Chirag Tyagi Murder: गाजियाबाद में 25 वर्षीय पैरा एथलीट चिराग त्यागी की चौंकाने वाली हत्या के पीछे का सच सामने आ गया है जिससे हर किसी के होश उड़ गए हैं। हत्या के मकसद और हत्यारोपी की जानकारी पुलिस ने सार्वजनिक कर दी है। हाल ही में आयोजित इंडियन ओपन पैरा एथलेटिक्स इंटरनेशनल चैंपियनशिप में 400 मीटर दौड़ के विजेता चिराग त्यागी शनिवार को कोटवाली पुलिस स्टेशन क्षेत्र के साई उपवन में मृत पाए गए थे। चिराग की गोली मारकर हत्या की गई थी।
यश खटीक ने बदला लेने के लिए की हत्या
पुलिस ने बताया कि आरोपी यश खटीक है, और वह भी एक पैरालंपिक एथलीट है। उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। डीसीपी सिटी धवल जायसवाल ने पत्रकारों को बताया, प्रथम दृष्टया यह मामला हत्या का लगता है। सीसीटीवी फुटेज में एक संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। उसने हत्या का जुर्म कबूल कर लिया है। आरोपी की पहचान यश खटीक के रूप में हुई है।
अधिकारियों का कहना है कि यह हत्या बदला लेने के उद्देश्य से की गई। चिराग ने यश खटीक के दस्तावेज सत्यापन को लेकर एक शिकायत की थी, जिसके बाद उसकी योग्यता रद्द हो गई थी। इसके बाद से ही प्रतिशोध में यह हत्या की। पूछताछ के दौरान खटीक ने बताया कि वह पहले चिराग त्यागी के साथ प्रैक्टिस करता था और दोनों ने दृष्टिबाधित वर्ग में एथलेटिक्स में भाग लिया था।
चिराग ने यश के दस्तावेजों की शिकायत की थी
खटीक ने दावा किया कि चिराग त्यागी ने उसके दस्तावेजों को लेकर उसके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके कारण उसकी योग्यता रद्द कर दी गई थी। खबरों के मुताबिक, खटीक इस बात से नाराज था और बदला लेना चाहता था। पुलिस ने बताया कि हत्या में इस्तेमाल किए गए हथियार को बरामद करने के लिए टीमें तैनात कर दी गई हैं। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इस घटना में कोई और भी शामिल था।
जश्न मनाने के लिए घर गया था चिराग
मोदीनगर के साथली गांव का रहने वाला चिराग त्यागी दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम एसएआई सेंटर के हॉस्टल में रहता था और चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने के बाद एशियाई पैरा गेम्स के लिए क्वालीफाई करने का जश्न मनाने के लिए घर गया था। सीसीटीवी फुटेज से पता चला कि वह सुबह करीब 9:12 बजे जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम एसएआई सेंटर के हॉस्टल से निकला था। हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि वह गाजियाबाद कब पहुंचा, लेकिन राहगीरों ने शनिवार को रात करीब 12:30 बजे साई उपवन जंगल में उसका शव पाया।
उसका मोबाइल फोन बज रहा था। एक राहगीर ने कॉल उठाया और दूसरी तरफ चिराग की प्रेमिका थी। उसने उसे घटना की जानकारी दी, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। उसके शरीर और चेहरे पर चोट के निशान थे, और कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया है कि उसे पीठ में सुई से भी मारा गया था और बिजली का झटका भी दिया गया था।
