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दिल्ली के छोटे कारोबारियों को बड़ी राहत, अब बिना गारंटी '10 करोड़ रुपये' तक मिलेगा व्यापार के लिए कर्ज

यह योजना न केवल उद्यमियों के लिए बैंक लोन की प्रक्रिया को आसान बनाएगी, बल्कि बैंकों के जोखिम को भी काफी हद तक कम करेगी। इससे बैंक बिना किसी झिझक के छोटे कारोबारियों और स्टार्टअप्स को ऋण उपलब्ध करा सकेंगे।

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दिल्ली के छोटे कारोबारियों को बड़ी राहत

राजधानी दिल्ली में छोटे, सूक्ष्म और मध्यम कारोबारियों के लिए एक नई आर्थिक राह खुल गई है। दिल्ली सरकार और सीजीटीएमएसई (क्रेडिट गारंटी फंड ट्रस्ट फॉर माइक्रो एंड स्मॉल एंटरप्राइसेस) के बीच दिल्ली क्रेडिट गारंटी स्कीम को लेकर ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।

इस योजना के तहत अब दिल्ली के उद्यमियों को बिना किसी गारंटी या गिरवी के 10 करोड़ रुपये तक का ऋण मिल सकेगा। मुख्यमंत्री ने इसे छोटे कारोबारियों की सबसे बड़ी समस्या पूंजी की कमी का स्थायी समाधान बताया। यह योजना न केवल उद्यमियों के लिए बैंक लोन की प्रक्रिया को आसान बनाएगी, बल्कि बैंकों के जोखिम को भी काफी हद तक कम करेगी। इससे बैंक बिना किसी झिझक के छोटे कारोबारियों और स्टार्टअप्स को ऋण उपलब्ध करा सकेंगे।

CM ने कहा कि यह पहल दिल्ली के व्यापारिक माहौल को मजबूत करेगी, नए रोजगार पैदा करेगी और राजधानी की अर्थव्यवस्था को और अधिक समावेशी बनाएगी।

95 प्रतिशत तक सरकारी गारंटी, बैंकों का जोखिम सिर्फ 5 प्रतिशत

मुख्यमंत्री ने बताया कि इस योजना के तहत लोन की 75 से 90 प्रतिशत राशि सीजीटीएमएसई द्वारा कवर की जाएगी, जबकि 5 से 20 प्रतिशत तक की गारंटी दिल्ली सरकार देगी। इस तरह कुल मिलाकर बैंकों को दिए जाने वाले ऋण पर 95 प्रतिशत तक की सरकारी सुरक्षा मिलेगी, जिससे बैंकों का जोखिम न्यूनतम रह जाएगा।

इस योजना में मैन्युफैक्चरिंग, सर्विस, रिटेल, शिक्षा, प्रशिक्षण संस्थान सहित विभिन्न क्षेत्रों के कारोबार शामिल किए गए हैं। सरकार ने इसके लिए 50 करोड़ रुपये का विशेष फंड बनाया है, जिसके माध्यम से बैंक करीब 2,500 करोड़ रुपये तक का ऋण वितरित कर सकेंगे। जरूरत पड़ने पर इस फंड को और बढ़ाया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने बताया कि योजना में 50 गुना लीवरेज रखा गया है, जिससे सीमित सरकारी निवेश के बावजूद अधिकतम लाभ सुनिश्चित किया जा सके। साथ ही वित्तीय जोखिम को नियंत्रित रखने के लिए 10 प्रतिशत एनपीए सीमा तय की गई है।

महिला उद्यमियों और नए स्टार्टअप्स को विशेष बढ़ावा

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना के जरिए नए कारोबार शुरू करने वालों और महिला उद्यमियों को विशेष सहयोग दिया जाएगा, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग उद्यमिता की ओर आगे बढ़ सकें। सरकार का लक्ष्य शुरुआती चरण में एक लाख से अधिक लोगों तक इस सुविधा को पहुंचाना है, हालांकि लाभार्थियों की संख्या पर कोई ऊपरी सीमा नहीं होगी।

भावना किशोर
भावना किशोर author

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर मूल की भावना ने देश के प्रतिष्ठित संस्थान IIMC से 2014 में पत्रकारिता की पढ़ाई की. 12 सालों से मीडिया में काम कर रही हैं. न्यू... और देखें

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