दिल्ली

सांसों पर पहरा अब और नहीं, प्रदूषण पर सुप्रीम कोर्ट में हर महीने कम से कम दो बार होगी सुनवाई

दिल्ली-एनसीआर में हर साल सर्दियों में प्रदूषण एक बड़ी समस्या बनकर सामने आता है। अक्टूबर से फरवरी के बीच प्रदूषण को लेकर खूब बात होती है। धरने-प्रदर्शन भी होते हैं और सुप्रीम कोर्ट तक में चिंता जाहिर की जाती है। अब सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि महीने में कम से कम दो बार इस मुद्दे पर सुनवाई होगी।

Supreme Court SCIGOV

प्रदूषण पर महीने में कम से कम दो बार होगी सुनवाई

दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण बड़ी समस्या है। हर साल प्रदूषण को लेकर खूब हल्ला होता है। सरकार की तरफ से भी कई तरह के कदम उठाने की बात कही जाती है। पराली या कूड़ा जलाने पर जुर्माना लगाने का भी प्रावधान है, लेकिन प्रदूषण कम होने का नाम नहीं ले रहा। ऐसे में मामला सुप्रीम कोर्ट तक भी पहुंच चुका है। अब सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि इस मुद्दे पर रेगुलर सुनवाई होगी।

CJI सूर्यकांत ने आज यानी सोमवार 1 दिसंबर को प्रदूषण के मामले में कहा कि दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण का मामला आमतौर पर अक्टूबर में लिस्ट होता है, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर रेगुलर सुनवाई होगी। अदालत हर महीने कम से कम दो बार इस मुद्दे पर सुनवाई करेगी।

मुख्य न्यायाधीश ने पूछा कि साइंटिफिक एनालिसिस के अनुसार, सबसे ज्यादा प्रदूषण किस वजह से हो रहा है? हम पराली जलाने पर कमेंट नहीं करना चाहते, क्योंकि अदालत में उनका प्रतिनिधित्व मुश्किल से होता है। उन्होंने कहा, कोविड काल में भी पराली जल रही थी, लेकिन लोगों को फिर भी साफ नीला आसमान क्यों दिख रहा था? इसलिए पराली जलाने के मुद्दे को बेवजह राजनीतिक मुद्दा या ईगो का मुद्दा नहीं बनना चाहिए। किसान जो कुछ भी जला रहा है, वह भी एक संपत्ति है।

ये भी पढ़ें - इन शहरों में पहुंचकर आपको भी लगेगा जैसे यूरोप में हैं, देखें खूबसूरत तस्वीरें

CJI ने CAQM से पूछा कि प्रदूषण को लेकर उसका शॉर्ट टर्म प्लान क्या है? CAQM की तरफ से कहा गया कि वो शॉर्ट टर्म प्लान को लेकर हलफनामा दाखिल कर चुकी है। ASG एश्वर्या भाटी ने कहा कि हम सभी अथॉरिटी- हरियाणा, पंजाब, CPCB सभी की रिपोर्ट के आधार पर एक्शन टेकन रिपोर्ट फाइल कर सकते हैं।

CJI ने कहा कि हम हाथ पर हाथ धरकर नहीं बैठ सकते, कोर्ट सभी स्टेकहोल्डर्स को बैठकर सोचने-समझने के लिए एक प्लेटफॉर्म जरूर दे सकता है। CJI ने CAQM से कहा कि वो एक हफ्ते के अंदर पराली जलाने के अलावा दूसरे कारणों को रोकने के लिए उठाए गए असरदार उपायों पर एक रिपोर्ट जमा करें। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में अगली सुनवाई 10 दिसंबर को होगी।

लेटेस्ट न्यूज

गौरव श्रीवास्तव
गौरव श्रीवास्तव Author

टीवी न्यूज रिपोर्टिंग में 10 साल पत्रकारिता का अनुभव है। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट से लेकर कानूनी दांव पेंच से जुड़ी हर खबर आपको इस जगह मिलेगी। साथ ही चुना... और देखें

End of Article