जिन शहरों की हम बात कर रहे हैं, अगर आप इन सर्दियों में उन शहरों का दौरा करेंगे तो गर्मागर्म चाय, कॉफी और हॉट चॉकलेट का लुत्फ लेते हुए आपको एहसास होगा कि आप यूरोप में हैं। हालांकि, इस खूबसूरती को निहारने के लिए आपको यूरोप जाने की जरूरत नहीं है। अपने देश में ही यह जगहें मौजूद हैं।
उत्तराखंड में लांढौर एक ऐसी जगह है, जहां पर देवदार के घने जंगल हैं, प्रदूषण नहीं होने के कारण सूरज की किरणें सीधे पड़ती हैं और दिन में ठंड का एहसास नहीं होता। इसके अलावा यहां पर अंग्रेजों के समय के कॉटेज आपको यूरोप का एहसास देंगे। सुबह के कोहरे में ढके पहाड़ों की लुकाछिपी के साथ यहां के कैफे में चाय-कॉफी के साथ ताजा रोल्स का लुत्फ ले सकते हैं।
चर्च से आती घंटी की आवाज, यहां वादियों में चिड़ियों की चहचहाट के साथ अद्भुत संगम करती है। शाम को सूर्यास्त के समय जब आसमान तांबई हो जाता है, तब लाल टिब्बा पर चाय-कॉफी का लुत्फ लेते हुए दून वैली के दर्शन कर सकते हैं। दिसंबर से फरवरी के बीच यह जगह बहुत खूबसूरत लगती है।
तीस्ता नदी के ऊपरी हिस्से में बसे कलिम्पॉन्ग में बादल काफी करीब दिखते हैं। ऐसा लगता है , जैसे उन्हें छू लेंगे। कलिम्पॉन्ग में ब्रिटिश स्कूल और ऑर्चिड नर्सरी के साथ ही घना जंगल भी है, जहां की खूबसूरती आपको अपनी ओर खींचती है।
कलिम्पॉन्ग में मॉर्गन हाउस भी है, जिसे भूतिया घर माना जाता है। नवंबर से जनवरी के बीच यहां आएं तो कैफे की बड़ी सी खिड़की से घाटी की खूबसूरती को निहारते हुए दार्जिलिंग टी का लुत्फ ले सकते हैं।
ऑरोविले किसी मेडिटेरेनियन शहर जैसा दिखता है। सुनहरे रंग में रंगे यहां के घर की दीवारों पर बोगनविलिया की बेल दिखती है और यहां की बेकरीज में सॉफ्ट क्रोइसैन्ट परोसी जाती है। यह सब आपको पेरिस की याद दिलाएंगे।
ऑरोविले भले ही देखने में आपको मेडिटेरेनियन शहर जैसा लगे, लेकिन यह है अपने देश में ही। यहां पर आध्यात्मिक, कलात्मक और सादा जीवन देखने को मिलता है। नवंबर से फरवरी के बीच यहां आएं तो किराए पर बाइक लेकर शहर को करीब से देखें और समुद्र किनारे सूर्यास्त का लुत्फ लें।
खजियार को मिनी स्विटजर्लैंड भी कहा जाता है। यहां दूर-दूर तक घास के मैदान फैले हुए हैं। लंबे-लंबे चीड़ के पेड़ हैं और बर्फबारी यहां किसी भी चीज को जैसे परियों की कहानी में बदल देती है।
दिसंबर से फरवरी के बीच खजियार आने का सबसे अच्छा समय है। घास के मैदान के बाहर लकड़ी की बाढ़ लगाई गई है और अगर आप सुबह जल्द उठ जाते हैं तो आप यहां बर्फ के बीच घोड़ों को चारा खाते हुए भी देख सकते हैं।
कुर्ग जैसी खूबसूरती आपको कहीं देखने को नहीं मिलेगी। यहां चाय के बागानों के बीच, जब आपकी सुबह होती है तो रोस्टेड बीन्स की खुशबू आपका मन मोह लेती है। यहां आप किसी हेरिटेज होमस्टेड में ठहरें और वैली के शानदार नजारे का लुत्फ लें।
कुर्ग आने का सबसे अच्छा समय तो नवंबर से जनवरी के बीच ही है। यहां सुबह नाश्ते के साथ वैली का नजारा और गर्मागर्म कॉफी आपके अनुभव को कई गुना बढ़ा देगा।