Delhi Crime: दिल्ली में हाई प्रोफाइल कबूतरबाज गैंग पकड़ा, कौन-कौन हैं शामिल ये जानकर आप हो जाएंगे हैरान

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Aug 24, 2022, 11:08 PM IST

Delhi Crime: दिल्ली पुलिस ने 4 ऐसे शातिर लोगों को पकड़ा है जो लोगों को फर्जी तरीके से कनाडा भेजने का कार्य करते थे। पूरे मामले का खुलासा एक यात्री के पास फर्जी वीजा मिलने के बाद हुआ, जिसके बाद जांच में जुटी पुलिस ने एक के बाद एक सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इस गिरोह का सरगना मर्चेंट नेवी के पूर्व नाविक है।

Delhi Crime: दिल्ली में हाई प्रोफाइल कबूतरबाज गैंग पकड़ा, कौन-कौन हैं शामिल ये जानकर आप हो जाएंगे हैरान
Photo Credit: ANI

Delhi Crime: फर्जी वीजा का इस्तेमाल कर विदेश भेजने के नाम पर लोगों से ठगी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दिल्ली पुलिस ने राज्य स्तरीय कबड्डी खिलाड़ी व एक गायक सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि, गिरफ्तार किए गए आरोपियों में राज्य स्तरीय कबड्डी खिलाड़ी और सिंगर के अलावा मर्चेंट नेवी का  पूर्व नाविक और एक डिस्क जॉकी शामिल है। गिरफ्तार चार लोगों में तीन एजेंट हैं जिनकी पहचान हरियाणा के राज्य स्तरीय खिलाड़ी अमित कुमार, स्थानीय गायक और डिस्क जॉकी योगेश कुमार के तौर पर हुई है, वहीं मर्चेंट नेवी के पूर्व नाविक वरुण चौहान भी हरियाणा का ही रहने वाला है। 

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि, इनके साथ एक यात्री अमन कुमार को भी पकड़ा गया है, जिसे फर्जी तरीके से कनाडा भेजने की कोशिश हो रही थी। पुलिस ने बताया कि, तीनों एजेंट पंजाब और हरियाणा के अपने सहयोगियों के साथ फर्जीवाड़ा कर कनाडा का वीजा प्राप्त करते थे। इन आरोपियों के एजेंट राज्यों के ग्रामीण इलाकों में सक्रिय थे और लोगों को अनुचित तरीके से विदेश में बसने में सहायता करने के नाम पर अवैध धंधा कर रहे थे। 

ऐसे हुआ पूरे मामले का खुलासा 

डीसीपी (आईजीआई एयरपोर्ट) तनु शर्मा ने बताया कि, यह मामला तब सामने आया जब आव्रजन अधिकारी सुरेंद्र सिंह तंवर ने आईजीआई एयरपोर्ट पर जांच के दौरान यात्री अमन कुमार की कनाडा का वीजा नकली पाया। जिसके बाद पूछताछ में अमन ने इस गिरोह के बारे में बताया दिया। उसने बताया कि, कनाडा का वीजा लेने के लिए उसने अमित और योगेश नामक एजेंट से 20 लाख रुपये दिए थे। डीसीप तनु शर्मा ने बताया, यह जानकारी मिलने के बाद पूरे गिरोह के भंडाफोड़ के लिए एक टीम गठित की गई, जिसने इस गिरोह का पर्दाफाश करने के लिए करीब एक माह तक काम किया और फिर आरोपियों तक पहुंची। जिसके बाद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। इस गैंग का संचालन मर्चेंट नेवी के पूर्व नाविक वरुण चौहान कर रहा था, जिसे कोलकता से गिरफ्तार किया गया। 

End of Article