मां के हर बलिदान को धोखा दिया है। मां ने पढ़ाई की तैयारी के दौरान जो बलिदान दिया, उन्हें लगा कि वो सब उन्होंने खराब कर दिया है।

90 दिन का था टाइम

इसके बाद अभिजय चाहते तो दोबारा पेपर भी दे सकते थे लेकिन उन्होंने बजाय इसके अपने लिये एक अलग ही रास्ता चुना। उकी कहानी में नया मोड़ तब आया जब उन्होंने रातोंरात मिलने वाली सफलता से हटकर छोटी-छोटी जीत पर ध्यान दिया। उनके स्वभाव में हार मान लेना नहीं था। वे IIT बेंगलोर गए और एक हैकाथन जीता। फिर मलेशिया में एक नौकरी भी हासिल की। लेकिन एक सपना था गूगल में नौकरी पाने का। लोग कहते थे कि बिना IIT टैग लिए हार्वर्ड या गूगल जाना नामुमकिन है लेकिन अभिजय 1 करोड़ का लोन लेकर निकल पड़े हार्वर्ड के लिए। हार्वर्ड से उन्होंने ग्रेजुएशन पूरी की। मार्केट खराब था। ऐसे में उनके पास सिर्फ 90 दिन थे नौकरी ढूंढने या फिर देश छोड़ने के लिए। लेकिन यहां पत्नी ने उनका खूब साथ दिया और घर की जिम्मेदारी अपने कंधों पर ली।

अभिजय अरोड़ा ने कैसे पाया ये मुकाम ?

abhijay arora

इसके बाद उन्होंने अपने हुनर का इस्तेमाल करते हुए एक खुद का AI बेस्ड टूल बनाया। सोशल मीडिया पर उन्होंने इस टूल से जुड़ा कंटेंट बनाना शुरू किया। इसके बाद गूगल की टीम की उनपर नजर पड़ी और उन्हें यहां प्रोडक्ट मैनेजर की नौकरी मिल गई। अब अभिजय का एक वीडियो खूब वायरल हो रहा है, जिसमें वे अपनी मां को अपने ऑफिस लेकर गए। उन्होंने धीमी आवाज में अपने बेटे को कहा कि Proud of you, beta.

Kusum Bhatt
कुसुम भट्टauthor

टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बतौर एजुकेशन जर्नलिस्ट कार्यरत कुसुम भट्ट शिक्षा जगत से जुड़ी हर छोटी-बड़ी हलचल पर पैनी नजर रखती हैं। मास्टर्स इन मास कम्युनिकेशन की डिग्री प्राप्त करने के बाद वह पिछले 5 सालों से एजुकेशन बीट को मजबूती से संभाल रही हैं। कुसुम को खबरों को सबसे पहले ब्रेक करने, विषय की गहराई में जाकर स्टोरी तैयार करने और युवाओं को उनके करियर से जुड़ी सटीक जानकारी देने में विशेष दक्षता प्राप्त है। कुसुम की लेखन शैली संक्षिप्त, शोध आधारित और प्रभावशाली है। वे एग्जाम टिप्स, करियर गाइडेंस, सरकारी नौकरी से जुड़ी खबरें, बोर्ड रिजल्ट और सक्सेस स्टोरीज़ जैसे विषयों पर सटीक और भरोसेमंद कंटेंट तैयार करने के लिए जानी जाती हैं। कुसुम अबतक पांच हजार से अधिक बाइलाइन रिपोर्ट पब्लिश कर चुकी हैं। उन्हें ब्लॉगिंग, वेब स्टोरीज और ट्रेंडिंग एजुकेशनल टॉपिक्स पर काम करने का खास शौक है। उनका मानना है कि – "शिक्षा सिर्फ करियर का माध्यम नहीं, बल्कि सोच और समाज दोनों को बदलने की शक्ति रखती है।"

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