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Medical College in India: देश में खुले 43 नए मेडिकल कॉलेज, 11,682 बढ़ी MBBS की सीटें, बेहतर होगी स्वास्थ्य सेवाएं

Medical College in India: शैक्षणिक सत्र 2025-26 में केंद्र सरकार ने देशभर में 43 नए मेडिकल कॉलेज स्थापित किए थे। जिसके कारण इस शैक्षणिक सत्र में एमबीबीएस की सीटों में 11682 की वृद्धि हुई है। इससे डॉक्टरों की कमी भी दूर होगी और दूरदराज के इलाकों में स्वास्थ्य सेवाएं पहुंच पाएंगी।

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देश में खुले 43 नए मेडिकल कॉलेज (Photo- Canva)

Medical College in India: देश में मेडिकल की शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर और मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार ने मंगलवार को राज्यसभा में एक महत्वपूर्ण जानकारी शेयर की है, जो छात्र मेडिकल की पढ़ाई करना चाहते हैं, यह उनके लिए बड़ी खबर मानी जा रही है। केंद्र सरकार ने बताया कि शैक्षणिक वर्ष 2025-26 के दौरान देशभर में करीब 43 नए मेडिकल कॉलेज स्थापित किए गए। बता दें कि इससे मेडिकल की सीटों में इजाफा होगा और डॉक्टर बनने वाले कई छात्रों को अपना सपना पूरा करने का अवसर मिलेगा। इतना ही नहीं इससे दूरदराज के इलाकों में स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर होगी।

राज्यसभा में केंद्र सरकार ने लिखित प्रश्न का उत्तर देते हुए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने आंकड़ों की पुष्टि करते की और कहा कि राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (NMC) के आंकड़ों के अनुसार, देशभर में इसी शैक्षणिक सत्र से 1,682 MBBS और 8,967 पीजी सीटों को मंजूरी दी है। नए मेडिकल कॉलेज से न मेडिकल की सीटों में वृद्धि तो हुई है, बल्कि इससे डॉक्टरों की कमी भी दूर होगी।

नए कॉलेज की मंजूरी कैसे मिलती है?

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने मेडिकल कॉलेज की स्थापना और सीटों की बढ़ोतरी की प्रक्रिया को पूरी तरह से पारदर्शी बताया है। अनुप्रिया पटेल ने बताया कि नए कॉलेज और सीटों के लिए हर साल राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (NMC) ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित करता है। आवेदन की जांच की जाती है और सख्त मानकों का पालन करते हुए मंजूरी दी जाती है। जानकारी के लिए बता दें कि नए कॉलेज को मंजूरी चिकित्सा संस्थान स्थापना, मूल्यांकन और रेटिंग विनिमय 2023, स्नातक पाठ्यक्रमों के लिए न्यूनतम मानक आवश्यकता 2023, स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के लिए न्यूनतम मानक आवश्यकता 2023 जैसे मानदंडों के तहत फैकल्टी, उपकरणों और बुनियादी ढ़ांचों के मूल्यांकन के बाद एलओपी जारी की जाती है। इस दौरान जो इन मानदंडों को पूरा कर पाते हैं, उन्हें एलओपी मिलती है जो नहीं कर पाते हैं उन्हें एलओडी यानी अस्वीकृति पत्र दिया जाता है।

मेडिकल कॉलेज के लिए निर्माण के लिए राज्य के साथ फंड का बंटवारा

बता दें कि मेडिकल कॉलेज के निर्माण में आने वाले खर्च का वहन कोई एक सरकार नहीं बल्कि राज्य और केंद्र सरकार मिलकर वहन करती है। खर्च का वहन 60:40 के अनुपात से किया जाता है। इसमें 60 प्रतिशत खर्च केंद्र सरकार द्वारा और 40 प्रतिशत खर्च राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाता है।

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Varsha Kushwaha
varsha kushwaha author

वर्षा कुशवाहा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की एजुकेशन डेस्क पर बतौर कॉपी एडिटर कार्यरत हैं और पिछले 5 वर्षों से मीडिया में सक्रिय हैं। जर्नलिज़्म में पोस्... और देखें

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