Delhi Air Pollution: दिल्‍ली में सुधर नहीं रहे हालात, अब भी जहरीली बनी हुई है हवा

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Dec 2, 2021, 10:56 AM IST

Delhi air quality today: राष्‍ट्रीय राजधानी दिल्‍ली में वायु प्रदूषण की स्थिति में अब भी सुधार नहीं हुआ है। SAFAR के मुताबिक, यहां वायु गुणवत्‍ता सूचकांक (AQI) अब भी 'बहुत खराब श्रेणी में बना है।

Delhi Air Pollution: दिल्‍ली में सुधर नहीं रहे हालात, अब भी जहरीली बनी हुई है हवा
Photo Credit: ANI

नई दिल्‍ली : राष्‍ट्रीय राजधानी दिल्‍ली में बदलते मौसम के बीच वायु प्रदूषण एक बड़ी समस्‍या बनी हुई है। तमाम कोशिशों के बाद भी प्रदूषण की समस्‍या से निजात नहीं मिल पा रही है। यहां वायु प्रदूषण की गंभीर स्थिति एक बार फिर सामने आई, जब वायु गुणवत्‍ता सूचकांक (AQI) 'बहुत खराब' श्रेणी में दर्ज किया गया।

प्रदूषण की समस्‍या से निजात के लिए यहां निर्माण कार्यों पर रोक सहित कई कदम उठाए गए हैं, पर प्रदूषण की स्थिति अब भी बहुत गंभीर बनी हुई है। वायु प्रदूषण पर नजर रखने वाली केंद्र सरकार की एजेंसी सिस्टम ऑफ एयर क्वालिटी एंड वेदर फॉरकास्टिंग एंड रिसर्च (SAFAR) के अनुसार राष्‍ट्रीय राजधानी में गुरुवार सुबह वायु गुणवत्‍ता 'बहुत खराब' श्रेणी में दर्ज की गई।

यहां उल्‍लेखनीय है कि 51 और 100 के बीच के AQI को 'संतोषजनक' या 'बहुत अच्छा' माना जाता है, जबकि 101-200 को 'औसत' और 201-300 के बीच के AQI को 'खराब' श्रेणी में रखा जाता है। वहीं, 300-400 AQI को 'बहुत खराब' और 401-500 के बीच के AQI को 'खतरनाक' श्रेणी में रखा जाता है।

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई

दिल्‍ली में प्रदूषण की स्थिति पर सुप्रीम कोर्ट ने भी दखल दिया है, जिसमें इसे लेकर आज (2 दिसंबर, गुरुवार) अहम सुनवाई होनी है। कोर्ट ने पिछले दिनों यहां वायु प्रदूषण की गंभीर स्थिति को देखते हुए निर्माण कार्यों पर रोक लगा दी थी, जिसकी अनुमति दिल्‍ली सरकार ने कुछ दिनों की पाबंदियों के बाद दी थी।

दिल्‍ली में पॉल्‍यूशन को देखते हुए करीब दो सप्‍ताह के लिए स्‍कूल भी बंद किए जा चुके हैं और सरकारी कर्मचारियों को घर से काम करने को कहा गया था। हालांकि स्‍कूल अब खोल दिए गए हैं और दफ्तरों में भी सामान्‍य तरीके से कामकाज जारी है। सुप्रीम कोर्ट की आज की सुनवाई में यहां निर्माण कार्यों पर लगी पाबंदियों को लेकर अहम फैसला आने की उम्‍मीद की जा रही है।

End of Article